जरुरी जानकारी | ‘आंध्र प्रदेश सरकार का ऋण चालू वित्तवर्ष की पहली छमाही में राजस्व से ज्यादा’

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. आंध्र प्रदेश सरकार चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में जितना कर्ज लिया वह उसकी आय से बहुत अधिक हो चुका है। भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) ने राज्य के वित्तीय खातों पर अपनी रपट में कहा है कि सरकार का राजस्व घाटा 45,472.77 करोड़ रुपये हो चुका है।

अमरावती (आंध प्रदेश), 31 अक्टूबर आंध्र प्रदेश सरकार चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में जितना कर्ज लिया वह उसकी आय से बहुत अधिक हो चुका है। भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) ने राज्य के वित्तीय खातों पर अपनी रपट में कहा है कि सरकार का राजस्व घाटा 45,472.77 करोड़ रुपये हो चुका है।

रपट के हिसाब से राज्य सरकार ने वित्त वर्ष 2020-21 की अप्रैल-सितंबर अवधि में विभिन्न स्रोतों से 55,169.84 करोड़ रुपये की उधारी ली। जबकि पूरे वित्त वर्ष के लिए राज्य सरकार का लक्ष्य 48,295.59 करोड़ रुपये था।

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वहीं दूसरी तरफ सरकार की आय उसके लक्ष्य का मात्र 27.73 प्रतिशत यानी 44,915.52 करोड़ रुपये रही। जबकि पहली छमाही में सरकार का 1,61,958.50 करोड़ रुपये राजस्व जुटाने का अनुमान था।

आंध्र प्रदेश का कर राजस्व अप्रैल-सितंबर अवधि में मात्र 29,936.39 करोड़ रुपये रहा जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 41,904.25 करोड़ रुपये था।

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राज्य सरकार के वित्त विभाग के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘ निश्चित तौर पर कोरोना वायरस को रोकने के लिए किए गए लॉकडाउन का असर राजस्व पर दिख रहा है। सरकार की आय में बढ़ी गिरावट आयी है।’’

उन्होंने कहा कि राजस्व में तेजी से गिरावट आयी है और इसलिए सरकार को भारी मात्रा में बाजार से कर्ज लेना पड़ा है।

अधिकारी ने कहा कि कई करों की दर में पिछले महीनों में बदलाव किया गया है। इसलिए राजस्व आय में उनका असर पूरी तरह से नहीं दिख रहा है। आने वाले महीनों में हम राजस्व संग्रह पर इसका प्रभाव देखेंगे।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को केंद्र सरकार से 13,678.79 करोड़ रुपये का अनुदान मिला है। यह पिछले साल के 9,230.20 करोड़ रुपये से कहीं अधिक है।

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