विदेश की खबरें | आसियान ने म्यांमा के नेता को शिखर सम्मेलन में आमंत्रित नहीं करने का फैसला किया
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. दक्षिण पूर्वी एशियाई राष्ट्रों के संगठन (आसियान) का यह कदम म्यांमा के लिए अब तक का सबसे बड़ा झटका है।
दक्षिण पूर्वी एशियाई राष्ट्रों के संगठन (आसियान) का यह कदम म्यांमा के लिए अब तक का सबसे बड़ा झटका है।
म्यांमा में सेना ने एक फरवरी को आंग सान सू ची की निर्वाचित सरकार का तख्तापलट कर दिया था। उसके बाद से छिड़ी हिंसा में 1100 से ज्यादा आम नागरिकों की मौत हो चुकी है। इस वजह से 10 देशों के संगठन आसियान पर म्यांमा के खिलाफ निर्णायक कदम उठाने का बहुत दबाव रहा है।
म्यांमा का संकट खत्म करने के लिए अगस्त में आसियान ने ब्रूनेई के द्वितीय विदेश मंत्री इरिवान यूसुफ को विशेष दूत के तौर पर नामित किया था। सू ची और अन्य नेताओं से मिलने की अनुमति नहीं दिए जाने के कारण विशेष दूत ने इस सप्ताह म्यांमा का अपना दौरा अचानक रद्द कर दिया।
म्यांमा के अधिकारियों ने बताया कि सू ची के खिलाफ आपराधिक आरोपों के कारण विशेष दूत उनसे मुलाकात नहीं कर पाएंगे। म्यांमा के विदेश मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को कहा था कि म्यांमा पर राजनीति से प्रेरित दबाव बनाने के बजाए इरिवान को भरोसा कायम करने के लिए काम करना होगा।
इरिवान ने बाद में घोषणा की कि आसियान के 26 से 28 अक्टूबर तक डिजिटल तरीके से आयोजित होने वाले शिखर सम्मेलन में जनरल मिन आंग हलाएंग को आमंत्रित करने पर कोई सहमति नहीं बन पाई।
अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन समेत कई देश के नेताओं ने म्यांमा में चुनी हुई सरकार के तख्तापलट की निंदा की थी और सैन्य नेताओं, उनके परिवार के सदस्यों और सहयोगियों के खिलाफ पाबंदी लगा दी थी।
एपी
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