मुंबई, सात मार्च बेल्जियम की राजकुमारी एस्ट्रिड ने अपनी भारत यात्रा के हिस्से के रूप में शुक्रवार को एक व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल के साथ देश के प्रमुख कंटेनर बंदरगाह जवाहरलाल नेहरू पोर्ट अथॉरिटी (जेएनपीए) का दौरा किया।
बेल्जियम के प्रतिनिधिमंडल की यात्रा के दौरान जेएनपीए ने भारत में बंदरगाह-केंद्रित प्रशिक्षण संस्थान स्थापित करने के लिए एपीईसी-एंटवर्प/ फ्लैंडर्स प्रशिक्षण केंद्र के साथ एक प्रारंभिक समझौते पर भी हस्ताक्षर किए।
यह प्रशिक्षण केंद्र उन्नत समुद्री शिक्षा प्रदान करेगा और इस क्षेत्र के लिए एक कुशल कार्यबल के विकास में सहयोग करेगा।
इस अवसर पर जेएनपीए के चेयरमैन अनमेश शरद वाघ ने राजकुमारी एस्ट्रिड और व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल को बंदरगाह के संचालन, बुनियादी ढांचे के विकास और महाराष्ट्र में बन रहे वधावन बंदरगाह के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
वाघ ने कहा कि जेएनपीए वैश्विक भागीदारी को बढ़ाने और समुद्री क्षेत्र में टिकाऊ वृद्धि को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।
यात्रा के दौरान राजकुमारी एस्ट्रिड और प्रतिनिधिमंडल के सदस्य जेएनपीए तटीय बर्थ पर स्थित डीईएमई हॉपर ड्रेजिंग पोत 'कांगो रिवर' पर भी सवार हुए।
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