7 जुलाई की बड़ी खबरें और अपडेट्स

भारत और दुनिया की बड़ी खबरें एक साथ, एक ही जगह पढ़ने के लिए आप सही पेज पर हैं.

प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credit: Image File)

भारत और दुनिया की बड़ी खबरें एक साथ, एक ही जगह पढ़ने के लिए आप सही पेज पर हैं. इस लाइव ब्लॉग को हम लगातार अपडेट कर रहे हैं, ताकि ताजा खबरें आप तक पहुंचा सकें.जर्मनी बनाएगा आपातकाल के लिए गैस का भंडार

सरकार से बातचीत पूरी होने तक भारत में 'यूजरनेम फीचर' लॉन्च नहीं करेगा व्हाट्सएप

माइक्रोसॉफ्ट में 4,800 नौकरियों पर गिरी गाज, Xbox में सबसे बड़ी छंटनी

भारत ने इंडोनेशिया के साथ ब्रह्मोस मिसाइल की आपूर्ति के लिए किया करार

दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर सीपीजे का एक्स अकाउंट बहाल, केंद्र ने हटाई आपत्ति

दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को 'कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी)' के एक्स अकाउंट को अनब्लॉक करने का आदेश दिया. मामले की सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि सरकार को अकाउंट अनब्लॉक किए जाने पर कोई आपत्ति नहीं है. इसके बाद न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा ने संबंधित अधिकारियों को अकाउंट बहाल करने का निर्देश दिया. नीट परीक्षा के मद्देनजर अकाउंट को ब्लॉक किया गया था.

मेहता ने अदालत से कहा, "उस समय नीट परीक्षा होनी थी. लाखों छात्र परीक्षा देने वाले थे. एक्स पर कई ऐसी पोस्ट की जा रही थीं, जिनसे छात्रों और अभिभावकों के बीच अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो सकता था. अब परीक्षा पूरी हो चुकी है."

अभिजीत दिपके ने केंद्र सरकार के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देकर अकाउंट ब्लॉक किया गया था. उनकी ओर से अधिवक्ता नकुल गांधी ने अदालत में पैरवी की. इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) से मिले इनपुट के आधार पर राष्ट्रीय सुरक्षा संबंधी चिंताओं को देखते हुए इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 69A के तहत एक्स को अकाउंट ब्लॉक करने का निर्देश दिया था.

क्या सीजेपी की देखादेखी युवाओं के मुद्दे उठा रही है कांग्रेस

इससे पहले 29 मई की सुनवाई में हाईकोर्ट ने अकाउंट को तत्काल बहाल करने से इनकार कर दिया था. अदालत ने कहा था कि इस मामले का व्यापक प्रभाव है, इसलिए केंद्र सरकार का पक्ष सुने बिना कोई अंतरिम राहत नहीं दी जा सकती. कॉकरोच जनता पार्टी ने 6 जून को नई दिल्ली के जंतर-मंतर से प्रदर्शन की शुरुआत की थी. वे नीट और अन्य परीक्षा अनियमितताओं को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं. इसके बाद से ही प्रदर्शन लगातार जारी रहा. पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी आंदोलन को समर्थन दे रहे हैं. वह 28 जून से जंतर मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठे हैं.

भारत ने इंडोनेशिया के साथ ब्रह्मोस मिसाइल की आपूर्ति के लिए किया करार

जकार्ता में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो की मुलाकात के दौरान भारत और इंडोनेशिया के बीच रक्षा सहयोग को नई मजबूती मिली. दोनों देशों की मौजूदगी में इंडोनेशिया के रक्षा मंत्रालय और भारत-रूस संयुक्त उद्यम ब्रह्मोस एयरोस्पेस के बीच ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल रक्षा प्रणाली को लेकर एक समझौता हुआ. हालांकि समझौते की वित्तीय और तकनीकी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है.

रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, भारत इंडोनेशिया को ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल प्रणाली के साथ-साथ 'अस्त्र' एयर-टू-एयर मिसाइलें भी उपलब्ध कराएगा. इसके अलावा इंडोनेशिया की निजी रक्षा होल्डिंग कंपनी रिपब्लिकॉर्प और भारत की भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (बीडीएल) के बीच भी एयर-टू-एयर मिसाइलों से संबंधित एक समझौते पर हस्ताक्षर किए गए. इससे दोनों देशों के रक्षा संबंध और गहरे होने की उम्मीद है.

फिलीपींस को भारतीय ब्रह्मोस मिसाइल मिलने पर क्या बोला चीन

ये समझौते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इंडोनेशिया यात्रा के दौरान किए गए, जो उनके तीन देशों के दौरे का पहला चरण था.

रक्षा क्षेत्र के अलावा दोनों देशों ने महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति श्रृंखला, इस्पात और कृषि क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए कई समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए. भारत की स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया (सेल) और इंडोनेशिया की क्राकाटाउ स्टील इंडोनेशिया में स्टेनलेस स्टील स्लैब उत्पादन के लिए एक संयुक्त उद्यम स्थापित करेंगी. राष्ट्रपति प्रबोवो ने कहा कि दुनिया के दो बड़े लोकतंत्रों के बीच मजबूत साझेदारी पूरे क्षेत्र के लिए लाभकारी होगी, जबकि मोदी ने हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा और संरक्षा को बढ़ावा देने पर साथ काम करने की बात कही.

केरल के वायनाड में टनल निर्माण स्थल पर भूस्खलन, कई मजदूरों के फंसे होने की आशंका

केरल के वायनाड में भारी बारिश के बाद सुरंग निर्माण स्थल के पास भूस्खलन हुआ. घटना के बाद राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया गया है. कई लोगों के मलबे के नीचे दबे होने की आशंका जताई जा रही है. अधिकारियों के अनुसार, यह हादसा कल्लाडी स्थित मीनाक्षी ब्रिज के पास हुआ, जहां मलप्पुरम-वायनाड टनल प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य चल रहा है. परियोजना के तहत सुरंग की खुदाई से निकाली गई मिट्टी को निर्माण स्थल के बाहर जमा किया गया था. लगातार हो रही बारिश के कारण यह मिट्टी खिसक गई, जिससे बड़ा भूस्खलन हुआ. कई पेड़ उखड़ गए, बैरिकेड बह गए और निर्माण स्थल का एक हिस्सा मलबे की चपेट में आ गया. हादसे के समय परियोजना से जुड़े कई कर्मचारी मौके पर मौजूद थे.

स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू करते हुए तीन लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया. हालांकि आशंका है कि कुछ अन्य श्रमिक अब भी मलबे में फंसे हो सकते हैं. क्षेत्र में कुछ मकान और होमस्टे भी मौजूद हैं. घटना की सूचना मिलते ही फायर एंड रेस्क्यू सर्विस, पुलिस और एनडीआरएफ की टीमें भी मौके पर पहुंची. केरल के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने घटना को लेकर आपातकालीन बैठक की. राज्य के मंत्री टी सिद्दीक और जिला कलेक्टर राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी कर रहे हैं.

2,134 करोड़ रुपये की लागत से बन रही यह टनल परियोजना वायनाड को पूरे साल हर मौसम में निर्बाध सड़क के जरिए जोड़े रखेगा. यह सुरंग NH-766 (कोझिकोड-मैसूर राष्ट्रीय राजमार्ग) से जुड़ेगी, जिससे वायनाड के साथ-साथ केरल की सड़क कनेक्टिविटी बेंगलुरु तक और अधिक तेज हो जाएगी. परियोजना के क्रियांवयन की जिम्मेदारी कोंकण रेलवे कॉर्पोरेशन को सौंपी गई है. परियोजना को अगले चार सालों में पूरा करने की योजना है. टनल के निर्माण का ठेका भोपाल स्थित दिलीप बिल्डकॉन को दिया गया है, जबकि परियोजना से जुड़ी सड़कें और पुल बनाने की जिम्मेदारी कोलकाता की रॉयल कंस्ट्रक्ट के पास है.

वायनाड पहले भी विनाशकारी भूस्खलनों का सामना कर चुका है. 30 जुलाई 2024 की रात मुंडक्कई, चूरलमाला, अट्टामाला और नूलपुझा गांवों में लगातार कई भूस्खलन हुए थे. इस भीषण आपदा में 250 से अधिक लोगों की जान चली गई थी और बड़े पैमाने पर तबाही हुई थी. इसके अलावा, साल 2019 में भी भारी बारिश के कारण वायनाड के इन्हीं क्षेत्रों में भूस्खलन की घटनाएं हुई थीं. उस दौरान 17 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 52 मकान पूरी तरह नष्ट हो गए थे.

बलूचिस्तान में पुलिस चौकी पर हमला, 9 पुलिसकर्मियों की मौत, कई लापता

पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान प्रांत में मंगलवार को मंगी डैम परियोजना की सुरक्षा में तैनात एक पुलिस चौकी पर हुए हमले में नौ पुलिसकर्मियों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य अब भी लापता बताए जा रहे हैं. वरिष्ठ जिला अधिकारी अब्दुल कुदूस ने बताया कि हमलावरों ने अचानक चौकी को निशाना बनाया, जिससे सुरक्षा बलों को भारी नुकसान हुआ.

अंदर से कैसी चुनौतियों का सामना कर रहा है पाकिस्तान

बलूचिस्तान सरकार के एक प्रवक्ता ने मृतकों की संख्या की पुष्टि करते हुए कहा कि मारे गए पुलिसकर्मियों में कई वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हैं. अधिकारियों ने इस हमले के लिए इस्लामिक उग्रवादियों को जिम्मेदार ठहराया है. घटना के बाद पुलिस, अर्धसैनिक बलों और आतंकवाद-रोधी इकाइयों ने संयुक्त अभियान चलाकर इलाके में तलाशी और सफाई अभियान शुरू किया.

खनिज संपदा से समृद्ध बलूचिस्तान प्रांत लंबे समय से अलगाववादी और उग्रवादी हिंसा से प्रभावित रहा है. यहां सुरक्षा बलों, विदेशी निवेश और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को अक्सर निशाना बनाया जाता है. इस बीच पाकिस्तान लगातार आरोप लगाता रहा है कि सीमा पार अफगानिस्तान से संचालित आतंकी समूह उसके क्षेत्रों में हमले कर रहे हैं, हालांकि अफगान तालिबान सरकार इन आरोपों से इनकार करती रही है.

अंकारा में नाटो समिट की शुरुआत, अरबों डॉलर के रक्षा सौदों पर होगी चर्चा

तुर्की की राजधानी अंकारा में मंगलवार से नाटो का दो दिवसीय शिखर सम्मेलन शुरू हो रहा है. इस दौरान अरबों डॉलर की नई सैन्य योजनाओं की घोषणा हो सकती है. सहयोगी देश अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप को यह दिखाने की कोशिश करेंगे कि वे रक्षा बजट पर अधिक खर्चा कर रहे हैं. कार्यक्रम 'बिग रिवील' में नाटो के कई नेता रक्षा कंपनियों के साथ नए समझौतों का एलान करेंगे. इनमें कई कंपनियां अमेरिका की हैं. ट्रंप कह चुके हैं कि अमेरिकी हथियारों और नेतृत्व के बिना नाटो कमजोर पड़ जाएगा.

इस शिखर सम्मेलन का मुख्य फोकस 'मजबूत नाटो के लिए मजबूत यूरोप' पर रहेगा. ट्रंप प्रशासन ने नाटो सहयोगी देशों से कहा है कि उन्हें यूरोप की सुरक्षा की जिम्मेदारी ज्यादा खुद उठानी होगी क्योंकि अमेरिका अब अपना ध्यान चीन और हिंद-प्रशांत क्षेत्र पर केंद्रित करना चाहता है.

नाटो महासचिव मार्क रूटे ने कहा, "हम अरबों डॉलर के नए रक्षा समझौतों की घोषणा करेंगे, जिनसे हमें जरूरी हथियार और उपकरण मिलेंगे ताकि हम खतरों से बचाव कर सकें."

सम्मलेन में घोषित होने वाले नए रक्षा समझौतों में एक बड़ा सौदा पुराने निगरानी विमानो को बदलने से जुड़ा हो सकता है. कुछ अन्य सैन्य परियोजनाओं के लिए पैसा यूरोपीय संघ (ईयू) की रक्षा योजनाओं के तहत दिए जाने वाले सस्ते कर्ज से आएगा. इसके लिए ईयू ने बाजार से करीब 170 अरब डॉलर जुटाने की योजना बनाई है.

इस बीच इस्राएल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिका से अपील की है कि वह तुर्की को एफ-35 लड़ाकू विमान न बेचे. सोमवार को एक टीवी कार्यक्रम में नेतन्याहू ने कहा कि तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्दोआन खुले तौर पर इस्राएल के खत्म होने की बात करते हैं. तुर्की और इस्राएल के बीच लंबे समय से तनावपूर्ण संबंध हैं. गाजा युद्ध को लेकर एर्दोआन अक्सर इस्राएल पर गंभीर आरोप लगाते रहे हैं.

दक्षिण कोरिया में "फेक न्यूज" पर सख्त कानून लागू

दक्षिण कोरिया में मंगलवार से लागू एक नए कानून के तहत अब गलत और भ्रामक जानकारी फैलाने वाले समाचार संस्थानों और सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स पर भारी जुर्माना लगाया जा सकेगा. पत्रकार संगठनों और नागरिक अधिकार समूहों का कहना है कि इससे लोगों की खुलकर बोलने की आजादी प्रभावित हो सकती है और सेंसरशिप बढ़ने का खतरा है. इस कानून की भाषा स्पष्ट नहीं है. इसमें यह साफ नहीं बताया गया है कि किस तरह की जानकारी को गलत माना जाएगा. साथ ही इससे सरकार, नेताओं और बड़ी कंपनियों के खिलाफ की जाने वाली निष्पक्ष और आलोचनात्मक रिपोर्टिंग प्रभावित होगी.

इस नए कानून के तहत अगर कोई समाचार संस्थान, बड़ा सोशल मीडिया चैनल और यूट्यूब क्रिएटर गलत या भ्रामक जानकारी फैलाकर किसी को नुकसान पहुंचाता है या उससे कमाई करता है, तो अदालत उससे हुए नुकसान की राशि से पांच गुना तक हर्जाना भरने का आदेश दे सकती है. इसके अलावा, अगर अदालत किसी जानकारी को गलत या छेड़छाड़ की गई (मैनिपुलेटेड) घोषित कर देती है और उसके बाद भी कोई व्यक्ति उसे फैलाता है, तो उस पर एक अरब वॉन (लगभग 6.56 लाख डॉलर) तक का जुर्माना लग सकता है.

साथ ही जिन इंटरनेट कंपनियों के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर रोजाना 10 लाख से ज्यादा यूजर्स आते हैं, उन्हें फर्जी जानकारी की शिकायत मिलने पर कार्रवाई करनी होगी. इसमें ऐसी सामग्री हटाना या संबंधित यूजर का अकाउंट बंद करना जैसे कदम शामिल हैं. इस कानून का समर्थन राष्ट्रपति ली जे-म्यांग की उदारवादी डेमोक्रेटिक पार्टी ने किया था. यह कानून पिछले साल दिसंबर में दक्षिण कोरिया की संसद में पारित हुआ. हालांकि उस समय विपक्षी दलों ने इसका बहिष्कार किया था.

भारत में कई ऑनलाइन अकाउंट बंद, सरकार पर सेंसरशिप का आरोप

कोरिया जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन ने कहा कि अगर समाचार संस्थानों पर बार-बार भारी जुर्माने और कानूनी मामलों का खतरा रहेगा, तो इससे मीडिया की स्वतंत्रता पर नकारात्मक असर पड़ सकता है. संगठन ने एक बयान में कहा, “अगर किसी कानून का उद्देश्य सही भी हो, लेकिन उसे इस तरह लागू किया जाए कि मीडिया और आम लोग सत्ता में बैठे लोगों की आलोचना या जांच करने से डरने लगें, तो यह लोकतंत्र की नींव को कमजोर कर सकता है.”

सियोल फॉरेन कॉरेस्पोंडेंट्स क्लब ने भी चिंता जताई है.

जर्मनी बनाएगा आपातकाल के लिए गैस का भंडार

जर्मनी के अर्थव्यवस्था मंत्रालय आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए सरकारी स्वामित्व वाला रणनीतिक गैस भंडार (स्ट्रेटेजिक गैस रिजर्व) बनाने की योजना तैयार कर रहा है. इस पर 1.2 अरब से 1.5 अरब यूरो (लगभग 1.72 अरब डॉलर) तक खर्च होने का अनुमान है. न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की माने तो देश में गैस की भारी कमी और ऊर्जा से जुड़े महत्वपूर्ण ढांचे पर हमला या नुकसान होने पर यह गैस भंडार काम आएगा.

जर्मनी में बड़े टैक्स, श्रम और पेंशन सुधारों को मिली मंजूरी

रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद रूसी गैस पर निर्भरता कम करने और ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करने के लिए जर्मनी लगातार कदम उठा रहा है. इसी दिशा में यह नया रणनीतिक गैस भंडार तैयार किया जाएगा. प्रस्ताव के अनुसार, इस रिजर्व में करीब 24 टेरावाट-घंटे (TWh) गैस संग्रहित की जाएगी, जो जर्मनी की कुल गैस भंडारण क्षमता का लगभग 10 प्रतिशत होगी. सरकार इस योजना को मध्य अगस्त में कैबिनेट की मंजूरी के लिए पेश कर सकती है. बता दें जर्मनी की सरकार ने 2020 में जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता कम करने की योजना के तहत 2038 तक सभी कोयला आधारित बिजली संयंत्रों को बंद करने का फैसला किया था.

इस गैस भंडार के निर्माण, गैस खरीदने और उसे स्टोरेज में भरने पर 2027 और 2028 के दौरान 1.2 अरब से 1.5 अरब यूरो तक खर्च होने का अनुमान है. इसके अलावा, इस भंडार के रखरखाव और संचालन पर हर साल 15 करोड़ से 18 करोड़ यूरो का खर्च आने की उम्मीद है.

सरकार से बातचीत पूरी होने तक भारत में 'यूजरनेम फीचर' लॉन्च नहीं करेगा व्हाट्सएप

मेटा के स्वामित्व वाले मैसेजिंग प्लेटफॉर्म व्हाट्सएप ने भारत सरकार को आश्वासन दिया है कि सरकार के साथ चल रही बातचीत पूरी होने तक वह देश में अपने प्रस्तावित 'यूजरनेम फीचर' को लॉन्च नहीं करेगा.

मामले से जुड़े सूत्रों के अनुसार, केंद्र सरकार ने व्हाट्सएप को इस फीचर को लेकर जारी नोटिस का जवाब देने के लिए तीन दिन का अतिरिक्त समय भी दिया है. कंपनी को पहले शुक्रवार तक जवाब देना था, लेकिन अब उसे अपनी स्थिति स्पष्ट करने के लिए कुछ और समय मिल गया है.

सुप्रीम कोर्ट बनाम वॉट्सऐप: प्राइवेसी पॉलिसी पर छिड़ा विवाद

व्हाट्सएप इस नए फीचर के जरिए यूजर्स को बिना अपना मोबाइल नंबर साझा किए केवल यूजरनेम के माध्यम से बातचीत करने की सुविधा देना चाहता है.

हालांकि, केंद्र सरकार ने पिछले सप्ताह कंपनी को औपचारिक नोटिस जारी कर इस फीचर पर चिंता जताई थी. सरकार का मानना है कि इससे ऑनलाइन धोखाधड़ी, फिशिंग और फर्जी पहचान जैसी साइबर अपराधों का खतरा बढ़ सकता है. इसी कारण सरकार ने व्हाट्सएप से कहा है कि सुरक्षा और उपभोक्ता संरक्षण से जुड़े मुद्दों पर चर्चा पूरी होने तक इस फीचर को लागू न किया जाए.

इस सप्ताह की शुरुआत में व्हाट्सएप ने कहा था कि यूजरनेम फीचर में कई सुरक्षा उपाय पहले से शामिल किए गए हैं, ताकि फर्जी पहचान, धोखाधड़ी और अनचाहे संपर्क जैसी समस्याओं से बचा जा सके. कंपनी का कहना है कि इस फीचर को इस वर्ष के अंत तक वैश्विक स्तर पर चरणबद्ध तरीके से लॉन्च करने की योजना है.

पीएम मोदी की इंडोनेशिया के राष्ट्रपति से अहम मुलाकात, रक्षा और समुद्री सहयोग समेत कई बड़े मुद्दों पर होगी चर्चा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे. इस बैठक में दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी को नई गति देने पर जोर रहेगा. खास तौर पर रक्षा, समुद्री सहयोग, क्रिटिकल मिनरल्स, खाद्य सुरक्षा और डिजिटल अर्थव्यवस्था जैसे अहम क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा होने की उम्मीद है.

क्या बदलती वैश्विक व्यवस्था के बीच एशिया के पास महाशक्ति बनने का मौका है?

बैठक से पहले पीएम मोदी ने राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के उस विशेष भाव की सराहना की, जिसमें उन्होंने खुद एयरपोर्ट पहुंचकर उनका स्वागत किया. पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा कि राष्ट्रपति प्रबोवो का एयरपोर्ट पर स्वागत करने आना उनके लिए बहुत गर्मजोशी और भावनाओं से भरा था.

भारत के लिए खतरे की घंटी है मोंगला पोर्ट पर बांग्लादेश-चीन का समझौता!

प्रधानमंत्री मोदी सोमवार दोपहर अपनी तीन देशों की यात्रा के पहले चरण में इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता पहुंचे. एयरपोर्ट पर राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने उनका स्वागत किया.

दोनों नेताओं के बीच होने वाली वार्ता में रक्षा और समुद्री सुरक्षा के अलावा क्रिटिकल मिनरल्स, खाद्य सुरक्षा और डिजिटल इकोनॉमी में सहयोग बढ़ाने पर विशेष फोकस रहेगा. साथ ही मई 2018 में स्थापित व्यापक रणनीतिक साझेदारी के तहत अब तक हुई प्रगति की भी समीक्षा की जाएगी.

यह प्रधानमंत्री मोदी की इंडोनेशिया की चौथी यात्रा है, लेकिन दोनों देशों के संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी का दर्जा मिलने के बाद उनकी यह पहली द्विपक्षीय यात्रा है.

माइक्रोसॉफ्ट में 4,800 नौकरियों पर गिरी गाज, Xbox में सबसे बड़ी छंटनी

दिग्गज आईटी कंपनी माइक्रोसॉफ्ट ने अपने वैश्विक कार्यबल में बड़ी कटौती करते हुए 4,800 कर्मचारियों की छंटनी की घोषणा की है. कंपनी के अनुसार, यह उसके कुल कर्मचारियों का लगभग 2.1 फीसदी है. सबसे बड़ा असर गेमिंग ब्रांड Xbox पर पड़ेगा, जहां चालू वित्त वर्ष के दौरान करीब 3,200 नौकरियां खत्म की जाएंगी.

मस्क और ओपन एआई की लड़ाई में असल हार किसकी?

Xbox की मुख्य कार्यकारी अधिकारी आशा शर्मा ने कर्मचारियों को भेजे गए संदेश में कहा कि कंपनी का गेमिंग कारोबार फिलहाल "स्वस्थ नहीं" है और इसे फिर से लाभकारी बनाने के लिए बड़े बदलाव जरूरी हैं. उन्होंने कहा कि Xbox 2027 तक दोबारा विकास की राह पर लौटने का लक्ष्य लेकर चल रहा है. माइक्रोसॉफ्ट ने यह भी स्पष्ट किया है कि हटाई जा रही नौकरियों को सीधे तौर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से नहीं बदला जाएगा, हालांकि एआई कामकाज के तरीकों को बदल रही है.

भारत में कितने युवाओं की जॉब ले डूबेगी एआई 'सुनामी'?

माइक्रोसॉफ्ट ने 2024 में एक्टिविजन ब्लिजार्ड का लगभग 69 अरब डॉलर में अधिग्रहण किया था, लेकिन इसके बावजूद Xbox को सोनी और निन्टेंडो से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है. कंपनी लागत कम करने के साथ-साथ अपने गेमिंग कारोबार का पुनर्गठन कर रही है. बढ़ती हार्डवेयर लागत और AI से जुड़ी कंपोनेंट मांग के कारण माइक्रोसॉफ्ट ने Xbox कंसोल की कीमतें बढ़ाने का भी फैसला किया है, जिससे वह सोनी और निन्टेंडो की राह पर चल रही है.

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