देश की खबरें | मध्यस्थता में ऑनलाइन सुनवाई के लिए प्रोटोकॉल अपनाएं: प्रधान न्यायाधीश चंद्रचूड़
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नयी दिल्ली, 16 फरवरी देश के प्रधान न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ ने मध्यस्थता की कार्यवाही में तकनीक के इस्तेमाल की बृहस्पतिवार को वकालत की और कहा कि देश में मध्यस्थता केंद्रों को ऑनलाइन सुनवाई करने के लिए प्रोटोकॉल अपनाना चाहिए।
यहां दिल्ली अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता केंद्र (डीआईएसी) द्वारा आयोजित ‘‘दिल्ली आर्बिट्रेशन वीकेंड’’ में प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि देश के मध्यस्थता क्षेत्र में लैंगिक विविधता मजबूत दिखाई देनी चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं डीआईएसी को ऑनलाइन सुनवाई पर एक प्रोटोकॉल का मसौदा तैयार करने और अपनाने के लिए प्रोत्साहित करता हूं, जो भारतीय संदर्भ के अनुरूप है। वास्तव में, भारत में प्रत्येक मध्यस्थता केंद्र इस संबंध में प्रोटोकॉल अपना सकता है।’’
न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने कहा कि कोविड-19 महामारी के कारण कानूनी प्रक्रियाओं में तकनीकों को अपनाया गया और मध्यस्थ संस्थान ऑनलाइन सुनवाई की दिशा में आगे बढ़े।
दिल्ली उच्च न्यायालय में आयोजित कार्यक्रम में प्रधान न्यायाधीश मुख्य अतिथि थे। इस अवसर पर उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालय के वर्तमान और पूर्व न्यायाधीश, बार के सदस्य और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि कानून के शासन को बढ़ावा देने में मध्यस्थता की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि वह वास्तव में भारत को मध्यस्थता के अनुकूल क्षेत्राधिकार के रूप में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कागज रहित कार्यवाही के महत्व पर बात की। उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय में दो मामलों में, जिनकी सुनवाई एक संविधान पीठ द्वारा होनी थी, सुनवाई पूरी तरह से कागज रहित तरीके से हुई थी और ओडिशा में भी कागज रहित अदालतें हैं।
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