विदेश की खबरें | अमेरिकी व फिलीपीनी बल युद्ध अभ्यास में ले रहे हैं हिस्सा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. फिलीपीन के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर के शासन काल में वार्षिक सैन्य अभ्यास अब तक का सबसे बड़ा अभ्यास है। उनके पूर्ववर्ती रोड्रिगो दुतेर्ते अमेरिकी सुरक्षा नीतियों के मुखर आलोचक थे और वह अमेरिकी बलों के साथ सैन्य अभ्यास के लिए राज़ी नहीं होते थे। उनका कहना था कि इससे चीन नाराज़ हो सकता है।

श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

फिलीपीन के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर के शासन काल में वार्षिक सैन्य अभ्यास अब तक का सबसे बड़ा अभ्यास है। उनके पूर्ववर्ती रोड्रिगो दुतेर्ते अमेरिकी सुरक्षा नीतियों के मुखर आलोचक थे और वह अमेरिकी बलों के साथ सैन्य अभ्यास के लिए राज़ी नहीं होते थे। उनका कहना था कि इससे चीन नाराज़ हो सकता है।

‘को-ओपरेशन ऑफ वॉरियर्स ऑफ सी’ नाम के इस अभ्यास में अमेरिका के 1900 और फिलीपीन के 600 से ज्यादा मरीन शामिल हैं। अमेरिका और फिलीपीन के सैन्य अधिकारियों ने बताया कि वे हमलों और विशेष अभियानों का अभ्यास कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि अमेरिका के एचआईएमएआरएस मिसाइल लॉन्चर और सुपरसॉनिक लड़ाकू विमान इस अभ्यास में हिस्सा लेंगे। यह 14 अक्टूबर को खत्म होगा।

यह अभ्यास पलावान प्रांत में भी होगा जो दक्षिण चीन सागर से सटा है और उत्तरी फिलीपीन में भी होगा जो ताइवान के लुजॉन जलडमरूमध्य के पार स्थित है।

फिलीपीन के रियर एडमिरल सीजर बर्नार्ड वालेंसिया ने कहा कि अभ्यास तटीय सुरक्षा बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करेगा और यह किसी भी देश के खिलाफ नहीं है।

उन्होंने कहा कि जापानी और दक्षिण कोरियाई सेना पर्यवेक्षक के रूप में भाग लेंगी लेकिन वे आपदा-प्रतिक्रिया अभ्यास में शामिल हो सकती हैं।

सैन्य अधिकारियों ने कहा कि इसी के साथ ही अमेरिकी मरीन और जापानी बलों के साथ सैन्य अभ्यास किया जा रहा है जो जापान के उत्तरी द्वीप होक्काइदो पर हो रहा है और इसमें दोनों देशों के करीब तीन हजार सैन्य कर्मी हिस्सा ले रहे हैं।

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