देश की खबरें | एआईफएफ मसौदा संविधान में आई-लीग को शीर्ष फुटबॉल प्रतियोगिता के रूप में मान्यता
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नयी दिल्ली, 31 मई उच्चतम न्यायालय द्वारा नियुक्त प्रशासकों की समिति (सीओए) द्वारा तैयार किए गए संविधान के मसौदे के अनुसार, इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) की जगह आई-लीग की देश की शीर्ष स्तर की घरेलू फुटबॉल प्रतियोगिता के रूप में फिर से वापसी हो सकती है।
अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) के संविधान के मसौदे को सीओए सदस्य पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एस वाई कुरैशी और भारत के पूर्व कप्तान भास्कर गांगुली ने जनवरी 2020 में न्यायालय में प्रस्तुत किया था। इसे अब सार्वजनिक किया गया है। इसके मुताबिक फ्रैंचाइजी आधारित आईएसएल शीर्ष घरेलू लीग का स्तर गंवा सकता है।
मसौदे के अनुच्छेद एक के 33वें क्रम में कहा गया है, ‘‘ आई-लीग एआईएफएफ के स्वामित्व वाली, इससे संचालित और मान्यता प्राप्त भारत में सबसे शीर्ष डिवीजन लीग प्रतियोगिता है।’’
अनुच्छेद एक के 58वें क्रम के मुताबिक, ‘‘शीर्ष डिवीजन लीग का मतलब एआईएफएफ के स्वामित्व, इससे संचालित और मान्यता प्राप्त लीग प्रतियोगिता होगी, जो ‘प्रमोशन और रेलीगेशन’ के सिद्धांतों को लागू करती है। यह लीग एएफसी द्वारा निर्धारित सभी आवश्यकताओं को पूरा करती है जिससे वह एशियाई चैंपियंस लीग में अपनी जगह पक्की कर सकें।’’
सीओए की सिफारिशों को विभिन्न पक्षों से विरोध का सामना करना पड़ सकता है। अभी यह देखा जाना बाकी है कि क्या उच्चतम न्यायालय इस समिति के प्रस्तावित संविधान को मंजूरी देता है या नहीं।
उच्चतम न्यायालय ने 18 मई को अपने पूर्व न्यायमूर्ति एआर दवे की अगुवाई में तीन सदस्यीय प्रशासकों की समिति नियुक्त की जो एआईएफएफ के कार्यों के संचालन के अलावा राष्ट्रीय खेल संहिता के अनुसार संविधान को लागू करने की दिशा में काम करेगी।
कुरैशी और भारत के पूर्व फुटबॉल कप्तान भास्कर गांगुली सीओए के दो अन्य सदस्य हैं। कुरैशी और गांगुली को उच्चतम न्यायालय ने 2017 में प्रशासक नियुक्त किया था और उन्हें राष्ट्रीय खेल संहिता के अनुसार एआईएफएफ का संविधान तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। समिति ने जनवरी 2020 में सीलबंद लिफाफे में उच्चतम न्यायालय को संविधान का मसौदा सौंप दिया था।
इससे पहले एआईएफएफ और उसके वाणिज्यिक भागीदारों द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित आईएसएल को देश की शीर्ष घरेलू लीग का दर्जा दिया गया था जबकि इससे पहले आई-लीग देश की शीर्ष घरेलू लीग थी।
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