देश की खबरें | शीर्ष अदालत ने सुनवाई का दायरा बढ़ाया, एनसीआर में वाहनों से प्रदूषण पर डीडीए, एमसीडी से जवाब मांगा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को अपनी सुनवाई का दायरा बढ़ाते हुए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में वाहनों से होने वाले प्रदूषण में वृद्धि पर एमसीडी और डीडीए सहित विभिन्न प्राधिकारियों से जवाब मांगा।

नयी दिल्ली, 20 जनवरी उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को अपनी सुनवाई का दायरा बढ़ाते हुए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में वाहनों से होने वाले प्रदूषण में वृद्धि पर एमसीडी और डीडीए सहित विभिन्न प्राधिकारियों से जवाब मांगा।

न्यायमूर्ति अभय एस ओका और न्यायमूर्ति उज्जल भुइयां की पीठ ने कहा कि वह अपार्टमेंट निर्माण की अनुमति देने वाले मानदंडों पर विचार-विमर्श करेगी और कहा कि निर्दिष्ट पार्किंग स्थल के बिना किसी भी इमारत को बनने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

पीठ ने सवाल किया, ‘‘हमें इससे निपटने की जरूरत है... दिल्ली मास्टर प्लान क्या कहता है? किसी आवासीय भवन निर्माण की अनुमति देने की प्रक्रिया क्या है?’’

पीठ ने सवाल किया कि क्या दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में किसी परिवार द्वारा दूसरी या तीसरी कार खरीदने पर कोई प्रतिबंध है।

पीठ ने कहा, ‘‘हमें एक मजबूत सार्वजनिक परिवहन प्रणाली की आवश्यकता है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वाहनों से होने वाला प्रदूषण न बढ़े।’’

शीर्ष अदालत ने सरकार से इलेक्ट्रिक वाहनों को किफायती बनाने की उसकी योजना के बारे में पूछा।

दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) और दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के अलावा, शीर्ष अदालत ने केंद्र, दिल्ली सरकार और वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) को नोटिस जारी किया और सुनवाई की अगली तिथि 3 फरवरी निर्धारित की।

सीएक्यूएम ने शीर्ष अदालत को सूचित किया था कि वाहनों से होने वाले प्रदूषण के खराब वायु गुणवत्ता में काफी सीमा तक जिम्मेदार होने को देखते हुए उसने दिल्ली सरकार और पड़ोसी राज्यों से उत्सर्जन मानकों और प्रदूषण मानदंडों का कड़ाई से अनुपालन करने के लिए कहा है।

पीठ 1985 में प्रदूषण के मुद्दे पर पर्यावरणविद् एम सी मेहता द्वारा दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी।

इसने हाल ही में देश में वाहनों के लिए होलोग्राम-आधारित ‘कलर-कोडेड स्टिकर’ अनिवार्य बनाने पर विचार किया और प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र मानदंडों के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया।

शीर्ष अदालत ने कहा कि वह एनसीआर से परे राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में स्टिकर अनिवार्य करने पर विचार कर रही है।

वर्ष 2018 में, अदालत ने सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के एक प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया था, जिसमें परिकल्पना की गई थी कि एनसीआर में पेट्रोल और सीएनजी का उपयोग करने वाले वाहनों में होलोग्राम-आधारित हल्के नीले रंग के स्टिकर का उपयोग किया जाए, जबकि डीजल से चलने वाले वाहनों में नारंगी रंग के स्टिकर होंगे।

इन स्टिकरों से वाहनों की पहचान ईंधन के आधार पर की जा सकेगी और इनमें वाहनों के पंजीकरण की तारीख भी शामिल होनी चाहिए।

एनसीआर राज्यों में राजस्थान, उत्तर प्रदेश और हरियाणा शामिल हैं।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

संबंधित खबरें

GT vs KKR, IPL 2026 25th Match Scorecard: नरेंद्र मोदी स्टेडियम में शुभमन गिल ने कोलकाता नाइट राइडर्स के उम्मीदों पर फेरा पानी, 5 विकेट से मिली करारी हार; यहां देखें मैच का स्कोरकार्ड

SRH vs CSK, IPL 2026 27th Match Stats And Preview: टूर्नामेंट के 27वें मुकाबले में जीत की राह पर लौटना चाहेंगी सनराइजर्स हैदराबाद और चेन्नई सुपरकिंग्स, मैच से पहले जानें स्टैट्स एंड प्रीव्यू

RCB vs DC, IPL 2026 26th Match Date And Time: कब और कितने बजे से खेला जाएगा रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु बनाम दिल्ली कैपिटल्स के बीच रोमांचक मुकाबला? इस स्टेडियम में भिड़ेंगी दोनों टीमें, यहां जानें वेन्यू समेत मैच से जुड़ी सभी जानकारी

RCB vs DC, IPL 2026 26th Match Stats And Preview: टूर्नामेंट के 26वें मुकाबले में जीत की लय बरकरार रखना चाहेगी रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु, दिल्ली कैपिटल्स करना चाहेगी वापसी, मैच से पहले जानें स्टैट्स एंड प्रीव्यू