देश की खबरें | स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव कराने की क्षमता पर 'भरोसा' करते हुए एसईसी को नियुक्त किया : राज्यपाल

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. राज्य निर्वाचन आयुक्त (एसईसी) राजीव सिन्हा का पदभार ग्रहण करने संबंधी पत्र राज्य सरकार को लौटाने के एक दिन बाद पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस ने बृहस्पतिवार को कहा कि उन्होंने पूर्व नौकरशाह की स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने की क्षमता पर “भरोसा” करते हुए उन्हें नियुक्त किया था।

कोलकाता, 22 जून राज्य निर्वाचन आयुक्त (एसईसी) राजीव सिन्हा का पदभार ग्रहण करने संबंधी पत्र राज्य सरकार को लौटाने के एक दिन बाद पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस ने बृहस्पतिवार को कहा कि उन्होंने पूर्व नौकरशाह की स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने की क्षमता पर “भरोसा” करते हुए उन्हें नियुक्त किया था।

बोस ने कहा कि राज्य के कुछ हिस्सों में हिंसा की कई घटनाएं हुई हैं और एसईसी की स्पष्ट निष्क्रियता के कारण बंगाल के लोग “निराश” थे।

राज्यपाल ने संवाददाताओं से कहा, “मैंने एसईसी की नियुक्ति इस भरोसे के साथ की थी कि वह स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से पंचायत चुनाव कराएंगे। लेकिन मुझे लगता है कि लोग उनकी स्पष्ट निष्क्रियता से निराश हैं।”

उन्होंने कहा, “इस तथ्य से इनकार नहीं किया जा सकता कि हिंसा हुई है।” उन्होंने कहा कि एसईसी को न केवल निष्पक्ष होना चाहिए, बल्कि उसे निष्पक्ष माना भी जाना चाहिए।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा सिन्हा को हटाने की संभावना से इनकार करने के कुछ मिनट बाद बोस की प्रतिक्रिया आई।

राज्यपाल ने इस बात पर जोर दिया कि एसईसी को निष्पक्ष होना चाहिए और आम आदमी के जीवन की रक्षा करना और यह सुनिश्चित करना उसका कर्तव्य है कि वे अपना मत डाल सकें।

उन्होंने कहा, “एसईसी के पास पुलिस और मजिस्ट्रेट को निर्देश देने के अधिकार हैं। बंगाल (एसईसी से) दायित्व निर्वहन की उम्मीद करता है। एसईसी सड़कों पर बहे मानव रक्त की हर बूंद के लिए जवाबदेह हैं। लोग कार्रवाई चाहते हैं, कार्रवाई का बहाना (दिखावा) नहीं।”

बंगाल के लोगों के प्रति प्रतिबद्धता जताते हुए बोस ने यह भी कहा कि “मानव रक्त को लेकर कोई सौदेबाजी नहीं हो सकती है”।

पंचायत चुनावों के लिए नामांकन दाखिल करने के दौरान हत्याओं, हिंसा और झड़पों पर स्पष्टीकरण देने के लिए बुलाए जाने के बाद पूर्व आईएएस अधिकारी उनके सामने पेश नहीं हुए, जिसके कुछ घंटों बाद राज्यपाल ने बुधवार रात को सिन्हा का पद भार संभालने का पत्र राज्य सरकार को लौटा दिया था।

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