देश की खबरें | मध्य प्रदेश में निकाय चुनावों में आप एवं एआईएमआईएम तीसरी राजनीतिक शक्ति के रूप में उभरी
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. मध्य प्रदेश में हाल ही में हुए स्थानीय निकाय चुनाव में आम आदमी पार्टी (आप) ने महापौर की एक एवं 40 पार्षद सीट जीतीं जबकि ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद उल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) ने सात पार्षद सीटों पर जीत दर्ज कर प्रदेश में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई।
भोपाल, 31 जुलाई मध्य प्रदेश में हाल ही में हुए स्थानीय निकाय चुनाव में आम आदमी पार्टी (आप) ने महापौर की एक एवं 40 पार्षद सीट जीतीं जबकि ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद उल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) ने सात पार्षद सीटों पर जीत दर्ज कर प्रदेश में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई।
इसी के साथ ये दोनों दल भी प्रदेश में तीसरी ताकत के रूप में उभर कर सामने आये हैं। अब तक प्रदेश में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) एवं समाजवादी पार्टी (सपा) ही तीसरी ताकत के रूप में जाने जाते थे।
हालांकि, प्रदेश में अब तक सत्तारूढ़ भाजपा एवं मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस की ही राजनीति रही है और स्थानीय निकाय चुनावों में भी इन्हीं दोनों पार्टियों का दबदबा रहा है।
अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली आप एवं असदुद्दीन ओवैसी के नेतृत्व वाली एआईएमआईएम के इस प्रदर्शन पर मध्य प्रदेश कांग्रेस ने दोनों पार्टियों को भाजपा की ‘बी-टीम’ करार दिया है।
अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली आप ने प्रदेश में अपने पहले ही नगरीय निकाय चुनाव में 6.3 प्रतिशत वोट शेयर हासिल करने का दावा किया है।
हालांकि, भाजपा और कांग्रेस राज्य में तीसरी ताकत के दावेदारों की बढ़ती संख्या से बेपरवाह दिखाई दे रही है।
आप के प्रदेश अध्यक्ष पंकज सिंह ने ‘पीटीआई-’ को बताया, ‘‘हमें शहरी निकाय चुनावों में 6.3 प्रतिशत वोट मिले। प्रदेश के कुल 14 नगर निगमों के लिए हुए महापौर पद के चुनाव में हमारी पार्टी का उम्मीदवार सिंगरौली से जीता और ग्वालियर एवं रीवा में हम तीसरे स्थान पर रहे। ग्वालियर में हमें लगभग 46,000 मत मिले।’’
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