देश की खबरें | असम : बाल विवाह के खिलाफ मुहिम जारी, कुल 2,441 लोग गिरफ्तार

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. विपक्ष की आलोचना और प्रदर्शन के बीच असम पुलिस ने राज्य में बाल विवाह के खिलाफ अपनी मुहिम जारी रखी, और तीन दिन में कुल 2,441 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

गुवाहाटी, छह फरवरी विपक्ष की आलोचना और प्रदर्शन के बीच असम पुलिस ने राज्य में बाल विवाह के खिलाफ अपनी मुहिम जारी रखी, और तीन दिन में कुल 2,441 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने शनिवार को कहा था कि अगले विधानसभा चुनाव तक इस सामाजिक कुरीति के खिलाफ मुहिम जारी रहेगी, जिस पर विपक्षी खेमे ने विरोध जताया और इस मुहिम को ‘‘जल्दबाजी में चलाया गया प्रचार का हथकंडा’’ बताया।

अधिकारियों ने कहा कि ये गिरफ्तारियां समूचे राज्य में दर्ज 4,074 प्राथमिकियों के आधार पर की गई हैं। पुलिस ने एक बयान में कहा कि कम से कम 139 लोगों को विश्वनाथ जिले में पकड़ा गया। इसके बाद बारपेटा में 130 और धुबरी में 126 लोगों को पकड़ा गया।

बयान के अनुसार अन्य जिले जहां 100 से अधिक गिरफ्तारियां की गई हैं वे हैं बक्सा और बोंगईगांव एवं होजई। बस में 123 लोगों को, बोंगईगांव में 117 लोगों को और होजई में भी 117 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

धुबरी में सबसे अधिक प्राथमिकी दर्ज की गई है और यहां बाल विवाह के 374 मामले दर्ज हैं। इसके बाद होजई (255) और मोरीगांव (224) में मामले दर्ज किए गए हैं।

इस मुहिम के खिलाफ बराक घाटी में कई जगहों पर प्रदर्शन किया गया।

ऑल इंडिया मजलिए-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने इस मुहिम के पीछे की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि असम सरकार अगर वाकई में बाल विवाह की समस्या को खत्म करना चाहती है तो उसे साक्षरता का स्तर बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।

उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘विशेषज्ञों ने कहा है कि अगर आप बाल विवाह को खत्म करना चाहते हैं तो आपको बहुत सारे स्कूल खोलने होंगे, (लेकिन) आपने ऐसा नहीं किया। आपने उन मदरसों को बंद करा दिया है जो किसी न किसी रूप में शिक्षा प्रदान कर रहे थे।’’

ओवैसी ने जानना चाहा कि घर के पुरूषों की गिरफ्तारी के बाद, अधर में लटकी महिलाओं की ऐसी परिस्थिति के लिए कौन जिम्मेदार होगा।

कांग्रेस की असम इकाई के अध्यक्ष भूपेन बोरा ने कहा कि ऐसे मुद्दों से निपटने में मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की जरूरत है।

उन्होंने कहा, ‘‘हम बाल विवाह का विरोध करते हैं। लेकिन जमे जमाए परिवार जिनके बच्चे बड़े हो रहे हैं, उन्हें तोड़ने का क्या फायदा होगा? यह प्रचार के हथकंडे से ज्यादा कुछ नहीं है।’’

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