जरुरी जानकारी | बीआईएस ने दिल्ली में फर्जी लाइसेंस संख्या के साथ आईएसआई निशान वाले तार जब्त किए
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नयी दिल्ली, 29 जून भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) ने मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी में तारा केबल इंडस्ट्रीज से फर्जी संख्या के साथ आईएसआई निशान वाले तार जब्त किए। इन तारों पर पोलीविनायल क्लोराइड (पीवीसी) का आवरण चढ़ा था।
बीआईएस ने एक बयान में कहा कि यह 'तलाशी और जब्ती' अभियान स्थानीय पुलिस की मदद से चलाया गया।
ब्यूरो ने कहा, "अभियान के दौरान पाया गया कि तारों में बिना किसी वैध लाइसेंस के साथ आईएसआई चिह्न का इस्तेमाल किया जा रहा था, उनमें फर्जी लाइसेंस संख्या का इस्तेमाल किया जा रहा था। यह बीआईएस अधिनियम, 2016 की धारा 11, 14(6), 14 (8), 15 और 17 का उल्लंघन है।"
बयान के मुताबिक जब्त की गयी तारों की मात्रा उसे दिल्ली में हाल के वर्षों में किया गया इस तरह का सबसे बड़ा अभियान बनाती है।
यह अपराध बीआईएस अधिनियम, 2016 के तहत दंडनीय है जिसमें जुर्माना या एक साल तक का कारावास या दोनों का प्रावधान है।
बीआईएस के अनुसार बिजली से जुड़े हादसे आमतौर पर भार में वृद्धि, खराब आवरण चढ़ाने और खराब रखरखाव आदि की वजह से होते हैं। लेकिन इंटरनेशनल कॉपर एसोसिएशन ऑफ इंडिया के आंकड़ों के मुताबिक इस तरह के करीब एक-चौथाई हादसे संहिता के उल्लंघन, तारों के अपर्याप्त आकार और खराब आकार निर्धारण की वजह से होते हैं।
बीआईएस आम जनता को आईएसआई के निशान वाले उत्पाद खरीदते समय सर्तक होने की सलाह देते हैं क्योंकि फर्जी आईएसआई चिह्न वाले उत्पाद भारी मात्रा में बाजारों में डाले जा रहे हैं।
ब्यूरो ने एक मोबाइल ऐप भी शुरू किया है जहां बीआईएस के दायरे में आने वाले विभिन्न उत्पादों और उनके लाइसेंसधारी की जानकारी उपलब्ध है।
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