जरुरी जानकारी | गोबर-धन योजना के तहत किसानों से जैविक खाद खरीदने के लिए डीबीटी को संबबद्ध करे

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. संसद की एक समिति ने सरकार को ‘गोबर-धन-व्यर्थ से अर्थ’ योजना के तहत किसानों से जैविक खाद खरीदने के लिए इसमें प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) की व्यवस्था जोड़ने का सुझाव दिया है।

नयी दिल्ली, 17 मार्च संसद की एक समिति ने सरकार को ‘गोबर-धन-व्यर्थ से अर्थ’ योजना के तहत किसानों से जैविक खाद खरीदने के लिए इसमें प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) की व्यवस्था जोड़ने का सुझाव दिया है।

यह योजना जल शक्ति मंत्रालय द्वारा शुरु की गई थी। इस योजना के तहत मवेशियों के गोबर और बायोमास को बायोगैस और जैव-उर्वरक में परिवर्तित करके धन और ऊर्जा उत्पन्न करने की परिकल्पना की गई है।

इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण आबादी के लिए आजीविका के अवसर पैदा करना और किसानों की आय में वृद्धि करते हुए ठोस और तरल बायोमास से ऊर्जा पैदा करना है।

संसद में पेश किये गये मत्स्यपालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय की अनुदानों की मांगों (2021-2022) पर अपनी 28 वीं रिपोर्ट में कृषि मामलों की स्थायी समिति ने कहा कि राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के साथ मंत्रालय इस योजना के कार्यान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

रिपोर्ट में कहा गया है कि समिति को लगता है कि यह योजना कई स्तरों पर ग्रामीण क्षेत्रों से संबंधित कई मुद्दों को हल करती है और किसानों के जैविक खाद की खरीद के लिए डीबीटी ट्रांसफर (डीबीटी) घटक को जोड़े जाने से उन्हें और भी अधिक फायदा होगा।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now