देश की खबरें | भाजपा नीत उप्र सरकार महाकुंभ भगदड़ में मरने वालों की सही संख्या जारी नहीं कर रही: ममता का आरोप
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को महाकुंभ में भगदड़ पर चिंता जताते हुए आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश के अधिकारी ‘‘मौतों का सही आंकड़ा जारी नहीं कर रहे हैं।’’
कोलकाता, 12 फरवरी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को महाकुंभ में भगदड़ पर चिंता जताते हुए आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश के अधिकारी ‘‘मौतों का सही आंकड़ा जारी नहीं कर रहे हैं।’’
पश्चिम बंगाल विधानसभा में राज्य बजट पेश किए जाने के बाद एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए बनर्जी ने केंद्र द्वारा राज्य की बकाया राशि जारी न किए जाने पर अपनी निराशा व्यक्त की।
उन्होंने कहा, ‘‘महाकुंभ की घटना में इतने सारे लोग मारे गए, लेकिन वे मौतों का सही आंकड़ा जारी नहीं कर रहे हैं। उन्होंने इतना प्रचार किया कि बड़ी संख्या में लोग महाकुंभ देखने आए, लेकिन आयोजन स्थल पर उचित व्यवस्था नहीं की गई।’’
पिछले महीने महाकुंभ मेले में मची भगदड़ में कम से कम 30 लोगों की मौत हो गई थी और 60 अन्य घायल हो गए थे।
बनर्जी ने दावा किया, ‘‘केंद्र सरकार बंगाल की वैध बकाया राशि जारी करने में विफल रही है।’’ उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि राज्य सरकार अपने हक के धन को प्राप्त करने के लिए संघर्ष कर रही है।
मुख्यमंत्री ने बंगाल से संबंधित केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की टिप्पणियों पर भी प्रतिक्रिया व्यक्त की और दावा किया कि उनकी टिप्पणियां ‘पक्षपातपूर्ण’ होने के साथ ‘तथ्यों पर आधारित नहीं’ हैं।
सीतारमण ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस शोषण का पर्याय बन गई है और पार्टी ने भ्रष्टाचार को संस्थागत रूप देने के साथ ही संस्थाओं को खत्म कर दिया है।
अपने संबोधन में बनर्जी ने केंद्र सरकार पर केंद्रीय बजट में खोखले वादे करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, ‘‘केंद्रीय बजट में सिर्फ वादे होते हैं। हम अपने राजस्व से धन आवंटित करते हैं और अपने बजट में जो कहते हैं, उसे पूरा करते हैं।’’ उन्होंने राज्य के दृष्टिकोण और केंद्र की कथित अधूरी प्रतिबद्धताओं के बीच स्पष्ट अंतर को उजागर किया।
पश्चिम बंगाल की वित्त मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने बुधवार को सामाजिक कल्याण पर विशेष ध्यान देते हुए 2025-26 के लिए 3.89 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया और राज्य सरकार के कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते (डीए) में चार प्रतिशत की बढ़ोतरी की घोषणा की।
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