कोलकाता, 30 अप्रैल कोलकाता के मेचुआपट्टी इलाके के एक होटल में भीषण आग लगने से पहले जलने की हल्की सी गंध आनी शुरू हुई और देखते ही देखते आग की लपटें निकलने लगीं।
होटल में भीषण आग लगने से 14 लोगों की मौत हो गई।
अधिकारियों ने बताया कि घटना में मारे गए अधिकतर लोगों की जान दम घुटने के कारण गई और 13 अन्य घायल हो गए।
आग बड़ाबाजार के भीड़भाड़ वाले इलाके में मंगलवार शाम करीब 7:30 के आसपास लगी, जिसने जल्द ही छह मंजिला होटल को अपनी चपेट में ले लिया। तब होटल में 42 कमरे में 88 लोग ठहरे हुए थे।
कुछ ही मिनटों में होटल के गलियारों में घना धुआं भर गया, जिससे जान बचाने के लिए भागने की कोशिश कर रहे लोगों को देखने में मुश्किल होने लगी और उनका दम घुटने लगा।
मुर्शिदाबाद के व्यापारी अब्दुल करीम ने बताया, "जब बिजली गई तब मैं दूसरी मंजिल पर था। मैने दरवाजा खोला तो धुआं अंदर आ रहा था। लोग चिल्ला रहे थे और भाग रहे थे। मैंने दूसरे दरवाजों को खटखटाने की कोशिश की।"
चश्मदीदों ने घबराहट और हताशा के दृश्य के बारे में बताया।
कुछ मेहमान खिड़कियों से बाहर झुककर मदद के लिए चिल्लाते देखे गए।
स्थानीय लोगों ने बताया कि एक लड़का अपनी माँ को पुकारते हुए आग में लापता हो गया और एक व्यक्ति जान बचाने के लिए चौथी मंजिल से कूद गया जिससे उसका पैर टूट गया।
आग बुझाने के लिए भेजी गईं दस दमकल गाड़ियों ने करीब दस घंटे की मशक्कत के बाद आखिरकार बुधवार सुबह आग पर काबू पा लिया।
एक अधिकारी ने बताया कि दमकलकर्मियों ने ऊपरी मंजिल में फंसे कई लोगों को बचाया, लेकिन बहुतों को नहीं बचाया जा सका।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने पुष्टि की कि इस घटना में मारे गए 14 लोगों में 11 पुरुष थे। उन्होंने बताया कि 13 अन्य लोग घायल हुए हैं, जिनमें से कुछ की हालत गंभीर है।
आग लगने के कारणों का पता लगाने के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है।
अधिकारी ने कहा, "इमारत को सील कर दिया गया है। हमारी फॉरेंसिक टीम इसकी गहन जांच करेगी।"
बुधवार की सुबह मेचुआपट्टी के आसपास की गलियां बंद रहीं। यह इलाका व्यापारिक क्षेत्र है जहां दुकानें और गोदाम हैं।
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