देश की खबरें | शिंदे गुट का कृत्य बगावत नहीं विश्वासघात : एमएलसी अम्बादास दानवे

औरंगाबाद (महाराष्ट्र), 22 जुलाई महाराष्ट्र के औरंगाबाद से शिवसेना के विधान पार्षद (एमएलसी) अम्बादास दानवे ने शुक्रवार को कहा कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के समर्थक विधायकों ने उद्धव ठाकरे के नेतृत्व के खिलाफ बगावत नहीं बल्कि उनके और पार्टी के साथ ‘विश्वासघात’ किया है। उन्होंने शिंदे गुट के विधायकों द्वारा मार्गदर्शन के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं से दिल्ली में की गई मुलाकात को लेकर भी निशाना साधा।

दानवे ने कहा, ‘‘ अगर कोई कदम पार्टी अध्यक्ष (ठाकरे) को लक्षित कर उठाया जाता है, तब उसे कैसे बगावत कहा जा सकता है। यह विश्वासघात है। बागी विधायक इसे पार्टी का आंतरिक मामला बता रहे हैं, तो फिर क्यों दिल्ली में भाजपा नेताओं से मिल रहे हैं?क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, (केंद्रीय गृहमंत्री) अमित शाह और (भाजपा अध्यक्ष)जे.पी.नड्डा उनके (शिंदे गुट के) नेता हैं।’’

उन्होंने दावा किया कि आदित्य ठाकरे (उद्धव ठाकरे के बेटे) की ‘शिव संवाद यात्रा’ को मिल रहे समर्थन की वजह से बागी विधायक घबराए हुए हैं। दानवे ने कहा कि आदित्य ठाकरे की यात्रा में ठाणे और नासिक तक में भारी भीड़ जुटी और लोग बेसब्री से उनको सुनने का इंतजार कर रहे हैं।

दानवे ने मराठी समाचार चैनल से बातचीत में (नंदगाव के शिवसेना) विधायक सुहास कांडे के उन आरोपों को खारिज कर दिया कि पूर्ववर्ती महा विकास आघाड़ी (एमवीए) सरकार में शिंदे को ‘जेड’ श्रेणी की सुरक्षा देने से इंकार करने में ‘मातोश्री’ (ठाकरे का निजी आवास और पार्टी की सत्ता का केंद्र) की भूमिका थी।

उन्होंने कहा, ‘‘इसकी जांच होनी चाहिए कि ऐसी सुरक्षा प्रदान करने का निर्णय कौन लेता है। कैसे राज्य मंत्री (गृह) कैबिनेट मंत्री (शिंदे) की सुरक्षा पर फैसला ले सकता है? ये आरोप सामने आ रहे हैं क्योंकि आदित्य ठाकरे की यात्रा को जनता से अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है।

गौरतलब है कि दानवे ने यह बयान आदित्य ठाकरे की ‘शिव संवाद यात्रा’ के तहत शुक्रवार को औरंगाबाद में आयोजित रैली से पहले दिया।

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