नयी दिल्ली, चार दिसंबर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने तेलंगाना में केंद्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय स्थापित करने संबंधी एक विधेयक सोमवार को लोकसभा में पेश किया।
केंद्रीय विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक, 2023 के उद्देश्यों के अनुसार, "सम्मक्का सरक्का केंद्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय" की स्थापना आने वाले वर्षों में क्षेत्रीय आकांक्षाओं को पूरा करेगी।
इसमें कहा गया है कि प्रस्तावित संस्थान उच्च शिक्षा तक लोगों की पहुंच और इसकी गुणवत्ता में वृद्धि करेगा तथा तेलंगाना के लोगों के लिए उच्च शिक्षा एवं अनुसंधान सुविधाओं को सुविधाजनक बनाएगा एवं बढ़ावा देगा।
यह भारत की जनजातीय आबादी को आदिवासी कला, संस्कृति और रीति-रिवाजों तथा प्रौद्योगिकी विकास में निर्देशात्मक और अनुसंधान सुविधाएं प्रदान करके आधुनिक ज्ञान को भी बढ़ावा देगा।
इसमें लिखा गया है, "आदिवासी शिक्षा पर ध्यान केंद्रित करने के अलावा, केंद्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय किसी भी अन्य केंद्रीय विश्वविद्यालय की तरह सभी शैक्षणिक और अन्य गतिविधियां संचालित करेगा।"
आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम, 2014 के तहत तेलंगाना में एक केंद्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय की स्थापना अनिवार्य है।
केंद्रीय विश्वविद्यालय अधिनियम, 2009 विभिन्न राज्यों में शिक्षण और अनुसंधान के लिए विश्वविद्यालयों की स्थापना करने और उनके समावेशन के लिए अधिनियमित किया गया था। समय-समय पर कानून में बदलाव किया जाता है।
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