देश की खबरें | आतंकी हमले में मारे गए महाराष्ट्र के छह पर्यटकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये की सहायता: फडणवीस

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार को कहा कि जम्मू कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादियों द्वारा मारे गए 26 लोगों में से छह लोग राज्य से थे और उनके शव वापस लाए जा रहे हैं।

मुंबई, 23 अप्रैल महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार को कहा कि जम्मू कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादियों द्वारा मारे गए 26 लोगों में से छह लोग राज्य से थे और उनके शव वापस लाए जा रहे हैं।

उन्होंने राज्य से प्रत्येक मृतक के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की भी घोषणा की।

गृह विभाग का प्रभार संभाल रहे फडणवीस ने कहा कि उन्होंने राज्य के पर्यटकों के पार्थिव शरीर को वापस लाने की व्यवस्था की देखरेख के लिए मंत्रियों को जिम्मेदारी दी गयी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहलगाम में मंगलवार को हुए आतंकवादी हमले में मारे गए 26 लोगों में मुंबई और पुणे के निवासी सहित महाराष्ट्र के छह निवासी शामिल हैं। उन्होंने इस हमले को कायरतापूर्ण कृत्य बताया।

सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में फडणवीस ने कहा कि संजय लेले और दिलीप डिसले के पार्थिव शरीर को श्रीनगर से एअर इंडिया की उड़ान से मुंबई लाया जाएगा।

उन्होंने कहा, ‘‘उड़ान दोपहर 12.15 मिनट पर श्रीनगर से रवाना होगी। कौस्तुभ गणवते और संतोष जगदाले के पार्थिव शरीर को शाम छह बजे रवाना होने वाली उड़ान से पुणे लाया जाएगा। हेमंत जोशी और अतुल मोने के पार्थिव शरीर को मुंबई लेकर आने वाली उड़ान दोपहर 1.15 मिनट पर श्रीनगर से रवाना होगी।’’

उन्होंने बताया कि कैबिनेट मंत्री आशीष शेलार और मंगलप्रभात लोढ़ा समन्वय के लिए मुंबई हवाई अड्डे पर मौजूद रहेंगे, जबकि मंत्री माधुरी मिसाल को पुणे में जिम्मेदारी सौंपी गई है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि एक अन्य कैबिनेट मंत्री गिरीश महाजन श्रीनगर के लिए रवाना हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि जम्मू कश्मीर में मौजूद महाराष्ट्र के अन्य पर्यटकों को भी वापस लाने की व्यवस्था की जा रही है।

इस बीच, पुणे के जिलाधिकारी जितेंद्र डूडी ने कहा कि प्रशासन मारे गए पर्यटकों कौस्तुभ गणवते और संतोष जगदाले के अंतिम संस्कार के लिए उनके परिवारों के साथ समन्वय कर रहा है।

डूडी ने कहा, ‘‘हम अंतिम संस्कार की सुविधा के लिए परिवारों के साथ समन्वय कर रहे हैं।’’

उन्होंने बताया कि हाल के दिनों में पुणे शहर और आस-पास के इलाकों से कुल 264 पर्यटक जम्मू कश्मीर गए थे और उनमें से कई वर्तमान में केंद्र शासित प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर फंसे हुए हैं।

डूडी ने कहा, ‘‘हमले में घायल हुए (पुणे के) कुछ पर्यटकों का (जम्मू कश्मीर के) अस्पतालों में इलाज हो रहा है। हम उनके संपर्क में हैं और सभी आवश्यक सहायता प्रदान कर रहे हैं।’’

उन्होंने कहा कि फंसे हुए पर्यटकों को विशेष उड़ानों से वापस लाने के प्रयास जारी हैं।

जिलाधिकारी ने कहा, ‘‘हम पुणे के लोकसभा सदस्य और केंद्रीय नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल के साथ उनकी वापसी के लिए विशेष उड़ानों की व्यवस्था को लेकर बातचीत कर रहे हैं।’’

एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि महाराष्ट्र सरकार राज्य के अन्य यात्रियों का विवरण जुटा रही है जो वर्तमान में जम्मू कश्मीर की यात्रा कर रहे हैं और उनमें से 275 से संपर्क स्थापित किया गया है। उनके ठहरने और आगे की यात्रा के संबंध में प्रयास किए जा रहे हैं।

उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि वह राज्य से यात्रियों को सुरक्षित वापस लाने की प्रक्रिया की व्यक्तिगत रूप से निगरानी और समन्वय कर रहे हैं।

उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने कहा कि राज्य आपदा प्रबंधन हेल्पलाइन नंबर चालू कर दिया गया है और नागरिकों से कश्मीर में फंसे पर्यटकों और उनके रिश्तेदारों की सहायता के लिए इस नंबर पर संपर्क करने का आग्रह किया गया है। आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ 24 घंटे काम करता रहेगा।

उन्होंने कहा कि आतंकी हमले में मारे गए महाराष्ट्र और गुजरात से लोगों के शव मुंबई लाए जा रहे हैं, जिसके बाद उन्हें एंबुलेंस से उनके घर भेजा जाएगा।

एकनाथ शिंदे ने बताया कि कल्याण से सांसद श्रीकांत शिंदे के निजी सहायक अभिजीत दारकर के नेतृत्व में शिवसेना की एक टीम स्थानीय व्यवस्थाओं में मदद करने और पीड़ित परिवारों की मदद करने के लिए मंगलवार रात श्रीनगर पहुंची।

उपमुख्यमंत्री ने बताया कि महाराष्ट्र के मंत्री गुलाबराव पाटिल और योगेश कदम मुंबई हवाई अड्डे पर पार्थिव शरीर को लेने और सम्मानजनक तरीके से शव को ले जाने तथा आगे की सहायता सुनिश्चित करने के लिए मौजूद रहेंगे।

शिंदे ने कहा, ‘‘सरकार श्रीनगर में फंसे महाराष्ट्र के पर्यटकों को निकालने के लिए काम कर रही है। निरंतर सहायता प्रदान करने के लिए शिवसेना की एक टीम क्षेत्र में तैनात है।’’

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