ताजा खबरें | दिल्ली सरकार के अधिकारों को निशाना बनाने के लिए विधेयक लाया गया: तृणमूल कांग्रेस
Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. तृणमूल कांग्रेस ने दिल्ली में अधिकारियों के स्थानांतरण एवं पदस्थापना से संबंधित विधेयक का विरोध करते हुए बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि यह दिल्ली की निर्वाचित सरकार के अधिकारों को निशाना बनाने के लिए लाया गया विधेयक है।
नयी दिल्ली, तीन अगस्त तृणमूल कांग्रेस ने दिल्ली में अधिकारियों के स्थानांतरण एवं पदस्थापना से संबंधित विधेयक का विरोध करते हुए बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि यह दिल्ली की निर्वाचित सरकार के अधिकारों को निशाना बनाने के लिए लाया गया विधेयक है।
लोकसभा में ‘राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली क्षेत्र सरकार संशोधन विधेयक 2023’ पर चर्चा में भाग लेते हुए तृणमूल कांग्रेस सांसद कल्याण बनर्जी ने यह दावा भी किया कि दिल्ली में इस विधेयक के माध्यम से संघवाद के सिद्धांत को नष्ट किया जा रहा है।
उन्होंने कहा, ‘‘यह ‘टार्गेटेड’ विधेयक है जिसका मकसद दिल्ली सरकार के अधिकारों और जनता को निशाना बनाना है।’’
उन्होंने दावा किया कि यह विधेयक दुर्भावनापूर्ण ढंग से लाया गया है।
बनर्जी का कहना था, ‘‘क्या वजह है कि दिल्ली में एक ही पार्टी (आम आदमी पार्टी) को लोगों ने लगातार दो बार चुना है। लोकतंत्र में जनता फैसला करती है। केंद्र सरकार को जनता की आवाज सुननी चाहिए।’’
उन्होंने दावा किया कि इस विधेयक ने दिल्ली में संघवाद के सिद्धांत को नष्ट कर दिया है।
बनर्जी ने सवाल किया कि क्या केंद्र सरकार देश के संघीय चरित्र को नष्ट करना चाहती हैं?
तृणमूल सांसद ने कहा, ‘‘गैर-भाजपा शासित राज्यों में महिला आयोग, मानवाधिकार के अध्यक्षों को भेजा जाता है, लेकिन चार महीने तक ये लोग मणिपुर क्यों नहीं गए?’’
चर्चा में भाग लेते हुए द्रमुक नेता दयानिधि मारन ने कहा कि प्रशासन निर्वाचित सरकार के पास होना चाहिए, निर्वाचित सरकार कठपुतली नहीं हो सकती।
उन्होंने सत्तापक्ष से कहा, ‘‘ आपकी नीयत यही है कि दिल्ली के प्रशासन को नियंत्रित करना है।’’
मारन ने कहा, ‘‘अगले चुनाव में आप विपक्ष में होंगे, हम सत्तापक्ष में होंगे। ‘इंडिया’ बहुत मजबूत है।’’
वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के मिथुन रेड्डी ने विधेयक का समर्थन किया।
उन्होंने यह भी कहा कि यह अनोखा विधेयक है और आशा करते हैं कि इसे दूसरे राज्यों में नहीं दोहराया जाएगा।
शिवसेना के राहुल शिवाले ने कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री कहते थे कि बंगला नहीं लेंगे, लेकिन बाद में बंगले के नवीनीकरण पर करोड़ रुपये खर्च कर देते हैं।
उन्होंने दावा किया, ‘‘दिल्ली प्रदेश कांग्रेस के लोग यहां के मुख्यमंत्री के घोटाले के खिलाफ आंदोलन करते हैं, लेकिन इस विधेयक के खिलाफ उनके साथ हैं। ये लोग सत्ता के लिए कुछ भी कर सकते हैं।’’
हक
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