ताजा खबरें | राज्यसभा में अगप सांसद ने असम को कच्चे तेल की रॉयल्टी का मुद्दा उठाया
Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. असम गण परिषद (अगप) सदस्य बीरेंद्र प्रसाद बैश्य ने सोमवार को राज्यसभा में सरकार से सवाल किया कि क्या वह अंतरराष्ट्रीय कीमतों के अनुरूप असम को कच्चे तेल की रॉयल्टी बढ़ाने पर विचार कर रही है।
नयी दिल्ली, चार दिसंबर असम गण परिषद (अगप) सदस्य बीरेंद्र प्रसाद बैश्य ने सोमवार को राज्यसभा में सरकार से सवाल किया कि क्या वह अंतरराष्ट्रीय कीमतों के अनुरूप असम को कच्चे तेल की रॉयल्टी बढ़ाने पर विचार कर रही है।
अगप सदस्य उच्च सदन में प्रश्नकाल के दौरान पूरक सवाल कर रहे थे।
इसके जवाब में पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा, ‘‘जहां तक असम का सवाल है, मैं 100 प्रतिशत आश्वस्त हूं कि क्षमता विस्तार और अधिक मात्रा में (कच्चे तेल का) उत्पादन और शोधन के लिए किए गए प्रयासों से उसे अधिक राशि मिलेगी।’’
पुरी ने बताया कि असम को 2019-20 से 2022-23 के बीच कच्चे तेल के उत्पादन से 9,291.17 करोड़ रुपये और प्राकृतिक गैस से 851.12 करोड़ रुपये की रॉयल्टी मिली।
उन्होंने कहा कि रॉयल्टी के अलावा, राज्य में अधिक संख्या में रोजगार मिला और आर्थिक गतिविधियों में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष वृद्धि हुई।
उन्होंने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र के कारण राजस्व और रोजगार सृजन को देखते हुए विभिन्न राज्य अब इससे जुड़ने के इच्छुक हैं।
केंद्रीय मंत्री कहा कि एशिया में पहला तेल कुआं 1886 में असम के डिगबोई में खोदा गया था और 1889 में 20,000 गैलन प्रतिदिन के साथ पहला व्यावसायिक उत्पादन किया गया था।
उन्होंने कहा, ‘‘हम वहां से काफी आगे बढ़ चुके हैं। आज, असम में 42 करोड़ टन कच्चे तेल का उत्पादन होता है।’’
पुरी ने कहा कि सार्वनजिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने 2014 से 2023 के बीच असम में कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी गतिविधियों पर लगभग 1,600 करोड़ रुपये खर्च किए हैं।
कच्चे तेल की कीमतों से जुड़े एक अन्य प्रश्न का उत्तर देते हुए पुरी ने कहा कि केंद्रीय उत्पाद शुल्क में दो बार कटौती के कारण पिछले दो साल में पेट्रोल की कीमतों में 11 प्रतिशत की कमी आई है।
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