देश की खबरें | ओडिशा में लोस की छह सीट और 42 विस सीट के लिए शाम पांच बजे तक करीब 60 प्रतिशत मतदान
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. ओडिशा में शनिवार को छह लोकसभा क्षेत्रों और 42 विधानसभा क्षेत्रों में शाम पांच बजे तक 59.60 प्रतिशत मतदान हुआ। यह जानकारी अधिकारियों ने दी।
भुवनेश्वर, 25 मई ओडिशा में शनिवार को छह लोकसभा क्षेत्रों और 42 विधानसभा क्षेत्रों में शाम पांच बजे तक 59.60 प्रतिशत मतदान हुआ। यह जानकारी अधिकारियों ने दी।
अधिकारियों ने बताया कि संबलपुर, क्योंझर, ढेंकनाल, कटक, भुवनेश्वर और पुरी लोकसभा सीट के साथ ही इन लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र के तहत आने वाली 42 विधानसभा सीट के लिए मतदान हुआ।
ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक अपना वोट डालने के लिए पैदल चलकर भुवनेश्वर में अपने आवास के पास ‘एरोड्रोम अपर प्राइमरी स्कूल’ पहुंचे। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘हम राज्य में एक स्थिर सरकार बनाएंगे।’’
ओडिशा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी एन बी ढल ने बताया कि ईवीएम में गड़बड़ी की कुछ रिपोर्ट को छोड़कर 10,581 मतदान केंद्रों पर अब तक मतदान शांतिपूर्ण रहा है।
अधिकारियों ने बताया कि शाम पांच बजे तक 94.48 लाख से अधिक मतदाताओं में से 59.60 प्रतिशत ने अपने मताधिकार का प्रयोग कर लिया था। उन्होंने बताया कि सर्वाधिक 65.91 प्रतिशत मतदान संबलपुर लोकसभा सीट पर हुआ। उन्होंने बताया कि इसके बाद क्योंझर (62.43 प्रतिशत), पुरी (61.17 प्रतिशत), ढेंकनाल (60.88 प्रतिशत), कटक (54.36 प्रतिशत) और भुवनेश्वर (53.54 प्रतिशत) में मतदान हुआ।
अधिकारियों ने बताया कि 42 विधानसभा क्षेत्रों में से पल्लहारा विधानसभा में सबसे अधिक 73.86 प्रतिशत मतदान हुआ जबकि सबसे कम 42.10 प्रतिशत मतदान बाराबती कटक क्षेत्र में शाम पांच बजे तक दर्ज किया गया।
ढल ने कहा कि अब तक 160 मतदान इकाइयों, 170 नियंत्रण इकाइयों और 390 वीवीपैट को बदला है, क्योंकि मतदान शुरू होने से पहले किए गए अभ्यास के दौरान ईवीएम में गड़बड़ी पाई गई थी।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि नयागढ़ विधानसभा क्षेत्र के भापुर इलाके में एक मतदान केंद्र पर एक बुजुर्ग महिला मतदाता बीमार पड़ गई थी। उन्होंने बताया कि इस महिला की अस्पताल में मौत हो गई, जबकि ढेंकनाल लोकसभा सीट में हिंडोल विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत एक मतदान केंद्र पर एक मतदान एजेंट की मौत हो गई।
भुवनेश्वर में ऑक्सीजन सपोर्ट पर एक महिला ने मतदान केंद्र पर अपना वोट डालकर अपनी प्रतिबद्धता का प्रदर्शन किया। पुरी में, 97 वर्षीय एक व्यक्ति ने मतदाता सूची में अपना नाम न मिलने पर मतदान केंद्र के अंदर लेटकर विरोध जताया। भोलानाथ विद्यापीठ के बूथ नंबर 56 पर हुई इस घटना में, नब्बे वर्षीय व्यक्ति ने दावा किया कि उसने पिछले चुनाव में मतदान किया था और आरोप लगाया कि उसे उसके लोकतांत्रिक अधिकारों से वंचित किया जा रहा है।
बड़ी संख्या में लोगों ने मतदान स्थलों पर मोबाइल फोन ले जाने पर निर्वाचन आयोग के प्रतिबंध पर निराशा व्यक्त की। कुछ लोगों को मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर प्रतिबंध के कारण बिना वोट डाले ही अपने घर लौटते देखा गया। उनका आरोप है कि इस तरह के प्रतिबंध की कोई पूर्व सूचना नहीं दी गई थी।
ढल ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए एक बयान में कहा, ‘‘चूंकि मतदान केंद्रों के अंदर मोबाइल फोन की अनुमति नहीं है, इसलिए लोग इन्हें मतदान स्थलों के बाहर स्थापित मतदाता सहायता बूथ (बीएलओ द्वारा प्रबंधित) पर जमा करा सकते हैं और मतदान के बाद फोन वापस ले सकते हैं।’’
इस चरण में 35,000 सुरक्षा कर्मियों और 70,000 मतदान कर्मियों को तैनात किया गया है।
पुरी के गजपति महाराज (पुरी के प्रतीकात्मक राजा) दिव्य सिंह देब ने भी पुरी में अपना वोट डाला। बीजू जनता दल (बीजद) के वरिष्ठ नेता वी के पांडियन ने भी मतदान केंद्र पर ऑटो रिक्शा से पहुंचकर अपना वोट डाला।
मुख्य सचिव पी के जेना, पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अरुण कुमार सारंगी और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बैजयंत पांडा सहित कई अन्य वरिष्ठ नेताओं ने भी भुवनेश्वर के विभिन्न मतदान केंद्रों पर वोट डाला।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)