देश की खबरें | पार्टी लाइन का उल्लंघन कर शिंदे सरकार में शामिल होने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी : शरद पवार

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पुणे, दो जुलाई राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के प्रमुख शरद पवार ने रविवार को कहा कि पार्टी लाइन का उल्लंघन कर महाराष्ट्र की एकनाथ शिंदे नीत सरकार में शामिल होने वाले नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा-शिवसेना सरकार के साथ जाने का फैसला पार्टी का नहीं था।

अपने भतीजे के बगावत करने के बाद 82 वर्षीय नेता ने कहा कि रविवार का घटनाक्रम अन्य लोगों के लिये नया हो सकता है, उनके लिये नहीं।

अजित पवार ने उपमुख्यमंत्री बनने के लिये अपने चाचा शरद पवार द्वारा 24 साल पहले स्थापित पार्टी में विभाजन का नेतृत्व किया। अजित पवार के साथ राकांपा के आठ अन्य विधायकों ने भी मंत्री पद की शपथ ली।

शरद पवार ने यहां प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि इस घटनाक्रम के बाद उनका प्रयास राज्य और देश के भीतर जितना संभव हो सके यात्रा करना और लोगों के साथ संबंध बनाना होगा।

उन्होंने कहा कि पार्टी को नये सिरे से खड़ा करने के लिए वह सोमवार से जनता के बीच जाएंगे।

शरद पवार ने कहा कि राज्य इकाई के अध्यक्ष और राष्ट्रीय समिति सहित पार्टी के शीर्ष पदाधिकारी विचार-विमर्श कर पार्टी लाइन का उल्लंघन करने वाले सहयोगियों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे।

उन्होंने कहा, ‘‘जिन लोगों ने पार्टी लाइन का उल्लंघन किया है, उनके खिलाफ कार्रवाई के बारे में पार्टी निर्णय लेगी। उसके लिए एक प्रक्रिया है और उस प्रक्रिया के तहत कार्रवाई शुरू की जाएगी।’’

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि पार्टी कानूनी तौर पर लड़ाई नहीं लड़ेगी और वह इसके बजाय लोगों के पास जाएंगे और उनका समर्थन मांगेंगे।

यह पूछे जाने पर कि क्या मौजूदा घटनाक्रम ने उनके ‘‘घर को विभाजित’’ कर दिया है, उन्होंने ‘‘नहीं’’ में जवाब दिया।

शरद पवार ने कहा, ‘‘यह एक घर का सवाल नहीं है। राजनीति में ऐसी चीजें होती रहती हैं और इससे राजनीतिक तौर पर निपटना होगा।’’

महा विकास आघाड़ी (एमवीए) के भविष्य से जुड़े सवाल पर पवार ने कहा कि तीनों गठबंधन सहयोगियों ने भविष्य में मिलकर काम करना जारी रखने का फैसला किया है। गौरतलब है कि महा विकास आघाड़ी में शिवसेना (यूबीटी), राकांपा और कांग्रेस शामिल है।

पवार ने कहा कि वह राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी दलों की आगामी बैठक में भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि वह जनता का समर्थन मांगने के लिए सोमवार से राज्य के विभिन्न हिस्सों का दौरा शुरू करेंगे।

राकांपा प्रमुख ने कहा, ‘‘कल मैं कराड जाऊंगा और यशवंत राव चव्हाण के स्मारक पर दर्शन करूंगा।’’

पवार ने कहा कि अगर कोई राकांपा पर स्वामित्व का दावा करता है, तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं है।

उन्होंने कहा, ‘‘हम लोगों के पास जाएंगे और उनका समर्थन मांगेंगे। मुझे विश्वास है कि वे हमारा समर्थन करेंगे।’’

पवार ने कहा कि हाल ही में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राकांपा पर आरोप लगाते हुए कहा था कि पार्टी भ्रष्टाचार में लिप्त है।

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे आज खुशी है कि उन्होंने राकांपा के कुछ सहयोगियों को कैबिनेट में जगह दी। इससे पता चलता है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ आरोप तथ्यात्मक नहीं थे। उन्होंने पार्टी और उन सभी को आरोपमुक्त कर दिया है, जिनके खिलाफ उन्होंने आरोप लगाए थे और मैं इसके लिए प्रधानमंत्री का आभारी हूं।’’

अजित पवार, छगन भुजबल, दिलीप वाल्से पाटिल और हसन मुशरिफ का नाम लेते हुए शरद पवार ने कहा कि पार्टी के कुछ नेता प्रवर्तन निदेशालय की जांच से घबराए हुए थे।

उन्होंने कहा, ‘‘आज का प्रकरण (उनकी पार्टी के विधायकों का शिंदे सरकार में शामिल होना) दूसरों के लिए नया हो सकता है, लेकिन मेरे लिए नहीं।’’

शरद पवार ने कहा कि उन्हें इस बात की चिंता नहीं है कि लोग चले गए हैं, बल्कि उन्हें उनके भविष्य की चिंता है।

शफीक दिलीप

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