16 जून की बड़ी खबरें और अपडेट्स

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प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credit: Image File)

भारत और दुनिया की बड़ी खबरें एक साथ, एक ही जगह पढ़ने के लिए आप सही पेज पर हैं. इस लाइव ब्लॉग को हम लगातार अपडेट कर रहे हैं, ताकि ताजा खबरें आप तक पहुंचा सकें.शांति समझौते के तहत परमाणु निरीक्षकों को देश में आने देगा ईरान: जेडी वैंस

"जरूरी नहीं कि मेरे और ट्रंप के विचार हमेशा एक जैसे हों": नेतन्याहू

नीट परीक्षा में चीटिंग रोकने के लिए भारत सरकार ने टेलीग्राम ऐप पर बैन लगाया

स्लोवाकिया के दौरे के बाद फ्रांस के लिए रवाना हुए पीएम मोदी

भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यूरोपीय देश स्लोवाकिया का दौरा मंगलवार, 16 जून को खत्म हो गया, जिसके बाद वे जी7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए फ्रांस रवाना हो गए. स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको खुद पीएम मोदी को विदा करने आए, जिसके लिए मोदी ने आभार व्यक्ति किया. स्लोवाकिया में उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से भी नवाजा गया.

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर स्लोवाकिया के अपने दौरे को "ऐतिहासिक और उत्पादक" बताया है. उन्होंने उम्मीद जताई है कि इस दौरे के बाद दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों में और मजबूती आएगी. उन्होंने लिखा, "मजबूत व्यापारिक संबंध हमारे युवाओं के लिए बहुत फायदेमंद होंगे. गर्मजोशी के लिए स्लोवाकिया की सरकार और लोगों का बहुत आभार."

न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, इस यात्रा के दौरान दोनों देशों ने शिक्षा, अनुसंधान और तकनीक जैसे क्षेत्रों में एमओयू पर हस्ताक्षर किए. श्रम प्रवासन के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए भी समझौता हुआ. इसका मकसद कर्मचारियों की सुरक्षित और कानूनी आवाजाही को आसान बनाना है. दोनों देशों के नेताओं ने अपने संयुक्त बयान में विभिन्न क्षेत्रों में व्यापार और निवेश बढ़ाने पर भी सहमति जताई.

भारत की एआई कंपनी ‘सर्वम एआई’ ने जुटाई 23.4 करोड़ डॉलर की फंडिंग

भारत की एआई कंपनी ‘सर्वम एआई’ ने बताया है कि उन्होंने अपने हालिया फंडिंग राउंड में 23.4 करोड़ डॉलर की फंडिंग जुटाई है, जिसके बाद कंपनी का मूल्यांकन 1.5 अरब डॉलर हो गया है. कंपनी ने इस साल दो लार्ज लैंग्वेज मॉडल (एलएलएम) पेश किए हैं, जिन्हें उनके मुताबिक, पूरी तरह से भारत में ही बनाया गया है. अब यह कंपनी ऐसे नए मॉडल पेश करने की योजना बना रही है, जो अमेरिकी और चीनी प्रतिस्पर्धियों को टक्कर दे सकें.

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सर्वम एआई के को-फाउंडर प्रत्यूष कुमार ने अपने बयान में कहा, "भारत के स्तर का देश इंटेलिजेंस किराए पर नहीं ले सकता है, हमें इसे खुद बनाना होगा." उन्होंने लिखा कि यह बात मुझे सबसे ज्यादा उत्साहित करती है कि हमें भारत में बेहद आधुनिक एआई सिस्टम बनाने का अवसर मिल रहा है. हालांकि, कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि इस क्षेत्र में अमेरिका का मुकाबला करना आसान नहीं होगा.

कंपनी के मुताबिक, उसके मॉडल 22 भारतीय भाषाओं में काम कर सकते हैं और वॉइस कमांड के जरिए भी उनका इस्तेमाल किया जा सकता है, जो इसे वैश्विक प्रतिस्पर्धियों से अलग बनाते हैं. कंपनी की सीरीज बी की फंडिग में भारतीय टेक कंपनी एचसीएल टेक और वेंचर कैपिटल फर्म बेसेमर वेंचर पार्टनर्स ने निवेश किया है. इसके पहले पीक एक्सवी पार्टनर्स और खोसला वेंचर्स भी इसमें निवेश कर चुके हैं.

2036 तक 40 लाख कम हो जाएगी जर्मनी की कामकाजी आबादी: रिपोर्ट

जर्मनी की कामकाजी आबादी में अगले दशक में भारी गिरावट आने की आशंका है. कोलोन स्थित 'इंस्टीट्यूट फॉर जर्मन इकोनॉमी' (आईडब्लू) की एक नई स्टडी के अनुसार, साल 2036 तक देश के कार्यबल में 40 लाख से अधिक लोगों की कमी हो जाएगी. रिपोर्ट के मुताबिक, इस भारी गिरावट की मुख्य वजहें रिटायरमेंट, कम जन्म दर और सख्त माइग्रेशन नीतियां हैं.

जर्मन चांसलर फ्रीडरिष मैर्त्स की गठबंधन सरकार ने हाल के दिनों में प्रवासियों की संख्या को सीमित करने को अपना मुख्य लक्ष्य बनाया है. सरकार का यह कदम देश में तेजी से उभर रही धुर दक्षिणपंथी पार्टी 'अल्टरनेटिव फॉर जर्मनी' (एएफडी) के बढ़ते जनाधार को रोकने की एक राजनीतिक कोशिश है. हालिया सर्वेक्षणों में एएफडी, चांसलर मैर्त्स की सीडीयू पार्टी को पछाड़कर जर्मनी की सबसे लोकप्रिय पार्टी बन चुकी है.

आईडब्लू के अर्थशास्त्री होल्गर शेफर के अनुसार, जर्मनी इस समय "जनसांख्यिकीय बदलाव" के बेहद नाजुक दौर से गुजर रहा है. उन्होंने इससे निपटने के लिए दो अहम सुझाव दिए हैं: पहला, देश के लोगों को अधिक काम करने के लिए प्रोत्साहित किया जाए, और दूसरा, विदेशों से कुशल और योग्य कामगारों का जर्मनी आना आसान बनाया जाए.

नीट परीक्षा में चीटिंग रोकने के लिए भारत सरकार ने टेलीग्राम ऐप पर बैन लगाया

भारत सरकार ने मैसेजिंग ऐप टेलीग्राम पर 22 जून तक के लिए प्रतिबंध लगा दिया है. नीट परीक्षा का आयोजन करने वाली नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) की सिफारिश पर यह बैन लगाया गया है. इसका उद्देश्य 21 जून को होने वाली नीट परीक्षा में चीटिंग होने से रोकना है. इससे पहले 3 मई को नीट परीक्षा का आयोजन किया था, जिसमें पेपर लीक के आरोप लगे थे. इसके बाद एनटीए ने दोबारा से परीक्षा करवाने की घोषणा की थी.

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एनटीए ने अपने बयान में बताया है कि टेलीग्राम को यह निर्देश भी दिया गया है कि वह पहले ही पोस्ट किए जा चुके मैसेजों में बदलाव करने की सुविधा को 30 जून, 2026 तक के लिए बंद कर दे. एनटीए के मुताबिक, इस फीचर का इस्तेमाल “पेपर लीक” के सबूतों में छेड़छाड़ करने के लिए किया जाता रहा है. एनटीए का कहना है कि उम्मीदवारों के साथ धोखाधड़ी करने वाले गिरोहों द्वारा इस प्लेटफॉर्म का संगठित इस्तेमाल किया जाता रहा है.

भारत में नीट परीक्षा के जरिए ही मेडिकल कॉलेजों में दाखिला मिलता है. नीट-यूजी के जरिए एमबीबीएस जैसे ग्रैजुएशन स्तर के कोर्सों में दाखिला मिलता है. वहीं, नीट-पीजी के जरिए एमडी जैसे पोस्ट ग्रैजुएशन स्तर के कोर्सों में दाखिला मिलता है. 21 जून को होने वाली परीक्षा नीट-यूजी की है, जिसमें लाखों स्टूडेंट्स के बैठने की उम्मीद है.

"जरूरी नहीं कि मेरे और ट्रंप के विचार हमेशा एक जैसे हों": नेतन्याहू

अमेरिका और ईरान के बीच हुए शांति समझौते को लेकर 15 जून को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में जब इस्राएली प्रधानमंत्री बेन्यामिन नेतन्याहू से अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के साथ मतभेद की खबरों पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने स्पष्ट रूप से स्वीकार किया कि दोनों नेताओं के विचार हमेशा एक जैसे नहीं रहे हैं. नेतन्याहू ने कहा, "इस्राएल के सुरक्षा हितों की रक्षा करना मेरी जिम्मेदारी है." उन्होंने आगे कहा, "हम अभी भी नहीं जानते कि इस समझौते का अंतिम रूप कैसा होगा."

अमेरिका और इस्राएलने मिलकर ईरान के खिलाफ 28 फरवरी से युद्ध की शुरुआत की थी, लेकिन अब अमेरिका और ईरान के बीच जो अंतरिम समझौता हुआ है, इस्राएल उसमें शामिल नहीं है. इस समझौते के तहत 19 जून को स्विट्जरलैंड में औपचारिक हस्ताक्षर होने के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोला जाएगा और संघर्ष विराम को आगे बढ़ाया जाएगा.

इस समझौते के सामने आते ही इस्राएल में राजनीतिक घमासान शुरू हो गया है. देश के विपक्षी नेताओं और राजनेताओं ने इस समझौते की आलोचना की है. इस्राएली विपक्ष ने इसे ईरान के सामने आत्मसमर्पण करार दिया है और दावा किया है कि इससे इस्राएल की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है.

शांति समझौते के तहत परमाणु निरीक्षकों को देश में आने देगा ईरान: जेडी वैंस

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वैंस ने सोमवार, 15 जून को पुष्टि की है कि अमेरिका के साथ हुए अंतरिम समझौते के तहत ईरान अंतरराष्ट्रीय परमाणु निरीक्षकों को फिर से अपने देश में आने की अनुमति देगा. एनबीसी न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में जब वैंस से पूछा गया कि क्या निरीक्षक ईरान लौटेंगे, तो उन्होंने कहा, "हां, बिल्कुल."

वैंस ने बताया कि इस समझौते का एक सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए), अमेरिकाऔर ईरान के बीच का सहयोग है, ताकि तेहरान के अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम के भंडार को नष्ट किया जा सके. वैंस के मुताबिक, इस बात को रविवार को दोनों देशों के बीच हुए शुरुआती समझौते यानी 'सहमति पत्र' में बेहद स्पष्ट रूप से रेखांकित किया गया है.

इस युद्ध विराम समझौते से जुड़े मुख्य दस्तावेज को अभी तक सार्वजनिक नहीं किया गया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप का कहना है कि यह दस्तावेज आगामी शुक्रवार को होने वाले औपचारिक हस्ताक्षर के बाद ही जारी किया जाएगा, लेकिन उपराष्ट्रपति जेडी वैंस ने संकेत दिए हैं कि दोनों देशों के बीच हुआ यह मूल समझौता शुक्रवार से पहले भी सामने आ सकता है.

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