देश की खबरें | त्रिपुरा चुनाव में भाजपा गठबंधन इकाई अंक भी पार नहीं कर सकेगा : माकपा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. त्रिपुरा में त्रिशंकु विधानसभा की संभावना से इंकार करते हुये विपक्षी मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने सोमवार को दावा किया कि प्रदेश में सत्तारूढ़ भाजपा-आईपीएफटी गठबंधन आगामी चुनाव में इकाई अंक भी पार नहीं कर पायेगा।

अगरतला, छह फरवरी त्रिपुरा में त्रिशंकु विधानसभा की संभावना से इंकार करते हुये विपक्षी मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने सोमवार को दावा किया कि प्रदेश में सत्तारूढ़ भाजपा-आईपीएफटी गठबंधन आगामी चुनाव में इकाई अंक भी पार नहीं कर पायेगा।

सहयोगी कांग्रेस के साथ संवाददाता सम्मेलन में माकपा के प्रदेश सचिव जितेंद्र चौधरी ने कहा कि उनका गठबंधन विपक्षी मतों के विभाजन को रोकने के लिए टिपरा मोथा के साथ ‘‘अनौपचारिक सहमति’’ पर पहुंचने की कोशिश कर रहा है।

चौधरी ने कहा, ‘‘भाजपा अब डर से कांप रही है और एक बुरे सपने के दौर से गुजर रही है । लोग उन्हें नकार देंगे और आने वाले चुनावों में वे इकाई अंक पर सिमट कर रह जाएंगे ।’’

राज्य में बहुमत हासिल करने का भरोसा जताते हुये प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बिरजीत सिन्हा ने कहा कि जब त्रिशंकु विधानसभा की संभावना नहीं है तो ऐसे में खरीद फरोख्त का कोई सवाल ही नहीं उठता है।

उन्होंने जोर देकर कहा, ‘‘हमलोग प्रदेश में जबरदस्त बहुमत हासिल करेंगे और सरकार का गठन करेंगे ।’’

चौधरी ने कहा कि टिपरा मोथा के साथ गठबंधन एक अनौपचारिक सहमति बनाने की कोशिश कर रहा है ।

उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस और माकपा ने टिपरा मोथा के साथ एक आपसी समझ बनाने की कोशिश की थी, लेकिन इसमें विफल रहे । हमारी (टिपरा मोथा के साथ) बेहतर समझ है, इसलिये हम अनौपचारिक रूप से जहां वे मजबूत हैं, उनके उम्मीदवारों का समर्थन करने के लिये आपसी सहमति बनाने की कोशिश कर रहे हैं ।’’

उन्होंने कहा, ‘‘दूसरी ओर, हम उनका समर्थन भी हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं जहां उनके उम्मीदवार अपेक्षाकृत कमजोर हैं। यह कदम उठाया गया है ताकि विपक्षी मतों का विभाजन नहीं हो ।’’

चौधरी ने कहा कि सुशासन देने, आम लोगों के हितों की रक्षा करने और प्रति वर्ष कम से कम 50,000 नौकरी सृजित करने के वादों पर सवार होकर भाजपा 2018 में सत्ता में आई थी।

उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘लेकिन उनके पांच साल के कुशासन में सब कुछ झूठ हो गया और सरकार निरंकुश और फासीवादी नजर आने लगी।’’

चौधरी ने दावा किया कि माकपा ने लोकतंत्र को बहाल करने के लिए कांग्रेस के साथ हाथ मिलाया, हालांकि, पार्टी के साथ उनके वैचारिक मतभेद हैं।

गौरतलब है कि 60 सदस्यीय विधानसभा के लिए मतदान 16 फरवरी को होगा और मतगणना दो मार्च को होगी।

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