जरुरी जानकारी | फिलहाल पीएंडके उर्वरकों के दाम में कोई बढ़ोतरी नहीं, सरकार वैश्विक दरों पर करीबी निगाह रखे है: गौड़ा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. उर्वरक मंत्री डीवी सदानंद गौड़ा ने मंगलवार को कहा कि फिलहाल फॉस्फेटिक और पोटैसिक (पीएंडके) उर्वरकों की खुदरा कीमतों में कोई वृद्धि नहीं होगी और सरकार इन उर्वश्रकों की वैश्विक कीमतों पर करीबी नजर रखे है।
नयी दिल्ली, 13 अप्रैल उर्वरक मंत्री डीवी सदानंद गौड़ा ने मंगलवार को कहा कि फिलहाल फॉस्फेटिक और पोटैसिक (पीएंडके) उर्वरकों की खुदरा कीमतों में कोई वृद्धि नहीं होगी और सरकार इन उर्वश्रकों की वैश्विक कीमतों पर करीबी नजर रखे है।
मीडिया को जानकारी देते हुए, गौड़ा ने कहा कि सोमवार को घरेलू उर्वरक कंपनियों के साथ बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा की गई थी और वे स्टॉक को पुरानी दरों पर बेचने पर सहमत हुए हैं।
गौड़ा ने संवाददाताओं से कहा,‘‘व्यावहारिक रूप से, पी एंड के उर्वरकों की वर्तमान दरों में कोई वृद्धि नहीं होगी। कल शीर्ष निर्माताओं के साथ मेरी चर्चा हुई। हमने उनसे इस समय में कीमतें नहीं बढ़ाने के लिए कहा और वे सहमत हुए।’’
उन्होंने कहा कि पहले ही इफको और आईपीएल लिमिटेड सहित कुछ कंपनियों ने राज्य सरकारों को यह सुनिश्चित करने के लिए लिखा है कि उर्वरकों को पुरानी दरों पर बेचा जाए।
लगभग दो से ढाई महीने के लिए उर्वरकों का पर्याप्त स्टॉक होने के बारे में जानकारी देते हुए मंत्री ने कहा कि एक बार जब यह स्टॉक समाप्त हो जाता है, तो आगे की कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा, ‘‘हम अंतरराष्ट्रीय बाजार पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं। हम इस मामले पर गौर करेंगे। अगले दो महीने तक कोई समस्या नहीं है। हमारे पास फिलहाल पर्याप्त स्टॉक है। एक महीने के बाद, हम स्थिति की समीक्षा करेंगे।’’ ।
मंत्री ने कहा कि प्रमुख खपत बाजारों से प्रतिस्पर्धा की वजह से उर्वरकों की वैश्विक कीमतें बढ़ रही हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘हालांकि, हम यह स्वीकार कर रहे हैं कि अंतरराष्ट्रीय कीमतें जल्द ही कम हो जाएंगी क्योंकि अमेरिका और ब्राजील में फसल का मौसम खत्म हो गया है, जबकि यह इसी महीने यूरोपीय संघ में समाप्त हो जाएगा। आखिरकार, भारत और चीन जैसे दो बाजार ही विक्रेताओं के लिए रह जायेंगे।’’
उन्होंने कहा कि पहले ही यूरिया की कीमतें 380 डॉलर से 40 डॉलर घटकर 340 डॉलर प्रति टन रह गई हैं।
यह पूछे जाने पर कि क्या कुछ राज्यों में आंशिक लॉकडाउन की वजह से उर्वरकों की आवाजाही को प्रभावित होगी? मंत्री ने कहा, ‘‘पिछले साल जब पूर्ण लॉकडाउन हुआ था, तो हमने लगभग 17 प्रतिशत अधिक यूरिया और 40 प्रतिशत अधिक पी एंड के उर्वरकों की आपूर्ति की थी। हमारे पास सब तरह की व्यवस्था है।
बाद में, मंत्री ने ट्वीट किया कि जून से शुरू होने वाले खरीफ बुवाई के मौसम के लिए, सरकार उर्वरकों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रयास कर रही है।
उन्होंने ट्वीट में कहा, ‘‘सरकार (सभी) आवश्यक उपाय कर रही है। पिछले वर्षों की तरह, खरीफ सत्र के दौरान उर्वरक की उपलब्धता सहज बनी रहेगी। हम अंतरराष्ट्रीय बाजार पर कड़ी नजर रख रहे हैं।’’
उन्होंने कहा कि अधिक पैसा वसूलने वालों, कालाबाजारी और उर्वरकों की जमाखोरी जैसी गड़बड़ियों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह ध्यान देने योग्य है कि उर्वरक कंपनियों ने वैश्विक बाजार के अनुरूप डाय-अमोनियम फॉस्फेट (डीएपी) जैसे पी और के उर्वरकों की खुदरा कीमतों को एक अप्रैल से बढ़ा दिया था, लेकिन बाद में इन कंपनियों को थोड़े समय के लिए ऐसी कोई बढ़ोतरी नहीं करने के लिए निर्देशित किया गया है।
यूरिया के विपरीत, पीएंडके उर्वरक उत्पाद, नियंत्रण के दायरे से बाहर हैं। इनकी कीमतें विनिर्माताओं द्वारा तय की जाती हैं और सरकार उन्हें हर साल निश्चित सब्सिडी देती है।
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