विदेश की खबरें | बछेन्द्री पाल ने माउंट एवरेस्ट पर्वतारोहण की 40वीं वर्षगांठ मनायी, पूर्णिमा श्रेष्ठ ने रचा इतिहास
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काठमांडू, 25 मई माउंट एवरेस्ट फतह करने वाली पहली भारतीय महिला पर्वतारोही बछेन्द्री पाल ने अपने पर्वतारोहण की 40वीं वर्षगांठ एवरेस्ट आधार शिविर पर मनायी और कहा कि दूसरों को प्रेरित करने का यह मौका पाकर वह आह्लादित एवं धन्य महसूस कर रही हैं।
वहीं, नेपाली पर्वतारोही और छाया पत्रकार पूर्णिमा श्रेष्ठ ने शनिवार को इतिहास रचा। वह एक पर्वतारोहण सीजन में तीन बार माउंट एवरेस्ट को फतह करने वाली पहली पर्वतारोही बन गई हैं।
पाल ने नामचे बाजार में शुक्रवार को अपना 71 वां जन्मदिन भी मनाया। इस मौके पर 81 वर्षीय ब्रिगेडियर दर्शन कुमार खुल्लर भी आधार शिविर पहुंचे। अधिक उम्र के बावजूद कुमार पाल को आशीर्वाद देने के लिए दुर्गम चढ़ाई तय कर वहां पहुंचे।
खुल्लर ने 1984 में दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट (8848.86 मीटर ऊंची) के ऐतिहासिक पर्वतारोहण की अगुवाई की थी। तब वह दार्जिलिंग में ‘हिमालयन माउंटेनरिंग इंस्टीट्यूट’ के प्राचार्य थे।
माउंट एवरेस्ट पर 1984 में किये गये इस पर्वतारोहण को ‘फिर से जीने’ और इस अभियान के 40 साल बीत जाने का जश्न मनाने का विचार कुछ महीने पहले आया और यह तय किया गया कि 1984 की टीम से इस वर्षगांठ में जो भी जुड़ना चाहते, उन्हें इसका निमंत्रण दिया जाए।
पद्म भूषण से सम्मानित पाल ने 2008 में बिमला नेगी-देवस्कर के साथ मिलकर ‘वानी’ , ‘वूमेन एडवेंचर नेटवर्क ऑफ इंडिया’ बनायी। बिमला 1993 के पर्वतारोहण दल में शामिल थी। इस पर्वतारोहण की अगुवाई पाल ने की थी और कई रिकार्ड बनाये थे। शीघ्र ही इस समूह में 40, 50 और 60 साल के आसपास की महिलाएं जुड़ीं ।
इस बीच, शनिवार को नेपाली पर्वतारोही और छाया पत्रकार पूर्णिमा श्रेष्ठ ने एक पर्वतारोहण सीजन में तीन बार माउंट एवरेस्ट को फतह करने का रिकार्ड बनाया। वह यह कारनामा करने वाली पहली पर्वतारोही हैं।
इस सीजन में उन्होंने पहली बार 12 मई को माउंट एवरेस्ट को फतह किया था। इसके बाद 19 मई को पसांग शेरपा के साथ इस चोटी पर सफलतापूर्वक चढ़ाई की। तीसरी बार उन्होंने शनिवार को प्रात: पांच बजकर 50 मिनट पर यह सफलता हासिल की।
‘ऐट के एक्सपडिशन’ के अभियान निदेशक पेम्बा शेरपा ने यह जानकारी दी। इसी संगठन ने पर्वतारोहण का आयोजन किया था।
यह पूर्णिमा की एवरेस्ट की चौथी चढ़ाई थी। वह पहली बार 2018 में माउंट एवरेस्ट पर चढ़ी थीं।
पर्वतारोही निमा डोमा शेरपा ने कहा, ‘‘ पर्वतारोहण के इतिहास में यह पहली बार हुआ है कि किसी पर्वतारोही ने एक ही सीजन में तीन बार एवरेस्ट पर सफलतापूर्वक चढ़ाई की है।’’
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