बापटला (आंध्र प्रदेश), 29 दिसंबर भारतीय वायु सेना के अधिकारियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग-16 पर कोरिशापाडू मंडल के पिच्चीकलागुडीपाडू गांव के पास निर्मित 4.1 किलोमीटर लंबे आपातकालीन विमान लैंडिंग स्थल (ईएलएफ) पर बृहस्पतिवार को विमान उतारने का सफलतापूर्वक परीक्षण किया।
वायु सेना के एक अधिकारी ने कहा कि परीक्षण में परिवहन विमान एएन-32, दो सुखोई लड़ाकू विमान और दो तेजस हल्के लड़ाकू विमानों ने भाग लिया।
भारतीय वायुसेना की दक्षिणी कमान ने ट्वीट किया, ‘‘भारतीय वायुसेना के लड़ाकू और परिवहन विमानों ने 29 दिसंबर 2022 को आंध्र प्रदेश के बापटला जिले में एनएच-16 पर नव निर्मित आपात लैंडिंग स्थल पर उतरने का सफलतापूर्वक परीक्षण किया।’’
एक रक्षा विज्ञप्ति के अनुसार, किसी आपात लैंडिंग की स्थिति में राजमार्ग बंद कर दिया जाएगा और उसका इस्तेमाल विशेष रूप से विमान की लैंडिंग के लिए किया जाएगा। हवाई पट्टियों को प्राकृतिक आपदा के दौरान बचाव और राहत अभियान के साथ ही सामरिक उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।
इसमें कहा गया है कि वायु सेना स्टेशन सूर्यलंका ईएलएफ से नजदीकी भारतीय वायु सेना हवाई अड्डा होने के कारण आवश्यकता के अनुसार जिला प्रशासन और राज्य पुलिस के साथ मिलकर हवाई पट्टी को संचालन के लिए सुगम बनाने का काम करेगा।
अधिकारी ने एक टेलीविजन चैनल से कहा, ‘‘हमें खबर मिली है कि रनवे विमानों के उतरने के लिए अच्छी तरह तैयार है।’’
उनके मुताबिक, रनवे पर लोगों तथा पशुओं के प्रवेश को रोकने के लिए सड़क के दोनों ओर बाड़बंदी समेत कुछ काम अभी लंबित है।
उन्होंने कहा कि उन्होंने रनवे पर पेंटिंग आदि काम के बारे में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अधिकारियों के साथ बातचीत की है।
बापटला के पुलिस अधीक्षक वकुल जिंदल ने ‘पीटीआई-’ से कहा कि परीक्षण के लिए मजबूत सुरक्षा घेरा तैयार किया गया और करीब 200 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY