देश की खबरें | जैविक मां ने फिल्मकार की देखभाल में रह रहे बच्चे का संरक्षण मांगा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दो साल के बच्चे के पालक पिता और उसकी जैविक माता बालक के संरक्षण को लेकर विवाद में उलझ गये हैं। इस बीच एक और व्यक्ति ने बच्चे का पिता होने का दावा किया है। बच्चे के पालक पिता बॉलीवुड के फिल्मकार हैं। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
मुम्बई, छह दिसंबर दो साल के बच्चे के पालक पिता और उसकी जैविक माता बालक के संरक्षण को लेकर विवाद में उलझ गये हैं। इस बीच एक और व्यक्ति ने बच्चे का पिता होने का दावा किया है। बच्चे के पालक पिता बॉलीवुड के फिल्मकार हैं। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
महिला एवं बाल विकास विभाग के एक अधिकारी के अनुसार यह बच्चा पिछले साल सितंबर में बोरिवली में इस महिला के पास मिला था और उसके शरीर पर जख्म थे। महिला ने दावा किया था कि बच्चा उसके हाथ से छूट गया और उसे चोट लग गयी थी ।
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अधिकारी के अनुसार इस महिला को मानसिक उपचार के लिए एक स्थानीय एनजीओ के पास भेजा गया था और बच्चे को बाल कल्याण समिति ने अपने संरक्षण में ले लिया था। यह महिला अपने दिहाड़ी मजदूर पति और 12 साल के बच्चे को छोड़कर उत्तर प्रदेश से मुम्बई आयी थी।
अधिकारी के मुताबिक दो पालना घरों में रखने के बाद इस साल मई में बच्चे को बॉलीवुड के निर्देशक के घर ले जाया गया था क्योंकि पिछले परिवार ने कहा कि कोरोना वायरस लॉकडाउन के कारण उसकी देखभाल में दिक्कत आ रही है।
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अधिकारी के अनुसार हाल ही में यहां बाल कल्याण समिति की बैठक में बॉलीवुड निर्देशक ने कहा कि उन्हें बच्चे को अधिक समय तक रखने दिया जाए क्योंकि मां मानसिक रूप से स्वस्थ नहीं है।
अधिकारी के मुताबिक लेकिन 30 वर्षीय महिला ने कहा कि वह अब अपने बेटे की देखभाल करने के लिए फिट है । समिति ने एक सरकारी अस्पताल से मां के लिए नयी मेडिकल फिटनेस प्रमाणपत्र मांगा और अब बच्चे को किसके संरक्षण में दिया जाए, इस पर कुछ दिनों में निर्णय लिये जाने की संभावना है।
अधिकारियों के अनुसार इस बीच, बच्चे का जैविक पिता होने का दावा करता हुआ एक व्यक्ति अधिकारियों के पास पहुंचा, ऐसे में अब प्रशासन उसकी डीएनए रिपोर्ट की मिलान करेगा। पिछले महीने डीएनए परीक्षण से सत्यापित हो गया था कि यही महिला बच्चे की जैविक मां है।
अधिकारी के अनुसार इस मुद्दे के समाधान होने तक न्याय अधिनियम के प्रावधानों के तहत बच्चे को मानखुर्द में ‘चिल्ड्रेन्स एड’ सोसायटी के पास रखा जा सकता है।
केंद्र के पालन संबंधी दिशानिर्देशों के अनुसार पालक परिवार पांच साल की देखभाल के बाद बच्चे को गोद ले सकता है बशर्ते बच्चे का जैविक परिवार होने का कोई दावा नहीं करे।
अधिकारी ने कहा, ‘‘ हमें बताया गया है कि निर्देशक शादीशुदा और एक बच्चे के पिता हैं तथा वह बच्चे को गोद लेने के लिए उत्सुक नहीं है। लेकिन मां की दशा को देखकर उनके मन में शंका हुयी और उन्होंने मां के ठीक होने तक बच्चे को उनके पालन-पोषण में देने का अनुरोध किया। ’’
अधिकारी ने कहा कि एनजीओ संस्थापक ने समिति से कहा कि यदि महिला को बेटे से लंबे समय तक अलग रखा गया तो वह गहरे अवसाद में जा सकती है।
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