14 अगस्त की बड़ी खबरें
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बीसीआई ने नालसार के छात्रों के खिलाफ जांच का फैसला वापस लिया
ईरान पर अब तक की सबसे कड़ी कार्रवाई की चेतावनी, अगले हफ्ते नए अमेरिकी प्रतिबंधों का एलान संभव
जर्मनी में जंगल की आग से 1,800 लोगों को घर खाली करने का आदेश
जर्मनी के पश्चिमी इलाके में जंगलमें लगी आग तेजी से फैलने के बाद करीब 1,800 लोगों को अपने घर खाली करने का आदेश दिया गया है. आग बेल्जियम की सीमा के पास एक गांव की ओर बढ़ रही है. अधिकारियों ने शुक्रवार सुबह करीब 4 बजे गाइ गांव के लोगों से तुरंत इलाका खाली करने को कहा. लोगों को पास के स्ट्रास गांव के एक स्कूल में बनाए गए सहायता केंद्र में जाने को कहा गया है. प्रशासन ने लोगों से कहा है कि घर छोड़ते समय केवल जरूरी सामान, पहचान पत्र और जरूरी दवाइयां साथ ले जाएं.
अधिकारियों के मुताबिक, गुरुवार को जंगल में लगी आग करीब 25 हेक्टेयर (62 एकड़) इलाके में फैल गई थी. आग पर काबू पाने के लिए बड़ी संख्या में दमकलकर्मी और आपातकालीन सेवाओं की टीमें जुटी हुई हैं. आग के कारण इलाके से गुजरने वाली बी399 सड़क को भी बंद कर दिया गया है. जर्मनी के कई हिस्सों में इन दिनों सूखे की स्थिति और जंगलों में आग लगने का खतरा बढ़ गया है. यूरोप में भी इस साल जंगलों में आग की घटनाएं ज्यादा देखने को मिल रही हैं.
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, ज्यादा गर्मी और सूखे के कारण जंगलों में पेड़-पौधे सूख गए हैं. इससे आग को तेजी से फैलने में मदद मिलती है.
बीसीआई ने नालसार के छात्रों के खिलाफ जांच का फैसला वापस लिया
बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा ने कहा है कि हैदराबाद स्थित नालसार यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ के छात्रों के खिलाफ शुरू की गई कार्यवाही को समाप्त कर दिया गया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि अब छात्रों के खिलाफ कोई जांच नहीं होगी और इस मामले में आगे किसी कार्रवाई की आवश्यकता नहीं है. दरअसल छात्रों ने दीक्षांत समारोह में भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत के बतौर मुख्य अतिथि बुलाए जाने पर आपत्ति जताई थी.
मनन कुमार मिश्रा ने बताया है कि वरिष्ठ अधिवक्ताओं, बार के सदस्यों, कानून के छात्रों और सार्वजनिक हित से जुड़े नागरिकों की ओर से मिली प्रतिक्रियाओं पर विचार करने के बाद यह निर्णय लिया गया. उन्होंने छात्रों को भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं और कहा कि छात्र अपनी राय खुलकर रख सकते हैं. लेकिन उन्हें सम्मान और संस्थागत मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए.
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यह बयान 13 अगस्त की शाम बीसीआई द्वारा जारी किए गए दो सर्कुलर और उनके जवाब में नालसार के कुलपति श्रीकृष्ण देव राव द्वारा जारी प्रेस रिलीज के बाद आया है. पहले सर्कुलर में बीसीआई ने नालसार के पूरे 2026 बैच के छात्रों का वकील के रूप में नामांकन रोकने की बात कही थी. इसके कुछ ही घंटों बाद दूसरा सर्कुलर जारी किया. इसमें छात्रों का नामांकन रोकने का फैसला वापस ले लिया गया. पर उन लोगों की जांच जारी रखने की बात कही गई जिन्होंने सीजीआई को मुख्य अतिथि बनाने के खिलाफ अभियान शुरू किया, उसे आयोजित किया या छात्रों को इसमें शामिल किया. अब बीसीआई के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा ने साफ कर दिया है कि कोई जांच नहीं होगी.
ईरान पर अब तक की सबसे कड़ी कार्रवाई की चेतावनी, अगले हफ्ते नए अमेरिकी प्रतिबंधों का एलान संभव
अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने गुरुवार को ईरान के खिलाफ कड़े आर्थिक कदम उठाने की चेतावनी देते हुए कहा कि तेहरान को ऐसी आर्थिक अलग-थलग स्थिति का सामना करना पड़ सकता है, "जैसी दुनिया ने पहले कभी नहीं देखी होगी." उन्होंने अमेरिकी चैनल न्यूजमैक्स से बातचीत में कहा कि ईरान पर नए प्रतिबंधों और उपायों की घोषणा अगले सप्ताह की जा सकती है.
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बेसेंट ने बताया कि अमेरिकी रणनीति दो स्तरों पर काम करेगी. पहला, ईरान पर वित्तीय दबाव बढ़ाया जाएगा और दूसरा, उसके बंदरगाहों पर प्रभावी रोक लगाने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे. उन्होंने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य में जारी नाकेबंदी की स्थिति के कारण ईरानी बंदरगाहों से वस्तुओं की आवाजाही प्रभावित होगी, जिससे देश की अर्थव्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ेगा.
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इस बीच, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि ईरान के साथ जारी तनाव के बीच अमेरिका की सबसे बड़ी प्राथमिकता घरेलू स्तर पर तेल और पेट्रोल की कीमतों को कम रखना है, जबकि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना दूसरी प्राथमिकता है. हालांकि, बेसेंट का मौजूदा सख्त रुख 4 अगस्त की उनकी उस टिप्पणी से अलग है, जिसमें उन्होंने कहा था कि होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने को लेकर ईरान के साथ कुछ दिनों में समझौता हो सकता है. उस समय उनके बयान से वॉल स्ट्रीट में तेजी आई थी और तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई थी.
उत्तराखंड के चमोली में निर्माणाधीन सुरंग में फंसे मजदूरों में से सात की मौत
उत्तराखंड के चमोली जिले के पीपलकोटी में टीएचडीसी की निर्माणाधीन सुरंग में पानी और मलबा घुसने से बड़ा हादसा हो गया. हादसे के समय सुरंग के अंदर 20 से 22 मजदूर काम कर रहे थे. बचाव अभियान के दौरान निकाले गए 19 लोगों को गोपेश्वर जिला अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने सात लोगों को मृत घोषित कर दिया.
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अस्पताल के चिकित्सक डॉ. आयुष ने बताया कि बाकी मजदूरों की हालत अपेक्षाकृत स्थिर है. 10 लोगों को अस्पताल में भर्ती किया गया है, जबकि एक गंभीर रूप से घायल युवक को बेहतर इलाज के लिए श्रीनगर बेस अस्पताल रेफर किया गया है. कुछ अन्य मजदूरों को भी निगरानी में रखा गया है.
राष्ट्रीय आपदा राहत बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा राहत बल (एसडीआरएफ) की टीमें सुरंग में लगातार राहत एवं बचाव कार्य चला रही हैं. एनडीआरएफ अधिकारी अमृत लाल मीणा ने बताया कि सुरंग के अंदर भारी मात्रा में पानी भर गया था, जिससे अभियान में कठिनाई आई. अधिकारियों के अनुसार, सभी फंसे श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालने तक बचाव अभियान जारी रहेगा.