नयी दिल्ली, 11 जुलाई वामपंथी ऑल इंडिया स्टूडेंट एसोसिएशन (आइसा) ने हाल में हुई राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (नेट) में कथित कुप्रबंधन के विरूद्ध सोमवार को यहां विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया।
शनिवार को परीक्षा के पहले दिन देश भर से विभिन्न केंद्रों से तकनीकी गड़बड़ियों की खबरें आयीं।
यूजीसी ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) पर यूजीसी -नेट कराने का जिम्मा सौंपा है।
एक कार्यकर्ता ने मांग की, ‘‘ एनटीए को यूजीसी नेट परीक्षा के भयंकर कुप्रबंधन एवं अयोग्यता को लेकर जवाब देना चाहिए।’’
प्रदर्शनकारियों के हाथों में तख्तियां थीं जिनपर ‘ राष्ट्रीय परीक्षा या लकी ड्रा, एनटीए जवाब दो’’, ‘‘जहां विद्यार्थियों ने तकनीकी गड़बड़ी की शिकायत की, वहां सभी विषयों की फिर परीक्षा हो’, ‘‘यूजीसी नेट प्रश्नपत्र में भयंकर अशुद्धियां’’ लिखे थे।
आइसा ने कहा, ‘‘परीक्षा कराने की पूरी प्रक्रिया शुरू से ही पूर्ण रूप से अराजक रही। परीक्षा के महज दो दिन पहले प्रवेशपत्र जारी करने से लेकर आखिरी समय में दो विषयों की परीक्षा रद्द कर एनटीए ने यूजीसी नेट परीक्षा प्रक्रिया का माखौल उड़ाया। ’’
यूजीसी नेट परीक्षा ‘‘जूनियर रिसर्च फेलोशिप’ तथा भारतीय विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में सहायक प्राध्यापकों के पदों के लिए भारतीय नागरिकों की पात्रता तय करना है।
एनटीए अधिकारियों ने कहा कि जिन परीक्षा केंद्रों पर सर्वर मुद्दा सामने आया, वहां के उम्मीदवारों को दूसरा मौका मिलेगा। ओडिशा, बिहार, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना और आंध्रप्रदेश से ऐसी शिकायतें आयी थीं।
एनटीए अधिकारियों ने कहा था कि वे इन गड़बड़ियों के कारणों की जांच कर रहे हैं।
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