जरुरी जानकारी | जैव ईंधन गठबंधन से जी20 देशों के लिए तीन साल में 500 अरब डॉलर के अवसर पैदा होंगे : आईबीए

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. भारतीय बायोगैस एसोसिएशन (आईबीए) का मानना है कि जैव ईंधन गठबंधन अगले तीन साल में जी20 देशों के लिए 500 अरब अमेरिकी डॉलर के अवसर पैदा कर सकता है।

नयी दिल्ली, 10 सितंबर भारतीय बायोगैस एसोसिएशन (आईबीए) का मानना है कि जैव ईंधन गठबंधन अगले तीन साल में जी20 देशों के लिए 500 अरब अमेरिकी डॉलर के अवसर पैदा कर सकता है।

आईबीए ने कहा कि जैव ईंधन गठबंधन जी20 देशों के साथ पर्यावरण की दृष्टि से भी लाभ का सौदा साबित होगा।

आईबीए के एक अध्ययन के अनुसार, जैव ईंधन गठबंधन जी20 देशों के लिए अगले तीन साल में 500 अरब डॉलर के अवसर पैदा कर सकता है।

अध्ययन के निष्कर्ष महत्वपूर्ण हैं क्योंकि भारत वर्तमान में नयी दिल्ली में जी20 नेताओं के शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है।

इसमें कहा गया है कि अन्य ऊर्जा विकल्पों की तुलना में जैव ईंधन उत्पादन में कम निवेश की जरूरत और कच्चे माल की सुगम उपलब्धता को देखते हुए कहा जा सकता है कि बायोगैस से 200 अरब डॉलर के अवसर पैदा हो सकते हैं।

इसमें कहा गया है कि सैद्धान्तिक रूप से जैव ऊर्जा/बायोगैस जीवाश्म ईंधन की पूरी तरह जगह ले सकता है। खासकर यह परिवहन क्षेत्र में कॉर्बन उत्सर्जन को कम कर सकता है। वर्ष 2016 में जी20 ने नवीकरणीय ऊर्जा पर एक स्वैच्छिक कार्ययोजना को अपनाया था। इसके तहत जी20 के सदस्यों को अपनी कुल ऊर्जा में नवीकरणीय ऊर्जा के हिस्से को बढ़ाना था।

भारत ने अपने कुल ऊर्जा मिश्रण में नवीकरणीय ऊर्जा की हिस्सेदारी उल्लेखनीय रूप से बढ़ाई है। पिछले छह साल में यह सालाना 22 प्रतिशत की दर से बढ़ी है।

भारत ने पिछले दशक में सौर ऊर्जा में 20 गुना वृद्धि की है। इस अवधि के दौरान सौर ऊर्जा और पवन ऊर्जा की सालाना वृद्धि मोटे तौर पर क्रमशः 38 प्रतिशत और 30 प्रतिशत रही है।

इसमें कहा गया है कि जैव ईंधन उद्योग को गति देने के लिए शुरुआत में 100 अरब डॉलर के निवेश की जरूरत होगी। यानी अगले तीन साल में प्रत्येक जी20 भागीदार को पांच-पांच अरब डॉलर का निवेश करना होगा।

आईबीए ने कहा कि जैव ईंधन गठबंधन की सफलता के लिए जी20 भागीदारों के बीच मशीनरी और उपकरणों के हस्तांतरण को आसान बनाया जाना चाहिए। इससे जी20 देशों को जीवाश्म ईंधन पर अपनी निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी। ऐसे में अगले तीन साल में उनका गैर-जीवाश्म ईंधन का आयात बिल अरबों डॉलर घट जाएगा और उन्हें अपने सतत विकास लक्ष्यों (एसजीडी) को हासिल करने में मदद मिलेगी।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

संबंधित खबरें

India vs Sri Lanka Women's Asia Cup 2026 Final Match Scorecard: खिताबी मुकाबले में टीम इंडिया ने श्रीलंका को हराकर 8वीं बार किया एशिया कप पर कब्जा, श्री चरणी ने की घातक गेंदबाजी; यहां देखें मैच का स्कोरकार्ड

Ganeshutsav 2026: गणेश भक्तों के लिए BJP का बड़ा तोहफा, भांडुप में जागृति पाटिल और कौशिक पाटिल ने किया मुफ्त एसटी बसों का खास इंतजाम

India vs Afghanistan, 1st T20I Match Scorecard: दिल्ली में अभिषेक शर्मा की आंधी में अफगानी गेंदबाजों की उड़ी धज्जियां, टीम इंडिया ने सात विकेट से दर्ज की धमाकेदार जीत; यहां देखें मैच का स्कोरकार्ड

India vs Sri Lanka Women's Asia Cup 2026 Final Match Scorecard: खिताबी मुकाबले में टीम इंडिया ने श्रीलंका के सामने रखा 184 रनों का लक्ष्य, शैफाली वर्मा और स्मृति मंधाना ने खेली धमाकेदार पारी; यहां देखें पहली पारी का स्कोरकार्ड