देश की खबरें | मंत्रिमंडल ने एसएनबीएनसीबीएस और आईएफडब्ल्यू ड्रेस्ट ई वी के बीच क्वांटन सामग्री के क्षेत्र में एमओयू को मंजूरी दी

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारत के एस एन बोस नेशनल सेंटर फॉर बेसिक साइंसेज (एसएनबीएनसीबीएस) और जर्मनी स्थित लाइबनिज-इंस्टीट्यूट फार फेस्टकोर्पर एंड वेर्कस्टऑफफोर्सचुंग ड्रेसडेन ई.वी. (आईएफडब्ल्यू ड्रेस्ड ई.वी.) के बीच नवीन चुंबकीय और संस्थानिक क्वांटम सामग्री के क्षेत्र में समझौता ज्ञापन को बुधवार को मंजूरी दे दी ।

नयी दिल्ली, 8 जून केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारत के एस एन बोस नेशनल सेंटर फॉर बेसिक साइंसेज (एसएनबीएनसीबीएस) और जर्मनी स्थित लाइबनिज-इंस्टीट्यूट फार फेस्टकोर्पर एंड वेर्कस्टऑफफोर्सचुंग ड्रेसडेन ई.वी. (आईएफडब्ल्यू ड्रेस्ड ई.वी.) के बीच नवीन चुंबकीय और संस्थानिक क्वांटम सामग्री के क्षेत्र में समझौता ज्ञापन को बुधवार को मंजूरी दे दी ।

सरकारी बयान के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में इस आशय के प्रस्ताव को मंजूरी दी । इसका उद्देश्य नवीन चुंबकीय और संस्थागत क्वांटम सामग्री के क्षेत्र में वैज्ञानिक सहयोग करना है।

इसमें कहा गया है कि क्वांटम सामग्री पर शोध ने दुनिया भर का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है क्योंकि इनकी क्षमता पर भविष्य की क्वांटम प्रौद्योगिकी का विकास निर्भर है।

इस संयुक्त उद्यम का लक्ष्य भारत-जर्मन सहयोग को बढ़ावा देना, अवसर प्रदान करना और चुंबकीय और संस्थागत क्वांटम सामग्री के क्षेत्र में ज्ञान की उन्नति को सुगम बनाना है।

बयान के अनुसार, इसके तहत सहयोग में विशेष रूप से प्रयोगात्मक और संगणन योग्य संसाधनों को साझा करना, तकनीकी और पेशेवर समर्थन का आदान-प्रदान और सहयोगी अनुसंधान के लिए संकाय, शोधकर्ताओं का आदान-प्रदान करना आदि शामिल होंगे।

एस एन बोस नेशनल सेंटर फॉर बेसिक साइंसेज (एसएनबीएनसीबीएस) एक स्वायत्त अनुसंधान संस्थान है, जिसकी स्थापना 1986 में एक पंजीकृत सोसायटी के रूप में विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार के तहत की गई थी।

वहीं, आईएफडब्ल्यू एक अनुसंधान संस्थान है । यह नवीन सामग्री और उत्पादों के तकनीकी विकास के साथ भौतिकी, रसायन विज्ञान और सामग्री विज्ञान में खोजपूर्ण अनुसंधान का संयोजन करता है।

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