सरमा ने यहां 'गरीब कल्याण सम्मेलन' से इतर पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) जैसे राष्ट्रवादी दल में ऐसी किसी गतिविधि या इस तरह के बयान देने की कोई गुंजाइश नहीं है।
उन्होंने कहा, ''संजय किशन ने उल्फा से माफी मांगकर बड़ी गलती की है। मैंने उनसे साफ कह दिया है कि भाजपा जैसी राष्ट्रवादी पार्टी में ऐसे काम की कोई गुंजाइश नहीं है।''
उन्होंने कहा, ''मैंने उन्हें चेतावनी दी है कि वह भविष्य में ऐसा नहीं करेंगे। मैंने उन्हें भारत की राष्ट्रीय एकता के लिए और आतंकवाद के खिलाफ लड़ने की सलाह दी है।''
सरमा ने 28 मई को किशन को एक बयान के लिये कारण बताओ नोटिस जारी किया था। किशन ने कुछ दिन पहले उल्फा (आई) के खिलाफ दिये बयान के लिये उससे माफी मांगी थी।
किशन को नोटिस का जवाब देने के लिए तीन दिन का समय दिया गया था, जिसमें उनसे यह बताने के लिए कहा गया था कि उन्होंने उग्रवादी संगठन से माफी क्यों मांगी।
राज्य विधानसभा में तिनसुकिया से भाजपा विधायक किशन ने 13 मई को उल्फा (आई) के प्रमुख परेश बरुआ को ''झूठा'' करार दिया था।
किशन ने 15 मई को पत्रकारों से कहा था कि उन्होंने बरुआ को ''आहत करने'' के इरादे से कुछ नहीं कहा था और अगर उन्होंने अनजाने में ऐसा किया है, तो वह इसके लिये माफी मांगते हैं।
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