विदेश की खबरें | बांग्लादेश आम चुनाव : सत्तारूढ़ अवामी लीग ने सहयोगियों से किया सीट बंटवारे के लिए समझौता

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श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

ढाका, 17 दिसंबर बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना की सत्तारूढ़ पार्टी अवामी लीग ने सात जनवरी को होने वाले आम चुनाव के लिए रविवार को जातीय पार्टी (जेएपीए) को 300 में से 26 संसदीय सीटें देने का फैसला किया।

आवामी लीग के इस फैसले को विपक्षी पार्टी को चुनाव में हिस्सा लेने के लिए मनाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है क्योंकि मुख्य विपक्षी और पूर्व प्रधानमंत्री खालिद जिया की बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) ने चुनाव का बहिष्कार करने की घोषणा की है।

चुनाव आयोग द्वारा नाम वापस लेने के आखिरी दिन सत्तारूढ़ पार्टी ने एक बयान में कहा, ‘‘अवामी लीग के उम्मीदवारों ने इन सीटों से अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली है।’’

यह घटनाक्रम परदे के पीछे एक दिन की नाटकीय बातचीत के बाद हुआ क्योंकि जेएपीए चुनाव लड़ने के लिए अनिच्छुक थी जबकि बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) की अनुपस्थिति में वह आधिकारिक तौर पर या तकनीकी रूप से वर्तमान संसद में मुख्य विपक्ष है।

बीमार पूर्व प्रधान मंत्री खालिदा जिया की बीएनपी द्वारा बहिष्कार के बीच चुनाव में हिस्सा लेने के लिए जेएपीए की अनिच्छा ने सत्तारूढ़ दल के समक्ष मतदान को वैध बनाने और इसकी भागीदारी प्रकृति सुनिश्चित करने की बड़ी चुनौती पेश कर दी थी।

अवामी लीग ने भी 14 पार्टियों के सत्तारूढ़ गठबंधन में अपने सहयोगियों के लिए छह सीटें छोड़ी हैं जिनमें तीन सीटें वामपंथी झुकाव वाले जातीय समाजतांत्रिक दल (जेएएसओडी) के लिए, दो वर्कर्स पार्टी के लिए और एक जातीय पार्टी के दूसरे गुट जेपी के लिए है।

सीट-बंटवारा समझौते के तहत जेएएसओडी और वर्कर्स पार्टी सत्तारूढ़ पार्टी के उम्मीदवारों की तरह अवामी लीग के चुनाव चिह्न ‘नाव’ पर लड़ेंगी जबकि जेएपीए के उम्मीदवार स्वतंत्र उम्मीदवारों के खिलाफ अपने स्वयं के चुनाव चिह्न ‘हल’ पर चुनाव लड़ेंगे।

पिछले चुनावों के विपरीत अवामी लीग ने अपने ‘विरोधी’ नेताओं और कार्यकर्ताओं को स्वतंत्र उम्मीदवारों के रूप में चुनाव लड़ने की अनुमति दी है। साथ ही यह वादा किया है कि मतदान को सहभागी बनाने के प्रयासों में उन्हें किसी भी अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना नहीं करना पड़ेगा।

धीरज नरेश

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