देश की खबरें | भाजपा की ‘एक देश, एक दल’ योजना नहीं की जाएगी स्वीकार : उद्धव ठाकरे

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मुंबई, नौ जुलाई शिवसेना (यूबीटी) के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने रविवार को कहा कि भाजपा की ‘एक देश, एक दल’ योजना कभी स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का ‘‘करिश्मा’’ फीका पड़ता जा रहा है।

यवतमाल जिले के दिगरास में एक रैली को संबोधित करते हुए ठाकरे ने अजित पवार धड़े के नौ राकांपा विधायकों को महाराष्ट्र सरकार में शामिल किये जाने का मुद्दा उठाया और सवाल किया कि भाजपा के दावे के अनुसार यदि सरकार के पास बहुमत है तो राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) को ‘चुराने’ की जरूरत क्या थी।

दिगरास शिवसेना विधायक और राज्य के मंत्री संजय राठौड़ का गढ़ है। राठौड़ मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के खेमे में चले गए हैं।

ठाकरे ने कहा, ‘‘एक देश, एक कानून समझा जा सकता है। लेकिन हम भाजपा की एक देश, एक दल योजना कभी स्वीकार नहीं करेंगे।’’

उन्होंने कहा कि (पिछले साल) कुछ निर्दलीय विधायकों के साथ शिवसेना के 40 विधायक भाजपा के साथ चले गये। उन्होंने सवालिया लहजे में कहा, ‘‘उन्होंने (शिवसेना के शिंदे धड़े और निर्दलीयों समेत) दावा किया कि उनकी सरकार के पास पूर्ण बहुमत है। यदि ऐसी बात है तो राकांपा को चुराने की क्या जरूरत थी?’’

पूर्व मुख्यमंत्री ठाकरे ने यह भी आरोप लगाया कि पुरानी सहयोगी भारतीय जनता पार्टी ठाकरे नहीं, खाली शिवसेना को चाहती है।

उन्होंने दावा किया, ‘‘भाजपा अब निरर्थकों की पार्टी बन गयी है।’’ उनका इशारा हाल में महाराष्ट्र में शिवसेना-भाजपा सरकार में शरद पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के नौ विधायकों के शामिल किये जाने की ओर था।

ठाकरे ने कहा कि प्रधानमंत्री का ‘‘करिश्मा’’ फीका पड़ गया है, जो हाल के कर्नाटक विधानसभा चुनाव से समझ में आ गया है।

ठाकरे ने कहा, ‘‘उन्होंने (मोदी ने) ‘बजरंग बली की जय’ का नारा जोरशोर से दिया लेकिन बजरंग बली ने पलटकर अपनी गदा से प्रहार किया तथा भाजपा का कर्नाटक में सफाया हो गया।’’

उन्होंने कहा कि एक दल से कुछ नेताओं का दूसरे दल में चला जाना समझा जा सकता है लेकिन ‘‘लोकतंत्र में पूरी पार्टी चुरा लेने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।’’

ठाकरे ने कहा, ‘‘हमने चुनाव से पहले कुछ विधायकों को एक दल से दूसरे दल में जाते हुए देखा है। लेकिन एक पूरी पार्टी को निगले जाने पर रोक लगनी चाहिए। लोकतंत्र में हर दल को अपनी राय प्रकट करने की अनुमति दी जानी चाहिए भले ही वे राजनीतिक विरोधी हों।’’

उन्होंने कहा कि एक वक्त था जब मतपत्रों के माध्यम से नयी सरकार बनती थी ‘‘लेकिन अब नयी सरकार खोखा के माध्यम से बनती है।’’

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘मध्य प्रदेश में मोदी ने कहा कि महाराष्ट्र में 70,000 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ और उन्होंने इसका ठीकरा राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी पर फोड़ा। कुछ ही दिनों में राकांपा का एक धड़ा सरकार में शामिल हो गया। अब राकांपा नेता ने प्रधानमंत्री के साथ अपना फोटा साझा किया। यह किस प्रकार का हिंदुत्व है?’’

ठाकरे ने दावा किया कि केंद्रीय गृहमंत्री ने अक्टूबर, 2019 में मुंबई में उनके आवास ‘मातोश्री’ में भेंट के दौरान अविभाजित शिवसेना के साथ ढाई-ढाई साल तक मुख्यमंत्री का पद साझा करने का वादा किया था।

उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन, 2019 में विधानसभा चुनाव के बाद उन्होंने अपना वादा कबूल करने से इनकार कर दिया, फलस्वरूप मैंने राकांपा एवं कांग्रेस के साथ हाथ मिला लिया।’’

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