देश की खबरें | पहलगाम घटना के विरोध में आक्रोश रैली के दौरान टिकैत के साथ ‘हाथापाई’ के बाद भाकियू ने दिखाई एकता
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के विरोध में शुक्रवार को मुजफ्फरनगर में निकाली गई आक्रोश रैली के दौरान किसान नेता राकेश टिकैत से ‘‘हाथापाई’’ की घटना के बाद भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने शनिवार को पंचायत बुलाई और अपनी एकता का प्रदर्शन किया।
मुजफ्फरनगर, (उप्र) तीन मई पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के विरोध में शुक्रवार को मुजफ्फरनगर में निकाली गई आक्रोश रैली के दौरान किसान नेता राकेश टिकैत से ‘‘हाथापाई’’ की घटना के बाद भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने शनिवार को पंचायत बुलाई और अपनी एकता का प्रदर्शन किया।
पंचायत के बाद भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि संगठन की पंचायत ने सफलतापूर्वक "किसानों के बीच एकता का प्रदर्शन किया।"
किसान नेता और बालियान खाप के प्रमुख नरेश टिकैत ने कहा, "आपातकालीन आह्वान के बावजूद, विभिन्न क्षेत्रों, विशेष रूप से पश्चिमी उत्तर प्रदेश से हजारों लोग पंचायत में शामिल हुए।"
उन्होंने कहा, "पंचायत का उद्देश्य एकता प्रदर्शित करना था, तत्काल कोई निर्णय लेना नहीं था।"
उन्होंने कहा, "पंचायत ने किसी विशेष प्रस्ताव की घोषणा नहीं की।" पंचायत में समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय लोकदल दोनों के वरिष्ठ नेताओं ने भाग लिया।
साल 2024 के लोकसभा चुनावों से ठीक पहले राष्ट्रीय लोकदल राष्अ्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में शामिल हो गया था।
रालोद के विधायक राजपाल बालियान, सरधना से सपा के विधायक अतुल प्रधान, रालोद विधायक मदन भैया, मुजफ्फरनगर निर्वाचन क्षेत्र से सपा सांसद हरेंद्र मलिक और कैराना लोकसभा क्षेत्र से सांसद इकरा हसन भी पंचायत में शामिल थीं।
पंचायत के समापन के बाद किसानों ने जीआईसी मैदान से टाउन हॉल तक मार्च निकाला। इसी स्थान पर आयोजित आक्रोश रैली के दौरान राकेश टिकैत से धक्का-मुक्की हुई और उनकी पगड़ी जमीन पर गिर गई।
राकेश टिकैत आपातकालीन पंचायत में पहुंचे, लेकिन गर्मी के कारण उनकी तबीयत खराब हो गई। पंचायत में मौजूद सपा और रालोद नेताओं ने एकजुटता के संकेत के तौर पर राकेश टिकैत को नई पगड़ी बांधी। इसके बाद टिकैत को रक्तचाप की जांच के लिए चिकित्सक के पास ले जाया गया। बाद में भाकियू के जिला अध्यक्ष नवीन राठी ने पुष्टि की कि टिकैत की तबीयत स्थिर है।
इसके पहले नरेश टिकैत ने ऐलान किया था कि घटना पर चर्चा के लिए मुजफ्फरनगर के जीआईसी मैदान में पंचायत आयोजित की जाएगी।
नरेश टिकैत ने आरोप लगाया कि आक्रोश रैली में हुई घटना किसान आंदोलन को कमजोर करने के लिए एक राजनीतिक दल द्वारा रची गई साजिश का हिस्सा थी।
घटना के बाद मुजफ्फरनगर पुलिस ने राठी की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है।
पहलगाम आतंकवादी हमले के विरोध में शुक्रवार को यहां विभिन्न व्यापारी संगठनों और हिंदू कार्यकर्ताओं द्वारा संयुक्त रूप से एक आक्रोश रैली निकाली गई और विरोध-प्रदर्शन किया गया। राकेश टिकैत भी शुक्रवार शाम को विरोध-प्रदर्शन में शामिल हुए। हालांकि, उनकी उपस्थिति को लेकर कुछ लोगों ने विरोध किया और उन्हें सभा को संबोधित करने से रोक दिया।
रैली में टिकैत के पहुंचने पर भीड़ का एक हिस्सा उत्तेजित हो गया, जिसके कारण टिकैत वहां से चले गए। जब वह जा रहे थे तभी उनसे हाथापाई हुई और उनकी पगड़ी जमीन पर गिर गई।
इस घटना की निंदा करते हुए टिकैत ने कहा था, ‘‘यह घटना अचानक नहीं हुई। यह सोची समझी साजिश थी और यह राजनीतिक उद्देश्यों से प्रेरित थी।’’
उन्होंने कहा था कि अपराह्न में शुरू होने वाली पंचायत से पहले पूरे क्षेत्र से किसान सिसौली और मुजफ्फरनगर में इकट्ठा होने लगे हैं।
शुक्रवार को राकेश टिकैत ने घटना की निंदा करते हुए इसे ‘‘किसान आंदोलन को दबाने के लिए एक विशेष राजनीतिक दल की साजिश’’ बताया था।
पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ कुछ युवकों को भेजा गया था और उन्हें परेशान करने वाले लोगों में से कुछ शराब के नशे में थे।
इसी से जुड़े एक घटनाक्रम में टिकैत ने घोषणा की कि भाकियू पहलगाम में हाल में हुए आतंकवादी हमले के विरोध में ट्रैक्टर मार्च का आयोजन करेगी। इस हमले में 26 लोग मारे गए थे, जिनमें अधिकांश पर्यटक थे।
इस बीच, पुलिस अधीक्षक (नगर) सत्यनारायण प्रजापत ने कहा, ‘‘हमने भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है और राकेश टिकैत के साथ हाथापाई में शामिल असामाजिक तत्वों की पहचान करने के लिए जांच शुरू कर दी है।’’
पुलिस ने पूछताछ के लिए कृष्णापुरी इलाके के निवासी सौरभ वर्मा को हिरासत में लिया है। अधिकारी अन्य संदिग्धों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाल रहे हैं।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के सहयोगी राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) ने घटना की निंदा की और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना से विधायक एवं रालोद के विधायक दल के नेता राजपाल बालियान ने शुक्रवार देर रात टिकैत से मुलाकात की।
उन्होंने इस घटना को ‘दंगाई कृत्य’ बताया और जिला प्रशासन से त्वरित कार्रवाई करने का आग्रह किया।
बालियान ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘इस घटना के लिए जिम्मेदारों को दंडित किया जाना चाहिए। लोकतांत्रिक समाज में इस तरह का व्यवहार अस्वीकार्य है।’’
राकेश टिकैत के बड़े भाई नरेश टिकैत बालियान खाप के चौधरी हैं।
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