देश की खबरें | नफरती बयान मामले में भाजपा नेता पी सी जॉर्ज ने किया आत्मसमर्पण, पुलिस हिरासत में भेजे गए
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कोट्टायम (केरल), 24 फरवरी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता पी सी जॉर्ज ने नफरत फैलाने वाला बयान देने के मामले में सोमवार को एराट्टुपेट्टा की एक अदालत में आत्मसमर्पण किया, जहां से उन्हें आज शाम छह बजे तक के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।
जॉर्ज सुबह करीब 11 बजकर पांच मिनट पर एराट्टुपेटा मुंसिफ मजिस्ट्रेट अदालत में पेश हुए। अपराह्न 12.30 बजे मामले पर सुनवाई हुई, जिसके बाद दोनों पक्षों की दलीलें सुनी गईं।
दलीलें सुनने के बाद अदालत ने मामले की सुनवाई अपराह्न दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
जॉर्ज के वकील ने तर्क दिया कि उन्होंने धार्मिक नफरत नहीं भड़काई या धार्मिक भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचाई, तथा हिरासत में लेकर पूछताछ करने या साक्ष्य एकत्र करने की कोई आवश्यकता नहीं है।
हालांकि, अभियोजन पक्ष ने जॉर्ज के पिछले मामलों का विवरण पेश करते हुए कहा कि उन्होंने जमानत की शर्तों का उल्लंघन किया है और उनसे हिरासत में पूछताछ की जानी चाहिए।
केरल उच्च न्यायालय द्वारा जॉर्ज की अग्रिम जमानत याचिका खारिज किये जाने के बाद पुलिस जब उन्हें हिरासत में लेने पहुंची, तो उन्होंने आत्मसमर्पण कर दिया।
उच्च न्यायालय ने भाजपा नेता की याचिका खारिज करते हुए कहा कि ऐसे मामले में जमानत देने से समाज में गलत संदेश जाएगा।
पूर्व विधायक जॉर्ज पर एक टीवी चैनल पर चर्चा के दौरान अल्पसंख्यक समुदाय के खिलाफ नफरत भरा बयान देने का आरोप है।
कोट्टयम जिला सत्र अदालत द्वारा उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद उन्होंने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था।
यह मामला ‘मुस्लिम यूथ लीग’ के नेता मुहम्मद शिहाब की शिकायत पर दर्ज किया गया। शिहाब ने आरोप लगाया था कि जॉर्ज ने नफरत फैलाने वाली टिप्पणी की थी।
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