देश की खबरें | संक्रमण के अधिक मामलों वाले जिलों में असम लगा सकता है कड़े प्रतिबंध
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. असम सरकार के आदेश में कहा गया है कि राज्य के कुछ जिलों में कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में कमी आ रही है, लेकिन प्रदेश में महामारी संबंधी स्थिति कुल मिलाकर ‘‘अब भी अनिश्चित’’ बनी हुई है जिसके लिए ग्रामीण और शहरी दोनों ही क्षेत्रों में अब भी पर्याप्त कदमों की आवश्यकता है।
गुवाहाटी, 21 जून असम सरकार के आदेश में कहा गया है कि राज्य के कुछ जिलों में कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में कमी आ रही है, लेकिन प्रदेश में महामारी संबंधी स्थिति कुल मिलाकर ‘‘अब भी अनिश्चित’’ बनी हुई है जिसके लिए ग्रामीण और शहरी दोनों ही क्षेत्रों में अब भी पर्याप्त कदमों की आवश्यकता है।
मुख्य सचिव जिश्नू बरुआ ने राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष के रूप में जारी अपने आदेश में कहा है कि असम सरकार जिलों में कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों पर करीब से नजर रखे हुए है और यदि कोई सुधार नहीं हुआ तो कड़े प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं।
महामारी के अधिक मामले वाले जिलों में कछार, तिनसुकिया, डिब्रूगढ़ और शोणितपुर शामिल हैं।
यद्यपि कामरूप मेट्रोपॉलिटन में संक्रमण के दैनिक मामलों में कमी आई है, लेकिन यहां राज्य में अब भी संक्रमण के सर्वाधिक मामले हैं जहां हर रोज अपराह्न दो बजे से शाम पांच बजे तक लोगों के आवागमन पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध रहेगा जिसमें पूर्व के अपराह्न एक बजे से एक घंटे की ढील दी गई है।
राज्य के आठ जिलों-दक्षिण सलमारा, माजुली, बोंगईगांव, चिरांग, उदलगुड़ी, पश्चिमी कार्बी आंगलांग, दिमा हसाओ और चराईदेव में प्रतिबंधों में ढील दी गई है क्योंकि इन जिलों में पिछले 10 दिन से संक्रमण के मामले 40 से कम रहे हैं।
आदेश में कहा गया है कि आठों जिलों में सुबह पांच बजे से शाम पांच बजे तक लोगों के आवागमन को अनुमति दी गई है।
शेष जिलों में चार जून को लागू प्रतिबंधों के तहत पहले की तरह ही अपराह्न एक बजे से शाम पांच बजे तक लोगों के आवागमन पर रोक रहेगी।
आदेश के अनुसार, अगले आदेशों तक सभी अंतर जिला परिवहन सेवाएं और लोगों का एक जिले से दूसरे जिले में आवागमन निलंबित रहेगा।
कोविड रोधी टीके की दोनों खुराक लगवा चुके कर्मचारियों के लिए कार्यालय आना अनिवार्य होगा और गर्भवती महिला कर्मियों तथा जिन महिला कर्मियों के बच्चों की उम्र पांच साल से कम है, उन्हें घर से काम करने की अनुमति होगी।
आदेश में कहा गया है कि शिक्षण संस्थान भौतिक रूप से कक्षाएं नहीं लेंगे, लेकिन गुणवत्तापूर्ण ऑनलाइन कक्षाएं जारी रखेंगे।
इसमें कहा गया है कि चार जून के आदेश में लगाए गए अन्य प्रतिबंध पहले की तरह ही जारी रहेंगे।
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