देश की खबरें | बायोकॉन बायोलॉजिक्स रिश्वतखोरी मामले में आरोपियों से अब तक पूछताछ नहीं कर सकी सीबीआई

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. बायोकॉन बायोलॉजिक्स के एक वरिष्ठ अधिकारी से कथित रूप से जुड़े सीडीएससीओ रिश्वतखोरी मामले में छह दिन के बाद भी सीबीआई गिरफ्तार किये गये आरोपियों से पूछताछ नहीं कर सकी है और एजेंसियों के अधिकारियों को आशंका है कि इस देरी से जांच प्रभावित हो सकती है।

नयी दिल्ली, 27 जून बायोकॉन बायोलॉजिक्स के एक वरिष्ठ अधिकारी से कथित रूप से जुड़े सीडीएससीओ रिश्वतखोरी मामले में छह दिन के बाद भी सीबीआई गिरफ्तार किये गये आरोपियों से पूछताछ नहीं कर सकी है और एजेंसियों के अधिकारियों को आशंका है कि इस देरी से जांच प्रभावित हो सकती है।

यहां की एक विशेष अदालत ने केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) के एक संयुक्त औषधि नियंत्रक समेत सभी पांच आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा था। उन्हें टाइप-1 और टाइप-2 के मधुमेह के इलाज के लिए ‘इन्सुलिन एस्पार्ट’ इंजेक्शन के तीसरे चरण के क्लीनिकल परीक्षण से बायोकॉन बायोलॉजिक्स को छूट देने के लिए कथित रूप से रिश्वत लेने के मामले में गिरफ्तार किया गया था।

सूत्रों ने बताया कि सीबीआई अधिकारी इस बात से निराश हैं कि अदालत ने हिरासत में आरोपियों को देने की उनकी अर्जी दो बार खारिज कर दी है। उन्होंने कहा कि इस मामले में गिरफ्तारी के बाद तत्काल पूछताछ करना एजेंसी के लिए बहुत जरूरी है ताकि आरोपियों को अपने बचाव में बहाने सोचने का अवसर नहीं मिले।

सूत्रों के अनुसार सीबीआई की हिरासत में पूछताछ संबंधी याचिका पर विशेष अदालत मंगलवार को सुनवाई करेगी।

सीबीआई ने संयुक्त औषधि नियंत्रक एस ईश्वर रेड्डी, बायोकॉन बायोलॉजिक्स के एसोसिएट उपाध्यक्ष एल प्रवीण कुमार और तीन अन्य लोगों को 21 जून को गिरफ्तार किया था। उन्हें नौ लाख रुपये की रिश्वत के लेनदेन से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया गया था।

बायोकॉन बायोलॉजिक्स किरण मजूमदार शॉ की कंपनी बायोकॉन की अनुषंगी कंपनी है। उसने रिश्वतखोरी के आरोपों से इनकार किया है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

संबंधित खबरें