22 जून की बड़ी खबरें और अपडेट्स
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भारत और दुनिया की बड़ी खबरें एक साथ, एक ही जगह पढ़ने के लिए आप सही पेज पर हैं. इस लाइव ब्लॉग को हम लगातार अपडेट कर रहे हैं, ताकि ताजा खबरें आप तक पहुंचा सकें.ब्रिटिश पीएम किएर स्टार्मर ने की पीएम पद से इस्तीफा देने की घोषणा
अमेरिका के साथ वार्ता के बाद ईरान के तेल निर्यात को मिली छूट
भारत में साल 2040 तक दोगुनी हो सकती है इथेनॉल की मांग
फिलीपींस के स्कूल में हुई गोलीबारी, तीन की मौत, पांच घायल
यूरोप में हीटवेव के कारण हुईं कई मौतें, सरकार ने जरूरी कदम उठाए
चीन ने 10 अमेरिकी कंपनियों पर लगाए जवाबी प्रतिबंध
चीन ने सोमवार, 22 जून को 10 अमेरिकी कंपनियों पर कड़े प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है. चीन ने इन कंपनियों को अमेरिकी सेना से संबंधित बताया है. यह प्रतिबंध दिग्गज चीनी टेक कंपनियों पर लगाए गए अमेरिकी प्रतिबंधों के जवाब में लागू किए गए हैं.
जून की शुरुआत में, अमेरिकी रक्षा विभाग ने अलीबाबा और बायडू समेत कई टेक कंपनियों को उन कंपनियों की लिस्ट में शामिल किया, जिनके बारे में विभाग का कहना है कि उनके चीनी सेना से संबंध हैं. बायडू ने कहा है कि उसे एक सैन्य कंपनी बताना "पूरी तरह से बेबुनियाद" है. इस लिस्ट में शामिल होने की वजह से ये कंपनियां अमेरिकी सेना के कॉन्ट्रैक्ट हासिल नहीं कर पाएंगी.
चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि अब चीनी ड्रोन निर्माता और दुर्लभ खनिज से जुड़ी कंपनियां अमेरिकी कंपनियों को “डुअल यूज” वाली वस्तुएं निर्यात नहीं करेंगी. “डुअल यूज” यानी ऐसी चीजें जिन्हें नागरिक और सैन्य दोनों तरह के उत्पादन में इस्तेमाल किया जा सके.
वाणिज्य मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि बाकी देशों की कंपनियों या व्यक्तियों को भी चीन से “डुअल यूज” वाली वस्तुएं इन प्रतिबंधित अमेरिकी फर्मों को निर्यात करने की अनुमति नहीं होगी. चीन का कहना है कि अमेरिकी प्रतिबंध चीनी नेता शी जिनपिंग और अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के बीच मई में हुई मुलाकात में बनी सहमति के खिलाफ हैं.
चीन द्वारा प्रतिबंधित कंपनियों में एवियॉक्स, रेड कैट होल्डिंग्स, टील ड्रोन्स, इमसार, जाया रोबोटिक्स, बॉल एयरोस्पेस, ओशकोश डिफेंस, एल3हैरिस मैरीटाइम सर्विसेज, एमपी मैटेरियल्स और यूएसए रेयर अर्थ शामिल हैं.
ऑस्ट्रेलिया में गुप्त बंकरों से 2700 किलो कोकेन जब्त किया गया
ऑस्ट्रेलिया की पुलिस ने सिडनी के पास अंडरग्राउंड बंकरों से 2,700 किलोग्राम कोकेन जब्त किया है, जिसकी बाजार में कीमत करीब 57.2 करोड़ डॉलर है. इसे ऑस्ट्रेलिया में कोकेन की सबसे बड़ी जब्ती बताया जा रहा है. न्यूज एजेंसी एपी के मुताबिक, सिडनी के बाहरी इलाके में बनी एक प्रॉपर्टी में तीन शिपिंग कंटेनर रखे हुए थे, जिनके नीचे गुप्त बंकर बने हुए थे. इन बंकरों में प्लास्टिक के टबों में कोकेन को छिपाकर रखा गया था. वहीं, इन कंटेनरों के फर्श नकली थे, जिन्हें हटाकर कोकेन तक पहुंचा जा सकता था.
ऑस्ट्रेलिया पुलिस ने यह जब्ती 19 जून को की थी, जबकि इसकी जानकारी 22 जून को दी है. पुलिस ने ड्रग तस्करी से जुड़े एक संगठित अपराध सिंडिकेट के खिलाफ कार्रवाई करते हुए जब्ती की. इस कार्रवाई के दौरान 21 और 25 साल के दो युवकों को भी गिरफ्तार किया गया, जो मौके से भागने की कोशिश कर रहे थे. ऑस्ट्रेलिया के कानून के मुताबिक, इन्हें उम्रकैद तक की सजा हो सकती है. ऑस्ट्रेलिया में कोकेन काफी महंगा बिकता है इसलिए यह ड्रग तस्करों के लिए एक आकर्षक ठिकाना बन जाता है.
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ब्रिटिश पीएम किएर स्टार्मर ने की पीएम पद से इस्तीफा देने की घोषणा
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर ने सोमवार, 22 जून को घोषणा की कि वे अपने पद से इस्तीफा देंगे. उन्होंने कहा कि लेबर पार्टी का नया नेता चुने जाने तक वे पीएम पद पर बने रहेंगे और सत्ता के इस बदलाव में पूरा सहयोग करेंगे. उन्होंने उम्मीद जताई कि सितंबर में संसद के अगले सत्र तक नया प्रधानमंत्री चुन लिया जाएगा. स्टार्मर जुलाई 2024 में लेबर पार्टी के भारी बहुमत से चुनाव जीतने के बाद प्रधानमंत्री बने थे.
इस साल मई में हुए स्थानीय और क्षेत्रीय चुनावों में उनकी लेबर पार्टी की करारी हार के बाद से वे भारी दबाव में थे. उनकी लोकप्रियता बेहद निचले स्तर पर पहुंच गई थी और खुद उनकी पार्टी के भीतर से ही इस्तीफे की मांग उठ रही थी. लेबर पार्टी में उनके प्रतिद्वंद्वी एंडी बर्नहैम की संसदीय चुनाव में जीत के बाद, स्टार्मर के इस्तीफे की मांग तेजी से बढ़ी. लेबर पार्टी को उम्मीद है कि बर्नहैम पार्टी की खोई हुई लोकप्रियता वापस ला सकते हैं.
स्टार्मर ने कहा है कि वे लेबर पार्टी से नेतृत्व में बदलाव के लिए एक समयसीमा तय करने के लिए कहेंगे. उन्होंने यह भी बताया कि उम्मीदवारों के लिए नामांकन प्रक्रिया 9 जुलाई से शुरू हो जाएगी. संबोधन के अंत में स्टार्मर की आंखें भर आईं और उन्होंने कहा कि वे पीएम पद से इस्तीफा देने के बाद अपने परिवार के साथ वक्त बिताएंगे. उन्होंने यह भी कहा कि वे अपने उत्तराधिकारी का पूरा समर्थन करेंगे.
कतर के गैस टर्मिनल में विस्फोट, 54 लोग घायल, 18 लापता
कतर के एक प्रमुख गैस निर्यात टर्मिनल में रविवार, 21 जून रात भीषण विस्फोट हुआ, जिसकी चपेट में आने से 54 लोग घायल हो गए, जबकि 18 लोग लापता हो गए. न्यूज एजेंसी एपी के मुताबिक, यह विस्फोट रास लफ्फान इंडस्ट्रियल एरिया में तब हुआ, जब कर्मचारी वहां ऑपरेशन दोबारा शुरू करने के प्रयास कर रहे थे. जंग के दौरान ईरान के हमलों में कतर के इस औद्योगिक क्षेत्र को भारी नुकसान पहुंचा था, जिससे यहां कामकाज प्रभावित हुआ था.
इसके अलावा, होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने के चलते कतर का गैस निर्यात ठप हो गया और उसे अपना गैस उत्पादन रोकना पड़ा था. अब ईरान और अमेरिका के बीच शुरुआती शांति समझौता होने के बाद कतर इस टर्निमल को दोबारा शुरू कर रहा था और इसी दौरान यह हादसा हुआ. यह विस्फोट वैश्विक ऊर्जा बाजारों के लिए चिंता बढ़ा सकता है क्योंकि कतर दुनिया के शीर्ष प्राकृतिक गैस उत्पादकों में से एक है.
प्राकृतिक गैस उत्पादन ने कतर को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में मुख्य भूमिका निभाई है. कतर ने गैस उत्पादन से हुई कमाई के बल पर अपनी प्रतिष्ठा बढ़ाने के लिए साल 2022 में फीफा विश्वकप का आयोजन किया, अपना अल जजीरा न्यूज नेटवर्क बनाया और अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थत के तौर पर अपनी साख मजबूत की. स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच जारी बातचीत में भी कतर मध्यस्थत की भूमिका निभा रहा है.
भारत में साल 2040 तक दोगुनी हो सकती है इथेनॉल की मांग
भारत में साल 2040 तक इथेनॉल की मांग बढ़कर दोगुनी से ज्यादा हो सकती है. देश में फिलहाल इथेनॉल की मांग 12 से 13 अरब लीटर है, जो 2039-40 तक बढ़कर 30 अरब लीटर पर पहुंच सकती है. न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने उद्योग के अनुमानों के आधार पर यह जानकारी दी है. पेट्रोल में अधिक इथेनॉल मिलाए जाने और बाजार में फ्लेक्सिबल फ्यूल वाहनों की एंट्री को इसकी मुख्य वजह बताया जा रहा है.
गोदावरी बायोरिफाइनरीज के चेयरमैन समीर सोमैया ने रॉयटर्स से कहा, "इथेनॉल की मांग का रुझान अविश्वसनीय रूप से मजबूत है." भारत में सबसे ज्यादा गाड़ियां बेचने वाली कंपनी मारुति सुजुकी ने इस महीने देश की पहली फ्लेक्स-फ्यूल गाड़ी वैगनार लॉन्च की है. वहीं, हीरो मोटोकॉर्प ने फ्लेक्स-फ्यूल वाली एचएफ डीलक्स और स्प्लेंडर बाइक लॉन्च की हैं. इससे देश में फ्लेक्सिबल वाहनों का चलन बढ़ सकता है.
प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो की प्रेस रिलीज के मुताबिक, फ्लेक्सिबल फ्यूल वाहन शुद्ध पेट्रोल, शुद्ध इथेनॉल और पेट्रोल-इथेनॉल के मिश्रण से चल सकते हैं. सुजुकी द्वारा लॉन्च की गई कार ई20 से लेकर ई100 ईंधन तक पर दौड़ सकती है. वहीं, हीरो द्वारा लॉन्च की गईं बाइकें ई85 तक पर दौड़ सकती हैं. ई20 ईंधन में 20 फीसदी इथेनॉल और 80 फीसदी पेट्रोल होता है. वहीं, ई100 ईंधन में 100 फीसदी इथेनॉल होता है.
फिलीपींस के स्कूल में हुई गोलीबारी, तीन की मौत, पांच घायल
पूर्वी फिलीपींस के एक हाई स्कूल में सोमवार, 22 जून को हुई गोलीबारी में कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई और कम से कम पांच घायल हो गए हैं. इस हमले के सिलसिले में पुलिस ने 14 और 15 साल के दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया है.
क्षेत्रीय पुलिस निदेशक जेसन कैपॉय ने संवाददाताओं को बताया कि मनीला से लगभग 575 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में स्थित टैक्लोबन शहर के 'सन जोस नेशनल हाई स्कूल' में यह हमला हुआ. पुलिस अधिकारी के मुताबिक, घटना के समय स्कूल में कई प्रवेश और निकास द्वार होने के बावजूद वहां केवल एक सुरक्षा गार्ड तैनात था.
समाचार एजेंसी डीपीए के मुताबिक, टैक्लोबन सिटी पुलिस ने एक बयान में कहा कि गोलीबारी में घायल हुए सभी पीड़ितों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पतालों में ले जाया गया है. पुलिस इस बात की गहन जांच कर रही है कि संदिग्धों ने गोलीबारी में इस्तेमाल किए गए हथियार कहां से और कैसे हासिल किए थे. प्रशासन फिलहाल घटना के पीछे की परिस्थितियों की जांच कर रहा है.
यूरोप में हीटवेव के कारण हुईं कई मौतें, सरकार ने जरूरी कदम उठाए
फ्रांस में वीकेंड के दौरान गर्मी के कारण तीन बुजुर्गों की मौत दर्ज की गई है, जिसके बाद स्थिति से निपटने के लिए विशेष कदम उठाए जा रहे हैं. फ्रांस के 96 मुख्य विभागों में से 49 विभागों में रेड अलर्ट जारी कर दिया गया है. इसके चलते प्रशासन ने सोमवार को 845 स्कूलों को बंद करने और 1,800 अन्य स्कूलों में तय समय से पहले छुट्टी देने की घोषणा की है.
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, फ्रांस में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है, जो जून के महीने के लिए अत्यधिक है. यह हीटवेव अगस्त 2003 जैसी गंभीर हो सकती है, जिसमें करीब 15,000 लोगों की जान गई थी.
इस अत्यधिक गर्मी के कारण फ्रांस और बेल्जियम दोनों देशों ने अपनी रेल सेवाओं में कटौती की है. फ्रांस में मुख्य रूप से पेरिस और उसके आसपास की रेल लाइनों को प्रभावित किया गया है, जबकि बेल्जियम की राष्ट्रीय रेल कंपनी एसएनसीबी ने दो दिन के लिए पीक ऑवर्स की कुछ ट्रेनों को रद्द कर दिया है.
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बेल्जियम के मौसम विभाग आईआरएम के अनुसार, आने वाले सप्ताह में वहां अब तक का सबसे अधिक तापमान रिकॉर्ड किया जा सकता है. ब्रिटेन में रॉयल मेटियोरोलॉजिकल सोसाइटी ने भविष्यवाणी की है कि जून में तापमान 38 से 39 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जिससे पुराना रिकॉर्ड पूरी तरह टूट जाएगा.
स्पेनके मौसम विभाग ऐमेट ने भी बुधवार, 17 जून तक दिन और रात दोनों समय अत्यधिक तापमान की चेतावनी जारी की है, जहां कुछ इलाकों में पारा 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है. वैज्ञानिकों और प्रमुख शोधकर्ताओं के अनुसार, इस रिकॉर्ड तोड़ गर्मी के पीछे इंसानी गतिविधियों के कारण होने वाला जलवायु परिवर्तन मुख्य वजह है, जिसने वायुमंडल में अतिरिक्त गर्मी बढ़ा दी है. अत्यधिक गर्मी की वजह से मैड्रिड में स्पेन और सऊदी अरब के मैच की लाइव स्क्रीनिंग को रद्द करना पड़ा.
अमेरिका के साथ वार्ता के बाद ईरान के तेल निर्यात को मिली छूट
मध्य पूर्व में जारी युद्ध को समाप्त करने के लिए ईरान और अमेरिका के बीच पहले दौर की उच्च स्तरीय वार्ता सोमवार तड़के सुबह खत्म हुई. मध्यस्थ देश पाकिस्तानऔर कतर के अनुसार, दोनों पक्ष अगले 60 दिनों के भीतर एक अंतिम समझौते पर पहुंचने के रोडमैप पर सहमत हो गए हैं. स्विट्जरलैंड के बुरगेनश्टॉक रिजॉर्ट में हुई इस बातचीत का नेतृत्व अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वैंस और ईरान के संसदीय अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबाफ ने किया.
रविवार को शुरू हुई इस महत्वपूर्ण बैठक में दोनों देशों के बीच कम्युनिकेशन लाइनें स्थापित करने पर सहमति बनी है, ताकि महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखा जा सके और लेबनान में लड़ाई को पूरी तरह समाप्त किया जा सके. ईरान ने 28 फरवरी को इस्राएल और अमेरिका के संयुक्त हमलों के जवाब में होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया था, जिससे यह युद्ध शुरू हुआ था. लेबनान में फिर से लड़ाई ना भड़के, इसके लिए दोनों पक्षों और लेबनानी अधिकारियों के बीच एक 'डी-कॉन्फ्लिक्शन सेल' बनाने पर भी रजामंदी बनी है.
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इस प्रगति के बाद ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने सोशल मीडिया पर बताया कि ईरान के तेल और पेट्रोकेमिकल निर्यात को छूट दे दी गई है, नाकेबंदी हटा दी गई है और कुछ फ्रीज की गई संपत्तियां जारी कर दी गई हैं.
वार्ता की शुरुआत में तब तनाव आ गया था जब अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप द्वारा ईरान को दी गई धमकियों के विरोध में ईरानी प्रतिनिधिमंडल बैठक छोड़कर चला गया था. हालांकि, मध्यस्थों के प्रयासों से बातचीत आगे बढ़ी, जिसके बाद एशिया के शेयर बाजारों में बढ़त देखी गई और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई है.