देश की खबरें | अखिल भारतीय कोटा में ओबीसी आरक्षण लागू करने के लिए कदम उठा रहे हैं: तमिलनाडु सरकार
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. तमिलनाडु सरकार ने बृहस्पतिवार को कहा कि मेडिकल और डेंटल सीटों पर अखिल भारतीय कोटा (आरक्षण) के तहत अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आरक्षण को लागू करने के लिए सभी कदम उठाए जा रहे हैं।
चेन्नई, नौ जुलाई तमिलनाडु सरकार ने बृहस्पतिवार को कहा कि मेडिकल और डेंटल सीटों पर अखिल भारतीय कोटा (आरक्षण) के तहत अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आरक्षण को लागू करने के लिए सभी कदम उठाए जा रहे हैं।
स्वास्थ्य मंत्री सी विजयभास्कर ने कहा कि राज्य सरकार ने अखिल भारतीय कोटा में ओबीसी आरक्षण लागू करने के लिए सलोनी कुमारी के मामले में खुद को उच्चतम न्यायालय में खुद को एक पक्षकार बनाया है। इससे पहले सरकार ओबीसी आरक्षण को लागू करने के लिए केंद्र सरकार को भी दो बार पत्र लिख चुकी है।
यह भी पढ़े | महाकाल मंदिर में विकास दुबे से मिलने आए थे उत्तर प्रदेश के दो एडवोकेट? पूछताछ जारी.
उन्होंने एक बयान में कहा कि तमिलनाडु सरकार द्वारा अखिल भारतीय कोटा में तमिलनाडु के लिए दी गई सीटों के लिए उच्चतम न्यायालय में अलग से याचिका दायर की गई है। इस याचिका में ओबीसी के लिए 50 फीसदी आरक्षण करने के राज्य का मॉडल (ओबीसी के लिए 30 फीसदी आरक्षण और बेहद पिछड़े समुदाय के लिए 20 फीसदी आरक्षण) लागू करने की मांग की गई है।
इस याचिका पर उच्चतम न्यायालय ने तमिलनाडु सरकार को उच्च न्यायालय से संपर्क करने का निर्देश दिया था, और उसी अनुरूप याचिका दायर की गई।
यह भी पढ़े | कर्नाटक हाई कोर्ट ने ऑनलाइन कक्षा पर पाबंदी लगाने के सरकार के आदेश पर लगाई रोक.
मंत्री ने कहा कि इस कानूनी पहल के साथ ही राज्य सरकार ने दोबारा उच्चतम न्यायालय में दो जलुाई को 50 फीसदी आरक्षण की मांग करते हुए एक याचिका दायर की है।
उन्होंने कहा कि उनकी सरकार लगातार नीट का कड़ाई से विरोध कर रही है और बुधवार को मुख्यमंत्री के. पलानीस्वामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर मांग की है कि कोविड-19 को देखते हुए नीट परीक्षा का आयोजन कराना मुश्किल है। इसलिए 12वीं कक्षा के अंकों के आधार पर ही दाखिला दिया जाए।
उन्होंने कहा कि पलानीस्वामी ने मोदी से अपील की है कि वह ओबीसी समुदाय के भीतर ‘क्रीमी लेयर’ की पहचान के लिए वेतन और कृषि आय को शामिल न करें।
केंद्र सरकार मद्रास उच्च न्यायालय को यह बता चुकी है कि जब तक उच्चतम न्यायालय विस्तारपूर्वक लंबित मामलों का निपटारा नहीं कर देती है तब तक सभी सरकारी संस्थानों में मेडिकल सीटों पर ऑल इंडिया कोटा के तहत ओबीसी छात्रों को लेना संभव नहीं है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)