30 जून की बड़ी खबरें और अपडेट्स

भारत और दुनिया की बड़ी खबरें एक साथ, एक ही जगह पढ़ने के लिए आप सही पेज पर हैं.

प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credit: Image File)

भारत और दुनिया की बड़ी खबरें एक साथ, एक ही जगह पढ़ने के लिए आप सही पेज पर हैं. इस लाइव ब्लॉग को हम लगातार अपडेट कर रहे हैं, ताकि ताजा खबरें आप तक पहुंचा सकें.पश्चिम बंगाल में हल्दिया रिफाइनरी की पाइपलाइन में लगी आग, कई झुलसे: रिपोर्ट

जर्मनी: श्टाडे शहर में हुई गोलीबारी में मरने वालों की संख्या बढ़कर 6 हुई

2027 में सूरत से वापी के बीच चल सकती है भारत की पहली बुलेट ट्रेन

अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने कहा, "जल्द भारत दौरे पर आएंगे ट्रंप"

तीन दिनों की भारत यात्रा पर आ रही हैं जापान की पीएम सनाए ताकाइची

जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची 1 जुलाई को अपने तीन दिवसीय भारत दौरे की शुरुआत करने जा रही हैं. टोक्यो में विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि जापानी प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची दोनों एशियाई देशों के बीच व्यापार, निवेश और रणनीतिक सहयोग को बढ़ावा देने पर केंद्रित बातचीत के लिए बुधवार से भारत का दौरा करेंगी. यह यात्रा पिछले साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की टोक्यो यात्रा के बाद हो रही है. इस यात्रा के दौरान जापान ने भारत में अपने निवेश को अगले दशक में दोगुने से अधिक करने का संकल्प लिया था.

बतौर प्रधानमंत्री ताकाइची के पहले भारत दौरे के दौरान दोनों देशों के नेता 16वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन का आयोजन करेंगे. यह एक ऐसी व्यवस्था है जिसके तहत दोनों देशों के प्रधानमंत्री बारी-बारी से मिलते हैं. जापान के विदेश मंत्रालय के एक बयान के अनुसार, इस शिखर सम्मेलन में व्यापार, प्रौद्योगिकी, बुनियादी ढांचे, रक्षा और लोगों के बीच संबंधों में प्रगति की समीक्षा करेगा, साथ ही क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा होगी. दोनों नेताओं के सुरक्षा सहयोग और एक स्वतंत्र और खुले इंडो-पैसिफिक को आगे बढ़ाने के प्रयासों पर भी चर्चा करने की उम्मीद है.

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रॉयटर्स ने एक भारतीय सूत्र के हवाले से बताया है कि मोदी और ताकाइची दोनों देशों के अधिकारियों के साथ बिजनस कार्यक्रमों में भी शामिल होंगे. भारत में लगभग 1400 जापानी कंपनियां काम करती हैं, जिनमें से लगभग आधी मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में हैं. भारतीय सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 में दोनों देशों का द्विपक्षीय व्यापार 27.5 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जबकि अप्रैल और दिसंबर 2025 के बीच भारत में जापानी निवेश कुल 3.2 अरब डॉलर रहा.

जापान भारत के सबसे बड़े निवेशकों में से है, जो मुंबई और अहमदाबाद शहरों के बीच हाई-स्पीड बुलेट ट्रेन कॉरिडोर सहित प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का समर्थन कर रहा है. जापानी कंपनियों ने भारतीय कंपनियों में भी निवेश बढ़ाया है, जिसमें यस बैंक में 20% हिस्सेदारी के लिए हाल ही में हुआ 1.6 अरब डॉलर का सौदा शामिल है.

सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल तीसरे दिन भी जारी

कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया पर लिखा है कि बीते तीन दिन से भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक का शुगर लेवल 66 पर जा पहुंचा है. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और लद्दाख के मुद्दे को लेकर सोनम वांगचुक ने फिर से भूख हड़ताल शुरू की है. वे सिर्फ नमक और पानी का सेवन कर रहे हैं.

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भूख हड़ताल शुरू करने से पहले वांगचुक ने कहा था कि उनकी ये हड़ताल छह हफ्तों तक चलेगी और अगर जरूरत पड़ी तो वह आमरण अनशन पर भी जा सकते हैं. उन्होंने लोगों से भी अपील की है कि वे पर्यावरण और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए उनके साथ इस अनशन में कम से कम एक दिन के लिए जरूर जुड़ें. नीट पेपर लीक और शिक्षा से जुड़े दूसरे मुद्दे को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शनों में वांगचुक शुरू से ही आगे रहे हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उनके साथ इस भूख हड़ताल में पांच से छह और लोग भी शामिल हैं.

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नई दिल्ली में 2028 से सिर्फ इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों का होगा रजिस्ट्रेशन

नई दिल्ली ने अपनी ईवी नीति-2026 को मंजूरी दे दी है. यह नीति 1 जुलाई से लागू होगी. दिल्ली दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों में टॉप पर आती है. इस नई नीति को वायु प्रदूषण के उच्च स्तर को कम करने के मकसद से उठाए गए एक कदम के तौर पर देखा जा रहा है. साथ ही इस नीति के अंतर्गत सरकार उन कार मालिकों को करीब 1 लाख रुपये का नकद प्रोत्साहन देगी जो अपनी पुरानी गाड़ियों को स्क्रैप करके ईवी अपनाने के लिए तैयार हैं.

राज्य सरकार ने इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों, कारों और छोटे ट्रकों के खरीदारों को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ ईवी चार्जर स्थापित करने के लिए अगले चार सालों में 150 बिलियन रुपये के बजट के साथ नई इलेक्ट्रिक वाहन नीति को अंतिम रूप दिया है. इस नई नीति के तहत 30 लाख रुपये तक की कीमत वाली ईवी खरीदने वालों को रोड टैक्स और पंजीकरण शुल्क से छूट दी जाएगी, जो आमतौर पर कार की कीमत का 4%-10% होता है.

इलेक्ट्रिक स्कूटर और मोटरबाइक के खरीदारों को नीति के पहले साल में 30,000 रुपये का नकद प्रोत्साहन मिलेगा, जो तीसरे साल तक घटकर 10,000 रुपये हो जाएगा. दिल्ली सरकार 1 अप्रैल, 2028 से केवल इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों का रजिस्ट्रेशन करेगी, जिससे खरीदारों को गैसोलीन और दूसरे ईंधनों से दूर जाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा.

साथ ही पूरी दिल्ली में 32,000 ईवी चार्जिंग पॉइंट स्थापित करने की भी योजना इस नीति में शामिल है. नीति में हाइब्रिड वाहनों को फिलहाल शामिल नहीं किया गया है. उम्मीद की जा रही है कि यह नीति टाटा मोटर्स , महिंद्रा एंड महिंद्रा जैसे ईवी निर्माता कंपनियों के साथ-साथ इलेक्ट्रिक दोपहिया निर्माता टीवीएस मोटर , बजाज ऑटो और एथर एनर्जी को बड़ा बढ़ावा देगी.

क्या है यूरोपीय संघ का 1 जुलाई से लागू होने जा रहा 'सस्ते पार्सलों का नियम'

यूरोपीय संघ (ईयू) 1 जुलाई से 27 देशों के इस ब्लॉक में आने वाले सस्ते पार्सलों पर 3 यूरो (लगभग 3.40 डॉलर) का नया सीमा शुल्क लगाने जा रहा है. इसका मकसद मुख्य रूप से चीन से भारी मात्रा में आने वाले कम कीमत वाले पैकेजों पर लगाम लगाना है. यूरोपीय संघ की व्यापार नीति की देखरेख करने वाले यूरोपीय आयोग का कहना है कि यह कदम आयात में हुए भारी उछाल के बाद सीमा शुल्क के वित्तीय बोझ को कम करने और बिना जांचे-परखे आ रहे सामानों से जुड़े सुरक्षा जोखिमों से निपटने के लिए उठाया गया है.

आंकड़ों के अनुसार, पिछले साल विदेश से लगभग 6 अरब छोटे खुदरा पैकेज यूरोपीय संघ में आए थे, जिनकी संख्या 2024 में 4.6 अरब थी. इनमें से ज्यादातर पैकेज शीन और टेमू जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए चीन से आए थे.

1 जुलाई से लागू होने वाले इस नए नियम के तहत, यूरोपीय संघ 150 यूरो से कम कीमत वाले पार्सलों पर मिलने वाली सीमा शुल्क छूट को खत्म कर देगा और प्रति आइटम 3 यूरो का अस्थायी शुल्क लागू करेगा. यह शुल्क हर एक उत्पाद पर नहीं, बल्कि सामान की श्रेणी के आधार पर लगाया जाएगा. उदाहरण के लिए, अगर कोई ग्राहक पांच टी-शर्ट खरीदता है, तो उसे केवल 3 यूरो का भुगतान करना होगा. लेकिन अगर वह एक टी-शर्ट और एक घड़ी खरीदता है, तो उसे 6 यूरो चुकाने होंगे क्योंकि ये दोनों अलग-अलग तरह की वस्तुएं हैं.

पूर्व चुनाव आयुक्त राजीव कुमार को एचडीएफसी बैंक ने बनाया पार्ट टाइम चेयरमैन

भारत के सबसे बड़े निजी बैंक एचडीएफसी ने पूर्व चुनाव आयुक्त राजीव कुमार को तीन सालों के लिए बतौर पार्ट टाइम चेयरमैन नियुक्त किया है. हालांकि, अभी उनकी नियुक्ति को रिजर्व बैंक की मंजूरी मिलनी बाकी है. कुमार 30 जून से यह जिम्मेदारी संभालेंगे. बैंक के पूर्व चेयरमैन अतानु चक्रवर्ती के मार्च में अचानक इस्तीफा देने के बाद राजीव कुमार को यह पद सौंपा गया है. चक्रवर्ती ने यह कहते हुए इस्तीफा दिया था कि बैंक की कुछ चीजें उनके निजी मूल्यों के खिलाफ हैं.

राजीव कुमार 2022 से 2025 तक मुख्य चुनाव आयुक्त रहे थे. उनके कार्यकाल में ही अनुच्छेद 370 हटने के बाद जम्मू कश्मीर में पहला चुनाव कराया गया था. इसके साथ ही 2017 से 2020 के बीच वह वित्तीय सेवा विभाग के सचिव भी रह चुके हैं. 25वें चुनाव आयुक्त के कार्यकाल के दौरान राजीव कुमार पर भारतीय विपक्षी पार्टियों ने कई सवाल भी उठाए थे.

फीफा वर्ल्ड कप: जर्मनी की हार के बाद कोच ने कहा, 'नहीं दूंगा इस्तीफा'

फीफा वर्ल्ड कप से लगातार तीसरी बार जल्दी बाहर होने के बाद जर्मनी के मुख्य कोच यूलियान नागेल्समान ने साफ कर दिया है कि वह अपने पद से इस्तीफा नहीं देंगे. 29 जून को हुए नॉकआउट मुकाबले में पेनल्टी शूटआउट में जर्मनी को 4-3 से हार का सामना करना पड़ा. इस हार के बाद नागेल्समान ने एक्स्ट्रा-टाइम में रेफरी के जर्मनी के एक गोल को खारिज किए जाने के फैसले पर गुस्सा जाहिर करते हुए उसे 'एक मजाक' करार दिया.

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जेडडीएफ को दिए इंटरव्यू में नागेल्समान ने अपने भविष्य को लेकर कहा, "अगर डीएफबी (जर्मन फुटबॉल महासंघ) चाहता है, तो मैं इस पद के लिए उपलब्ध हूं क्योंकि मेरा कॉन्ट्रैक्ट साल 2028 तक है. अगर वे ऐसा नहीं चाहते, तो उन्हें मुझे बताना होगा. मैं उन लोगों में से नहीं हूं जो मुश्किल हालात देखकर भाग जाते हैं." मुख्य कोच के रूप में नागेल्समान का यह पहला वर्ल्ड कप था. इससे पहले उनके मार्गदर्शन में जर्मनी ने घरेलू मैदान पर हुए यूरो 2024 में शानदार खेल दिखाते हुए क्वार्टर फाइनल तक का सफर तय किया था.

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फुटबॉल इतिहास पर नजर डालें तो जर्मनी की टीम इससे पहले साल 2018 के वर्ल्ड कप में जोआचिम लोव और 2022 के वर्ल्ड कप में हांसी फ्लिक के मार्गदर्शन में ग्रुप स्टेज से ही बाहर हो गई थी. हालांकि, उन दोनों ही मौकों पर इन बड़े झटकों के बावजूद तत्कालीन कोचों को उनके पदों पर बरकरार रखा गया था और अब नागेल्समान के मामले में भी जर्मन फुटबॉल बोर्ड फिलहाल इसी राह पर चलता दिखाई दे रहा है.

जर्मनी को खत्म करना चाहिए रूसी तेल और गैस का बहिष्कार: एलिस वाइडेल

जर्मनी की दक्षिणपंथी पार्टी 'अल्टरनेटिव फॉर जर्मनी' (एएफडी) की नेता एलिस वाइडेल ने कहा है कि देश की सुस्त पड़ती अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए जर्मनी को रूसी तेल और गैस के बहिष्कार को खत्म करना चाहिए. समाचार एजेंसी रॉयटर्स से बात करते हुए वाइडेल ने यह बात कही और केंद्र में सरकार बनाने की अपनी पार्टी की महत्वाकांक्षाओं की रूपरेखा भी सामने रखी.

वाइडेल का मानना है कि एएफडी आगामी महीनों में दो प्रमुख राज्य चुनावों में जीत हासिल कर सकती है. उन्होंने इन चुनावों को मील का पत्थर बताते हुए कहा कि यह सफलता, साल 2029 तक होने वाले अगले राष्ट्रीय चुनावों में जर्मन चांसलर का पद हासिल करने का रास्ता साफ करेगी.

अपनी आर्थिक सोच को स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा, "रूस से मिलने वाली सस्ती ऊर्जा ही 'मेड इन जर्मनी' की सफलता का असली रहस्य थी. हमें इसकी वापसी की जरूरत है." उन्होंने आगे कहा कि रूसी ऊर्जा के खोने से जर्मनी आर्थिक रूप से कई साल पीछे चला गया है और इसकी वजह से देश में लाखों नौकरियां खत्म हो गई हैं. वाइडेल के अनुसार, इस स्थिति ने जर्मनी को पूरी तरह से अमेरिका पर निर्भर बना दिया है, जो बहुत अधिक कीमतों पर ऊर्जा बेचता है.

अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने कहा, "जल्द भारत दौरे पर आएंगे ट्रंप"

भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने कहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप जल्द ही भारत दौरे पर आ रहे हैं. हालांकि, उन्होंने इस ओर भी इशारा किया कि उनका दौरा अमेरिका में होने वाले मध्यावधि चुनावों के बाद हो सकता है. इससे पहले अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने भी कहा था कि ट्रंप 2027 की शुरुआत में भारत आ सकते हैं.

समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए गोर ने कहा कि फ्रांस में पीएम मोदी ने ट्रंप से मुलाकात के दौरान उन्हें फिर से भारत आने का न्योता दिया था और वॉशिंगटन इस दौरे को मुमकिन बनाने की पूरी तैयारी कर रहा है. साथ ही उन्होंने बताया कि पीएम मोदी जी20 में हिस्सा लेने दिसंबर में अमेरिका के दौरे पर जाएंगे. उन्हें मार्को रूबियो की तरफ से औपचारिक न्योता दिया गया था. रूबियो ने कहा था कि उन्हें खुशी होगी अगर मोदी फिर से अमेरिका आएंगे.

अमेरिका और भारत के रिश्तों पर टिप्पणी करते हुए गोर ने कहा कि ट्रंप मोदी को अपना दोस्त मानते हैं. अमेरिका, भारत के साथ मिलकर काम करना चाहता है. अमेरिका को इस रिश्ते की परवाह है. देश के पास एक ऐसा राष्ट्रपति है जो इस रिश्ते के बारे में सोचते हैं. साथ ही कहा कि दोनों नेताओं के आपसी रिश्ते, दोनों देशों के हित में काम कर रहे हैं.

अमेरिका और भारत की ट्रेड डील पर जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि 18 महीनों की लंबी बातचीत के बाद यह डील अपने आखिरी चरण में है. गोर ने कहा, "लोग पूछते हैं कि इस डील में ऐसा क्या है जो इतना वक्त लग रहा है. हम डेढ़ साल से इस पर काम कर रहे हैं. भारत और अमेरिका बीस सालों से व्यापार कर रहे हैं. चाहे कुछ भी हो, एक बार जब हम यूरोपियन डील को हरा देंगे, तो मुझे लगता है कि हम अच्छी हालत में होंगे. लेकिन मैं इसे खत्म करने का पक्का इरादा रखता हूं."

2027 में सूरत से वापी के बीच चल सकती है भारत की पहली बुलेट ट्रेन

भारतीय रेल मंत्रालय ने बताया है कि भारत 2027 में लंबे समय से लंबित पहली हाई-स्पीड बुलेट ट्रेन लाइन के एक हिस्से को शुरू करने की राह पर है. ऐसा इस परियोजना पर काम शुरू होने के लगभग एक दशक बाद होने जा रहा है. भारतीय रेलवे के अतिरिक्त महानिदेशक धर्मेंद्र तिवारी ने समाचार एजेंसी एएफपी को बताया, "पूरे कॉरिडोर पर काफी काम पहले ही पूरा हो चुका है." उन्होंने आगे कहा, "बुलेट ट्रेन का पहला सेक्शन 2027 में सूरत और वापी शहरों के बीच चालू हो जाएगा."

बुलेट ट्रेन की पहली 508 किलोमीटर लंबी लाइन भारत के पश्चिमी तट पर बनाई जा रही है, जो मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर है. भारत को उम्मीद है कि बुलेट परियोजना जिसे वह भारत के रेलवे आधुनिकीकरण की कोशिशों में एक बड़ा मील का पत्थर कह रही है, वह एक व्यापक राष्ट्रीय विद्युतीकृत हाई-स्पीड रेल नेटवर्क के लिए एक बुनियाद का काम करेगा.

सरकार की योजना में कहा गया है कि इस परियोजना के जरिये विकसित ज्ञान, कौशल और क्षमताओं से देशभर में भविष्य के हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर को समर्थन मिलने की उम्मीद है. जापान की शिनकानसेन तकनीक का इस्तेमाल करने वाली इस परियोजना की शुरुआत 2017 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान के पूर्व पीएम शिंजो आबे ने की थी. मूल रूप से इसे 2023 तक पूरा करने की योजना थी लेकिन इस परियोजना को आने में लंबा समय लगा है, जो लागत बढ़ने और देरी के चक्रव्यूह में फंसी रही.

मोनाको में भीषण विस्फोट, यूक्रेनी कारोबारी सहित 3 घायल

फ्रांस की सीमा के करीब मोनाको में एक आवासीय इमारत के पास हुए एक भीषण विस्फोट में तीन लोग घायल हो गए हैं, जिनमें से दो की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है. स्थानीय पुलिस ने कहा है कि घटना को पहले से तय कर अंजाम दिया गया है. मोनाको के प्रिंस अल्बर्ट द्वितीय ने इसकी निंदा करते हुए कहा कि इसने पूरे मोनेगास्क समुदाय को झकझोर कर रख दिया है.

समाचार एजेंसी एएफपी के अनुसार, घायलों में यूक्रेन के दिग्गज कारोबारी वादिम येरमोलेव शामिल हैं. इस धमाके में एक महिला भी गंभीर रूप से घायल हुई है और दोनों की हालत फिलहाल नाजुक बनी हुई है. मोनाको के राज्य मंत्री क्रिस्टोफ मीरमंड ने बताया कि एक 13 वर्षीय किशोर भी इस हमले में घायल हुआ है.

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, यह धमाका एक आईईडी या विस्फोटक उपकरण के जरिए किया गया था, जिसमें बोल्ट और छर्रों का इस्तेमाल किया गया था ताकि ज्यादा से ज्यादा नुकसान पहुंचाया जा सके. फ्रांसीसी मीडिया आउटलेट बीएफएमटीवी ने स्थानीय अधिकारियों के हवाले से बताया कि सीसीटीवी फुटेज में एक व्यक्ति को घटनास्थल पर बैग रखते हुए देखा गया, जिसके बाद वह वहां से भाग निकला.

जर्मनी: श्टाडे शहर में हुई गोलीबारी में मरने वालों की संख्या बढ़कर 6 हुई

उत्तरी जर्मनी के श्टाडे शहर में एक यूथ वेलफेयर सेंटर में 29 जून को हुई भीषण गोलीबारी में मरने वालों की संख्या बढ़कर छह हो गई है. पुलिस की जानकारी के अनुसार, इस हमले में चार महिलाओं और दो पुरुषों की जान गई है. मारे गए सभी लोग इसी वेलफेयर सेंटर के कर्मचारी थे, जिन्हें इमारत के भीतर ही गोली मारी गई. इनमें से पांच लोगों की मौत घटनास्थल पर ही हो गई थी, जबकि छठे गंभीर रूप से घायल व्यक्ति ने अस्पताल में दम तोड़ दिया. पुलिस ने आशंका जताई है कि मृतकों का आंकड़ा अभी और बढ़ सकता है.

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समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने एक पुलिस अधिकारी के हवाले से बताया कि मुख्य हमलावर 45 वर्षीय एक पुरुष है, जो तुर्की मूल का जर्मन नागरिक है. शुरुआती जांच में सामने आया है कि वह अपनी तीन महीने की बेटी की कस्टडी को लेकर चल रहे एक कानूनी विवाद से गुजर रहा था. पुलिस प्रवक्ता ने पहले जानकारी दी थी कि मुख्य आरोपी पुरुष और उसकी एक महिला साथी को गिरफ्तार किया गया है, जबकि बाद में पुलिस के एक अन्य बयान में एक तीसरे संदिग्ध को भी हिरासत में लेने की बात कही गई है.

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जांचकर्ताओं के मुताबिक, यह मामला महिला-हत्या या राजनीतिक पृष्ठभूमि से जुड़ा हुआ नहीं है, बल्कि यह एक 'पारिवारिक विवाद' का नतीजा है. जर्मनी में इस तरह की मास शूटिंग की घटनाएं आम नहीं मानी जाती हैं, लेकिन हाल के वर्षों में ऐसे कुछ मामले सामने आए हैं. इससे पहले साल 2023 में हैम्बर्ग के एक प्रार्थना स्थल पर एक बंदूकधारी ने छह लोगों की हत्या कर खुद को गोली मार ली थी, वहीं 2016 में म्यूनिख में एक जर्मन-ईरानी युवक ने नौ लोगों की जान ले ली थी.

दोहा में होने वाली बैठक पर ईरान और अमेरिका के अलग अलग दावे

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान ने मंगलवार को दोहा में एक बैठक का अनुरोध किया है. जबकि समाचार एजेंसी एएफपी के मुताबिक तेहरान ने ऐसी किसी भी सीधी बातचीत की योजना से इनकार किया है. वॉशिंगटन और तेहरान दोनों ने कहा है कि वे खाड़ी देश में अपने प्रतिनिधिमंडल भेज रहे हैं, लेकिन इस यात्रा के समय और उद्देश्य के साथ साथ दूसरी जानकारियों पर दोनों पक्षों की तरफ से विरोधाभासी बयान जारी किए गए हैं. होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए दोनों देशों के बीच हुए शुरुआती समझौते के बाद भी लगातार जारी हवाई हमले तनाव का कारण बने हुए हैं.

29 जून को ईरान के साथ दोहा में बैठक का दावा करने वाले ट्रंप के सोशल मीडिया पोस्ट के ठीक बाद, उन्होंने फॉक्स न्यूज को बताया था कि अमेरिका की तरफ से स्टीव विटकॉफ और ट्रंप के सलाहकार और दामाद जेरेड कुश्नर इस सप्ताह उच्च स्तरीय बैठकों के लिए दोहा जाएंगे.

अमेरिकी मीडिया चैनल सीएनएन ने मंगलवार की सुबह रिपोर्ट दी कि अमेरिका की तरफ से विटकॉफ कतर के रास्ते में थे. हालांकि, ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने 29 जून को कहा था कि ईरान के विशेषज्ञों का एक प्रतिनिधिमंडल इस सप्ताह दोहा जाएगा, लेकिन उन्होंने अमेरिकियों के साथ किसी भी बैठक से साफ इनकार किया. उन्होंने कहा, "हम अभी तक अंतिम समझौते पर बातचीत के चरण में नहीं पहुंचे हैं. आने वाले दिनों में, हमारे पास किसी भी स्तर पर अमेरिकी पक्ष के साथ कोई बातचीत की बैठक नहीं होगी."

पश्चिम बंगाल में हल्दिया रिफाइनरी की पाइपलाइन में लगी आग, कई झुलसे: रिपोर्ट

पश्चिम बंगाल में हल्दिया रिफाइनरी की नैफ्था पाइपलाइन में लगी आग में कई लोग घायल हो गए हैं, रिफाइनरी की मालिक हल्दिया पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड ने यह जानकारी दी है. हादसे में घायल ज्यादातर लोग रिफाइनरी के कर्मचारी ही हैं. हल्दिया पेट्रोकेमिकल्स ने एक बयान में कहा कि अब तक आई जानकारी से पता चला है कि यह हादसा प्लांट के पास स्थित एक अनधिकृत नैफ्था पाइपलाइन के आसपास हुआ होगा.

बयान में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि इस आग से रिफाइनरी के कामकाज पर कोई असर पड़ा है या नहीं. हालांकि, भारतीय मीडिया की रिपोर्ट्स के मुताबिक रिफाइनरी के पास मौजूद रेलवे के सामान को नुकसान पहुंचा है और इस रास्ते पर ट्रेनों की आवाजाही भी प्रभावित हुई है. वहीं, एचपीएल ने कहा कि घटना के सटीक कारणों की जांच की जा रही है और उसने स्थानीय समुदायों से पेट्रोलियम उत्पादों तक अनधिकृत तौर तक पहुंच को लेकर पहले ही आगाह किया था. आग में झुलसे लोगों को स्थानीय अस्पताल में भर्ती करवा दिया गया है. नैफ्था एक बेहद ही ज्वलनशील हाइड्रोकार्बन है और उसके ट्रांसपोर्टेशन में बेहद सावधानी बरते जाने की जरूरत होती है.

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