ताजा खबरें | कृषि विधेयक चर्चा तीन अंतिम लोस
Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. उन्होंने कहा कि किसानों के लिए यह एक तोहफा है और उनकी तकदीर बदलने वाला है।
उन्होंने कहा कि किसानों के लिए यह एक तोहफा है और उनकी तकदीर बदलने वाला है।
सपा के एस टी हसन ने कहा कि यह बात कई दिन से सुन रहे हैं कि किसान की आय दोगुनी होगी, लेकिन जब उसके हाथ में कुछ नहीं है तो आमदनी दोगुनी कैसे होगी।
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उन्होंने दावा किया कि इस विधेयक से कॉर्पोरेटों का अधिपत्य खेती पर हो जाएगा तथा गरीबों पर बोझ और बढ़ जाएगा।
हसन ने कहा कि सरकार अपनी पीठ थपथपा रही है लेकिन उसे यह भी जवाब देना चाहिए कि किसान आत्महत्या क्यों कर रहे हैं।
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पंजाब से कांग्रेस के सदस्य गुरजीत सिंह औजला विरोध स्वरूप काले पकड़ों में सदन में आए थे। उन्होंने विधेयक पर तीखा विरोध दर्ज कराते हुए कहा कि किसान कर्ज लेकर खेती करता है, उसका मुकाबला बड़े उद्योगपतियों से कराया जा रहा है जो बैंकों का कर्ज लेकर फरार हो गये।
भाजपा के वी राघवेंद्र ने कहा कि यह विधेयक किसानों को आत्मसम्मान दिलाने वाला साबित होगा।
एआईएमआईएम के इम्तियाज जलील ने कहा कि सरकार यह कानून अपनी पीठ थपथपाकर लेकर आई है लेकिन इससे किसानों को कोई फायदा नहीं होने वाला।
निर्दलीय सांसद नवनीत कौर राणा ने मांग की कि किसानों को सरकार द्वारा छह हजार रुपये सालाना के बजाय 12 हजार रुपये दिये जाने चाहिए।
आप सांसद भगवंत मान ने कहा कि किसान अन्नदाता होता है लेकिन यह विधेयक ‘अन्नदाताओं को भिखारी’ बना देगा।
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