जरुरी जानकारी | 500 करोड़ रुपये से अधिक कारोबार वाले व्यवसायों को बी2बी सौदों के लिए निकालना होगा ई-चालान

नयी दिल्ली, 31 जुलाई केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने कहा है कि 500 करोड़ रुपये और उससे अधिक कारोबार वाले व्यवसायियों को दूसरे व्यवसायों के साथ होने वाले सभी सौदों (बी2बी सौदे) के लिए एक केंद्रीकृत सरकारी वेबसाइट से ई-चालान निकालना होगा। यह केन्द्रीकृत पोर्टल एक अक्टूबर से शुरू होगा।

सीबीआईसी ने जीएसटी के तहत ई-चालान के मौजूदा फार्म को हटाकर संशोधित प्रारूप को अधिसूचित किया है और साथ ही उन कारोबारियों के लिये कारोबार की सीमा भी बढ़ा दी है जिन्हें बी2बी लेनदेन के लिये ई- चालान यानी बिल निकालना है।

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इसके साथ ही एक अक्टूबर 2020 से 500 करोड़ रुपये या उससे अधिक के कारोबार वाले जीएसटी पंजीकृत व्यवसायों को ई-चालान का इस्तेमाल लागू हो जायेगा।

हालांकि, इसके साथ ही सेज इकाइयों को ई-चालान की प्रक्रिया से बाहर रखा गया है।

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ई-चालान का मकसद नकली बिलों के जरिये जीएसटी चोरी को रोकना है। साथ ही इससे रिटर्न दाखिल करने की प्रक्रिया आसान होगी, क्योंकि चालान अथवा बिल पहले ही केंद्रीकृत वेबसाइट पर उपलब्ध होंगे।

सरकार ने पिछले साल नवंबर में कहा था कि 100 करोड़ रुपये के टर्नओवर वाले व्यवसायों के लिए एक अप्रैल 2020 से इलेक्ट्रॉनिक चालान (ई-चालान) अनिवार्य होगा। बाद में मार्च 2020 में जीएसटी परिषद ने इसे लागू किए जाने की तारीफ को एक अक्टूबर तक बढ़ा दिया था।

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