18 अगस्त की बड़ी खबरें
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ईरान से जंग के बीच ट्रंप ने दी ओमान पर हमला करने की धमकी
किरेन रिजिजू बोले, सरकार के खिलाफ हुए प्रदर्शनों में एक भी व्यक्ति की मौत नहीं हुई
वोटर आईडी की जरूरत समझाने के लिए ट्रंप ने दिया भारत का उदाहरण
यूक्रेन को ड्रोन देने पर रूस ने ब्रिटेन को दी चेतावनी
जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा रद्द होने के बाद देवेंद्र महतो ने तोड़ा अनशन
दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति से मिलेंगे चीनी विदेश मंत्री
दक्षिण कोरियाके राष्ट्रपति ली जे म्यूंग इस हफ्ते सियोल में चीन के विदेश मंत्री वांग यी से मुलाकात करेंगे. राष्ट्रपति कार्यालय ने मंगलवार को इस बैठक की जानकारी देते हुए बताया कि यह मुलाकात गुरुवार को होगी. इस दौरान दोनों नेताओं के बीच दक्षिण कोरिया-चीन संबंधों के भविष्य, द्विपक्षीय मुद्दों और क्षेत्रीय स्थिति पर चर्चा होगी. वांग यी अपनी यात्रा के दौरान दक्षिण कोरिया के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार वि संग-लाक और विदेश मंत्री चो ह्यून से भी मुलाकात करेंगे, जहां कोरियाई प्रायद्वीप के हालातों पर विशेष चर्चा की जाएगी.
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप उत्तर कोरिया के साथ कूटनीतिक संबंध साधने की कोशिश कर रहे हैं. ट्रंप ने हाल ही में दावा किया था कि उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन ने उनके संदेशों का सकारात्मक जवाब दिया है. इसके साथ ही ट्रंप ने पेंटागन को दक्षिण कोरिया के साथ होने वाले सैन्य अभ्यासों को कम करने का आदेश भी दिया है, जिससे क्षेत्र में अमेरिकी सहयोगियों की चिंताएं बढ़ गई हैं.
चीन उत्तर कोरिया का सबसे बड़ा राजनीतिक और आर्थिक मददगार है, जबकि वह दक्षिण कोरिया का भी सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है. दूसरी ओर, दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली जे म्यूंग ने हाल ही में कोरियाई युद्ध को औपचारिक रूप से समाप्त करने के लिए उत्तर कोरिया के साथ बातचीत का प्रस्ताव रखा था. उत्तर कोरिया, चीन और अमेरिका के बीच बदलते समीकरणों के बीच इस रणनीतिक बैठक को पूरे पूर्वी एशिया के लिए बेहद अहम माना जा रहा है.
लिष्टेनश्टाइन में पहली बार महिलाएं भी बन सकेंगी सिंहासन की वारिस
यूरोपीय देश लिष्टेनश्टाइन के शाही घराने ने अपने सदियों पुराने उत्तराधिकार के नियमों में एक ऐतिहासिक बदलाव करने का फैसला किया है. अब देश के सिंहासन पर पुरुषों के साथ-साथ महिलाएं भी बैठ सकेंगी. इस फैसले के तहत 'पुरुष जेष्ठाधिकार' की व्यवस्था को खत्म कर 'पूर्ण जेष्ठाधिकार' लागू किया जाएगा, जिसका मतलब है कि लिंग की परवाह किए बिना पहली संतान ही राजसिंहासन की असली वारिस होगी. क्राउन प्रिंस अलोइस ने राष्ट्रीय दिवस पर अपने संबोधन में घोषणा की कि परिवार के दो-तिहाई सदस्यों ने इस फैसले को अपनी मंजूरी दे दी है.
प्रिंस अलोइस ने अपने भाषण में कहा, "हमारे सदियों पुराने इतिहास में, दीर्घकालिक और सोच-समझकर फैसले लेना हमारे लिए हमेशा फायदेमंद रहा है." उन्होंने आगे कहा, "उत्तराधिकार की रेखा को पुरुष जेष्ठाधिकार से बदलकर पूर्ण जेष्ठाधिकार कर दिया जाएगा. इसका मतलब है कि भविष्य में पहली संतान, चाहे वह लड़का हो या लड़की, सिंहासन की वारिस और लिष्टेनश्टाइन की नई राजकुमारी या राजकुमार बनेगी."
भारत: 50 की उम्र के बाद मां बनने का अधिकार मांगती महिलाएं
शाही घराने ने यह स्पष्ट किया है कि यह नया नियम प्रिंस अलोइस और उनकी पत्नी के बच्चों की भावी संतानों पर लागू होगा, इसलिए मौजूदा उत्तराधिकार क्रम पर तुरंत कोई असर नहीं पड़ेगा. लगभग 40 हजार की आबादी वाला लिष्टेनश्टाइन अपनी परंपराओं के लिए जाना जाता है. यहां साल 1984 में महिलाओं को वोट देने का अधिकार मिला था. हालांकि, हाल के वर्षों में यहां बदलाव देखे गए हैं, जैसे जब पिछले साल ब्रिगिट हास देश की पहली महिला प्रधानमंत्री बनी थीं.
सुप्रीम कोर्ट ने इमरान खान को जेल से अस्पताल भेजने का आदेश दिया: पीटीआई
पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार, 18 अगस्त को आदेश दिया कि पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को जेल से अस्पताल ले जाया जाए. न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) ने यह जानकारी दी है. पीटीआई प्रवक्ता जुल्फिकार बुखारी ने कहा कि हम इस आदेश का स्वागत करते हैं और यह पहले ही हो गया होता तो उनकी तबीयत और आंख की स्थिति इतनी खराब नहीं हुई होती.
इमरान खान के प्रवक्ता नईम हैदर पंजुथा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि कोर्ट ने निर्देश दिया है कि इमरान खान को 48 घंटों के भीतर शिफा इंटरनेशनल हॉस्पिटल ले जाया जाए और 16 सितंबर तक उन्हें वहां रखा जाए. पिछले साल इमरान खान के बेटों ने उनकी बिगड़ती सेहत को लेकर कई बार चिंता व्यक्त की थी. वहीं, उनके वकील ने कहा था कि जेल में रहने के दौरान खान की दाहिनी आंख की रोशनी काफी कम हो गई है.
क्रिकेटर से राजनेता बने इमरान खान अगस्त, 2023 से जेल में बंद हैं. उनके खिलाफ कई मामले चल रहे हैं, जिन्हें वे राजनीति से प्रेरित बताते हैं. उनकी पार्टी पीटीआई साल 2018 में चुनाव जीतकर सत्ता में आई थी लेकिन साल 2022 में अविश्वास प्रस्ताव हारने के बाद उनकी कुर्सी चली गई. इसके बाद उनके खिलाफ कई मुकदमे शुरू किए गए, जिनमें से कई में उनकी दोषसिद्धि निलंबित या रद्द कर दी गई और कई मामलों में अपील अभी लंबित है.
यूक्रेन को ड्रोन देने पर रूस ने ब्रिटेन को दी चेतावनी
रूस ने ब्रिटेन को चेतावनी दी है कि यूक्रेन को लंबी दूरी के ड्रोन सप्लाई करने के गंभीर परिणाम होंगे और लंदन को इसका बड़ा हर्जाना भरना पड़ेगा. लंदन स्थित रूसी दूतावास ने टाइम्स मैगजीन में शनिवार को आई एक मीडिया रिपोर्ट के बाद यह प्रतिक्रिया जारी की. रिपोर्ट में दावा किया गया था कि रूसी क्षेत्र के भीतर स्थित सैन्य व लॉजिस्टिक्स ठिकानों पर हमले के लिए पहली बार ब्रिटेन द्वारा बनाए गए ड्रोन का इस्तेमाल किया गया है.
रूसी दूतावास ने अपने टेलीग्राम चैनल पर जारी बयान में कहा, "लंदन के इन कदमों के परिणाम निश्चित रूप से देखने को मिलेंगे और उसे इसका जवाब देना होगा." दूतावास ने आगे कहा, "संघर्ष में उसकी संलिप्तता जितनी गहरी होगी और कीव की आतंकवादी व्यवस्था को उसका समर्थन जितना ज्यादा होगा, उसे उतनी ही भारी कीमत चुकानी पड़ेगी."
ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय ने इन रिपोर्टों पर सीधी टिप्पणी करने से परहेज किया है. हालांकि, रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने ब्रिटेन के रुख को स्पष्ट करते हुए कहा, "ब्रिटेन यूक्रेन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है और हम यूक्रेन को पुतिन के अवैध आक्रमण से बचने के लिए आवश्यक उपकरण प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं."
वोटर आईडी की जरूरत समझाने के लिए ट्रंप ने दिया भारत का उदाहरण
अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने एक सोशल पोस्ट में कहा कि भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने अमेरिकी प्रशासन से सवाल किया कि अमेरिका में एक वैध फोटो आईडी के बिना चुनाव कैसे होते हैं. ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा, “भारत के पिछले चुनाव में 646,000,000 मतदाता थे! इनमें से एक फीसदी से भी कम लोगों ने डाक से मतदान किया और प्रत्येक मतदाता के पास वैध फोटो पहचान पत्र होना आवश्यक था. अब हमें 'सेव अमेरिका एक्ट' को पास करने की जरूरत है.”
डॉनल्ड ट्रंप अमेरिका में होने वाले चुनावों के लिए मतदान के नियमों में बदलाव करना चाहते हैं और इसके लिए वे 'सेव अमेरिका एक्ट' पास करवाना चाहते हैं. इस बिल में प्रावधान है कि संघीय चुनाव में मतदान के लिए पंजीकरण करने के लिए एक वैध आईडी की जरूरत होगी, नागरिकता के प्रमाण की जरूरत होगी और बीमारी, विकलांगता, सेना या यात्रा को छोड़कर डाक से बैलेट भेजने की अनुमति नहीं होगी.
व्हाइट हाउस की वेबसाइट पर इस बिल के बारे में बताते हुए लिखा गया है कि मतदान के लिए वोटर आईडी की जरूरत का किसी भी अमेरिकी को विरोध नहीं करना चाहिए. वेबसाइट पर यह भी लिखा गया है कि अगर आप अमेरिका में वोट देने के लिए रजिस्टर करना चाहते हैं तो आपको अमेरिकी नागरिक होना होगा. इसमें आगे लिखा गया है कि 'सेव अमेरिका एक्ट' राज्यों को गैर-नागरिकों को मतदाता सूची से हटाने का निर्देश देगा.
किरेन रिजिजू बोले, सरकार के खिलाफ हुए प्रदर्शनों में एक भी व्यक्ति की मौत नहीं हुई
केंद्रीय संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने कहा है कि सरकार के खिलाफ हुए व्यापक विरोध प्रदर्शनों को बिल्कुल सही ढंग से संभाला गया. उन्होंने न्यूज एजेंसी एएनआई के साथ एक इंटरव्यू में कहा, “एक भी व्यक्ति की मौत नहीं हुई, किसी की भी हड्डी नहीं टूटी, एक भी प्रदर्शनकारी गंभीर चोटों के साथ अस्पताल में नहीं है.”
उन्होंने कहा आपको दिल्ली पुलिस और प्रशासन की तारीफ करनी चाहिए कि इतना बड़ा आंदोलन हुआ और एक भी मौत छोड़िए, गंभीर चोट तक नहीं लगने दी. उन्होंने आगे कहा कि दिल्ली प्रशासन की तारीफ करनी चाहिए कि विरोध-प्रदर्शन करते समय एक डंडा तक नहीं चला लेकिन अंत में जब वे जबरदस्ती संसद की ओर मार्च करने लगे, तब उनको रोका गया.
20 जुलाई को जब प्रदर्शनकारियों ने संसद तक मार्च करने की कोशिश की थी, तो सुरक्षाबलों ने उनके ऊपर आंसू गैस छोड़ी और लाठीचार्ज किया. पुलिस पर महिला प्रदर्शनकारियों के साथ दुर्व्यवहार करने के भी आरोप लगे. स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस की कार्रवाई में एक 21 साल की लड़की गंभीर रूप से घायल हो गई थी, जिसे आईसीयू में भर्ती करना पड़ा और करीब 10 दिन बाद उसे अस्पताल से छुट्टी मिली.
सुरक्षाबलों पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पैलेट गन इस्तेमाल करने के भी आरोप लगे हैं. शुरुआत में दिल्ली पुलिस ने पैलेट गन का इस्तेमाल होने की बात नकारी, लेकिन बाद में केंद्रीय रिजर्व पुलिस फोर्स ने इन घटनाओं की जांच के आदेश दिए. सुप्रीम कोर्ट ने भी 30 जुलाई को दिल्ली सरकार को निर्देश दिया कि जंतर-मंतर पर पैलेट गन के छर्रों से घायल हुए प्रदर्शनकारियों का इलाज सुनिश्चित किया जाए.
रॉयटर्स सर्वे: ट्रंप की लोकप्रियता गिरकर 33 फीसदी हुई, इस कार्यकाल का सबसे निचला स्तर
रॉयटर्स और इप्सोस के हालिया पोल के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की अप्रूवल रेटिंग गिरकर 33 फीसदी पर आ गई है. यह उनके अब तक के कार्यकाल का सबसे निचला स्तर है और दिसंबर 2017 में उनके पिछले कार्यकाल के दौरान दर्ज किए गए सबसे निचले स्तर के बराबर है.
सर्वेक्षण के अनुसार, 64 फीसदी अमेरिकियों ने राष्ट्रपति के रूप में ट्रंप के काम को नापसंद किया है. इस गिरावट की मुख्य वजह ईरान के साथ जारी युद्ध और उसके कारण बढ़ी ईंधन की कीमतें हैं, जिससे आम अमेरिकी परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ा है.
सर्वे में शामिल लगभग 80 फीसदी अमेरिकियों का मानना है कि ईरान में अमेरिकी सैन्य संलिप्तता लंबे समय तक जारी रहेगी. केवल 20 फीसदी अमेरिकियों का मानना है कि यह युद्ध जायज या इसके लायक है. इस स्थिति ने आगामी नवंबर में होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनावों से पहले रिपब्लिकन पार्टी की चिंताओं को बढ़ा दिया है. आर्थिक प्रबंधन के मामले में मतदाता अब रिपब्लिकन के मुकाबले डेमोक्रेट्स को अधिक प्राथमिकता दे रहे हैं.
फिलीपींस के स्कूल में गोलीबारी, दो छात्रों की मौत
दक्षिणी फिलीपींस के जंबोआंगा शहर में मंगलवार को एक निजी स्कूल के अंदर गोलीबारी हुई. इस घटना में 10वीं कक्षा के एक छात्र की गोली लगने से मौत हो गई, जबकि हमला करने वाले 9वीं कक्षा के छात्र ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली. घटना में दो अन्य छात्र घायल भी हुए हैं.
रॉयटर्स समाचार एजेंसी की खबर के अनुसार, पुलिस ने बताया कि हमलावर छात्र अपने साथ एक पिस्टल और राइफल लेकर क्लासरूम में घुसा था और उसने सीधे छात्रों पर गोलियां चला दीं. फिलहाल पुलिस ने स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में कर लिया है.
इस घटना पर दुख जताते हुए फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर ने जांच के आदेश दिए हैं. राष्ट्रपति मार्कोस ने कहा, "हमारे स्कूल वे जगहें हैं जहां हम अपने बच्चों को सीखने, बढ़ने और अपने भविष्य के सपनों को जीने के लिए सौंपते हैं. उन्हें हमारे देश के सबसे सुरक्षित स्थानों में से एक होना चाहिए."
फिलीपींस में सख्त बंदूक कानूनों के कारण स्कूलों में ऐसी घटनाएं बेहद कम देखने को मिलती हैं. हालांकि, दो महीने से भी कम समय में यह देश की दूसरी ऐसी घटना है. इससे पहले जून में भी टैकलोबन शहर के एक स्कूल में हुई गोलीबारी में तीन छात्रों की मौत हो गई थी, जिसने पूरे देश में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है.
जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा रद्द होने के बाद देवेंद्र महतो ने तोड़ा अनशन
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार, 17 अगस्त की रात जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा और निजी एजेंसी टीडीपीएल द्वारा करवाई गईं सभी अन्य परीक्षाओं को रद्द करने की घोषणा की. इसके बाद छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने रांची के सदर अस्पताल में अपना अनशन खत्म किया. राज्य सरकार में मंत्री दीपिका पांडे सिंह और इरफान अंसारी ने जूस पिलाकर उनका अनशन खत्म करवाया.
देवेंद्र महतो ने परीक्षा रद्द करने के फैसले के लिए राज्य सरकार का आभार व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि सरकार के लिए यह फैसला लेना चुनौतीपूर्ण था क्योंकि इस परीक्षा के जरिए चयनित हुए अभ्यर्थियों को नियुक्ति दी जा चुकी थी. उन्होंने कहा कि वे अपना अनशन खत्म कर रहे हैं लेकिन शिक्षा प्रणाली में सुधार के लिए उनका संघर्ष जारी रहेगा.
छात्र नेता रविंद्र पासवान ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बेहद साहसिक कदम उठाए हैं. साथ ही उन्होंने रद्द हुई परीक्षाओं की सीबीआई जांच की मांग भी दोहराई. झारखंड सरकार में मंत्री दीपिका पांडे ने सीबीआई जांच की मांग को खारिज करते हुए कहा कि साल 2015 के बाद से केंद्रीय एजेंसी पेपर लीक के मामलों में ठोस नतीजे नहीं दे पाई है.
जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा रद्द होने के फैसले से जहां प्रदर्शनकारी खुश हैं, वहीं इसका विरोध भी हो रहा है. इस परीक्षा में पास होने वाले अभ्यर्थियों ने सोमवार को रांची में परियोजना भवन के बाहर प्रदर्शन किया. उनकी मांग है कि कथित अनियमितताओं की जांच की जाए और सिर्फ जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए.
ईरान से जंग के बीच ट्रंप ने दी ओमान पर हमला करने की धमकी
अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर ओमान होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच किसी समझौते के रास्ते में आया, तो वे उस पर हमला कर देंगे. उन्होंने ईरान से भी युद्ध में आत्मसमर्पण करने की मांग की है. 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद से ईरान ने इस समुद्री मार्ग को बंद कर रखा है, जो दोनों देशों के बीच विवाद का मुख्य कारण बना हुआ है.
इस तनाव की मुख्य वजह होर्मुज जलडमरूमध्य का नियंत्रण है, जिससे दुनिया का लगभग एक-चौथाई तेल गुजरता है. ईंधन की बढ़ती कीमतों और नवंबर में होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के दबाव के बावजूद ट्रंप युद्ध खत्म नहीं कर रहे हैं. दूसरी ओर, ओमान और ईरान इस मार्ग से जहाजों की आवाजाही को लेकर बातचीत कर रहे हैं.
फॉक्स न्यूज के पत्रकार ट्रे यिंगस्ट से बातचीत में ट्रंप ने कहा, "अगर ओमान रास्ते में आया, तो हम उन पर हमला करके उन्हें तबाह कर देंगे." इसके अलावा उन्होंने ईरान के लिए सोशल मीडिया पर लिखा, "आत्मसमर्पण का सफेद झंडा फहराएं" और ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के अधिकारियों के बारे में कहा, "वे पोकर के अच्छे खिलाड़ी हैं, लेकिन वे मर रहे हैं."
तुर्की जैसे सहयोगी देश इस संकट को सुलझाने के लिए कूटनीति के इस्तेमाल पर जोर दे रहे हैं. हालांकि, स्ट्रेट के बंद होने से वैश्विक आपूर्ति ठप है और अमेरिका में ईंधन महंगा हो रहा है. ईरान इस रास्ते का इस्तेमाल अमेरिकी सैन्य दबाव के खिलाफ हथियार के रूप में कर रहा है, जिससे पश्चिम एशिया का यह पूरा क्षेत्र एक बेहद संवेदनशील स्थिति में पहुंच गया है.