विदेश की खबरें | गाजा में हुए इजराइली हमलों में कम से कम 60 लोगों की मौत
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

नासिर, अल-अक्सा और अल-अहली अस्पतालों के अनुसार दक्षिणी शहर खान यूनिस में हुए हमलों में कम से कम 10, दीर अल-बलाह में चार और जबालिया शरणार्थी शिविर में नौ लोगों की मौत हो गई। मृतकों के शव इन अस्पतालों में लाए गए थे।

इजराइल अपने हालिया हमले के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय की ओर से बढ़ती आलोचना का सामना कर रहा है। उस पर भयावह मानवीय संकट के बीच गाजा में सहायता पहुंचाने के लिए दबाव डाला जा रहा है। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, इजराइल ने लगभग तीन महीने से गाजा में नाकेबंदी कर रखी है।

विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि गाजा के 20 लाख निवासियों में से कई पर भुखमरी का खतरा मंडरा रहा है। यहां तक कि इजराइल के कट्टर समर्थक अमेरिका ने भी भुखमरी की स्थिति पर चिंता जताई है।

इस सप्ताह के आरंभ में फ्रांस, ब्रिटेन और कनाडा ने गाजा में युद्ध से निपटने के इजराइल के तरीके तथा वेस्ट बैंक पर इसकी कार्रवाइयों आलोचना की थी और आगाह किया था कि इजराइल सरकार ने सैन्य हमले बंद नहीं किए और मानवीय सहायता पर रोक नहीं हटाई गई तो वे ‘ठोस कार्रवाई’ करेंगे।

इस बीच, इजराइल ने अंतरराष्ट्रीय दबाव के बीच गाजा में सहायता पहुंचानी शुरू कर दी है। इजराइली अधिकारियों ने शुक्रवार को कहा कि उन्होंने 100 से ज्यादा ट्रकों से सहायता सामग्री की आपूर्ति की है, जिसमें आटा, भोजन, चिकित्सा उपकरण और दवाएं शामिल हैं। ट्रक केरेम शालोम सीमा मार्ग से गाजा पहुंचे।

हालांकि संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों का कहना है कि यह हालिया युद्ध विराम के दौरान प्रतिदिन आने वाले लगभग 600 ट्रकों की तुलना में बहुत कम है।

संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों का कहना है कि इजराइली सैन्य प्रतिबंधों और गाजा में कानून-व्यवस्था बिगड़ने से सहायता प्राप्त करना और वितरित करना मुश्किल हो गया है। नतीजतन, अभी तक जरूरतमंदों तक बहुत कम सहायता पहुंच पाई है।

विश्व खाद्य कार्यक्रम (डब्ल्यूएफपी) ने शुक्रवार को कहा कि बृहस्पतिवार रात दक्षिणी गाजा में उसके 15 ट्रक लूट लिए गए, जिन्हें डब्ल्यूएफपी समर्थित बेकरियों में भेजा जा रहा था।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)