श्रीनगर, छह फरवरी नेशनल कॉन्फ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने सोमवार को कहा कि जम्मू-कश्मीर प्रशासन को सरकारी जमीनों को कब्जे से मुक्त कराने के लिए चलाए जा रहे अतिक्रमण रोधी अभियान पर रोक लगानी चाहिए और लोगों को संबंधित संपत्तियों पर अपना दावा साबित करने का मौका दिया जाना चाहिए।
अब्दुल्ला ने यहां पत्रकारों से कहा, ‘‘बुलडोजर सरकार का पहला विकल्प नहीं हो सकता। लोगों को परेशान करना सरकार का काम नहीं है। उसका काम लोगों के जख्मों पर मरहम लगाने का होता है।’’
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी पार्टी सरकारी जमीनों पर कब्जे के खिलाफ है, लेकिन प्रशासन को अतिक्रमण हटाने के दौरान तय कानूनी प्रक्रिया का पालन करना चाहिए।
सोशल मीडिया पर प्रसारित कथित अतिक्रमणकारियों की सूचियों पर अब्दुल्ला ने कहा कि उन्हें गुपकर रोड पर स्थित अपना पैतृक मकान उस सूची में शामिल होने की आशा नहीं थी, क्योंकि उसका पट्टा अभी चल रहा है।
उन्होंने सवाल किया, ‘‘मेरी बहन इस मामले में उच्च न्यायालय गयीं, जहां सरकार के वकीलों ने बताया कि सार्वजनिक मंचों पर उपलब्ध सूचियां फर्जी हैं। ऐसे में फिलहाल किस आधार पर बुलडोजर चल रहे हैं?’’
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां भी ध्वस्तीकरण हो रहा है, वहां के लिए कोई छानबीन नहीं हुई है और मीडिया को पहले ही सूचना दे दी गई, लेकिन वहां रहने वालों को सूचित नहीं किया गया।
अब्दुल्ला ने कहा कि आरोप लग रहे हैं अधिकारी अवैध रूप से लाभ कमाने के लक्ष्य से अतिक्रमण रोधी अभियान चला रहे हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘हमारे पास सूचना है कि इन सूचियों में जिनके नाम हैं उनसे नाम हटवाने के एवज में 1.5 लाख रुपये मांगे जा रहे हैं। ये वैसे लोग हैं जिनकी संपत्ति का पट्टा चल रहा है या जिनके पास उसका मालिकाना हक है, इसके बावजूद उन्हें बिना किसी कागजात के ध्वस्तीकरण का सामना करना पड़ रहा है।’’
उन्होंने कहा कि सरकार को अतिक्रमण रोधी अभियान रोक देना चाहिए और जिन लोगों ने सरकारी जमीनों पर अवैध रूप से कब्जा किया हुआ है, उनकी सूची जारी करनी चाहिए।
वहीं, जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने सोमवार को आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने प्रदेश को अफगानिस्तान में बदल दिया है और वह अतिक्रमण रोधी अभियान के तहत गरीब तथा वंचितों के मकान ढहाने के लिए बुलडोजर का इस्तेमाल कर रही है।
पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की प्रमुख ने यहां संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए देश में विपक्षी नेताओं से ‘‘भाजपा द्वारा किए जा रहे अत्याचारों’’ के प्रति मूकदर्शक न बने रहने की अपील भी की।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा अपने प्रचंड बहुमत का इस्तेमाल संविधान को ‘‘ढहाने’’ के लिए कर रही है।
मुफ्ती ने कहा, ‘‘फलस्तीन फिर भी बेहतर है। कम से कम लोग बात करते हैं। जिस तरीके से लोगों के मकानों को ढहाने के लिए बुलडोजर का इस्तेमाल किया जा रहा है, उससे तो कश्मीर की स्थिति अफगानिस्तान से भी बदतर हो रही है। लोगों के छोटे-छोटे मकानों को ढहाने का उद्देश्य क्या है।’’
इस बीच, कांग्रेस ने अतिक्रमण रोधी अभियान के खिलाफ जम्मू, श्रीनगर तथा केंद्रशासित प्रदेश के कई अन्य स्थानों पर प्रदर्शन किया।
श्रीनगर में कांग्रेस नेता मोहम्मद अनवार भट ने आरोप लगाया कि अतिक्रमण रोधी अभियान इसलिए शुरू किया गया ताकि भाजपा शासित केंद्र सरकार पिछले महीने हिंडनबर्ग रिपोर्ट के आने के बाद अडाणी समूह को हुए नुकसान की ‘‘भरपाई’’ के लिए उसे जमीन दे सके।
पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष सज्जाद लोन ने सरकार की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि उसकी दिलचस्पी जमीन वापस लेने से ज्यादा लोगों को अपमानित करने में है।
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