वायनाड (केरल), 12 फरवरी केरल के पहाड़ी जिले वायनाड में बुधवार तड़के एक जंगली हाथी के हमले में 27 वर्षीय एक युवक की मौत हो गई। पुलिस ने यह जानकारी दी।
उसने बताया कि चूरामाला के समीप अट्टामाला की एक आदिवासी बस्ती में यह घटना हुई। इसी क्षेत्र में पिछले साल जुलाई में भूस्खलन में कई लोगों की जान चली गयी थी।
पुलिस ने बताया कि पीड़ित की पहचान आदिवासी समुदाय के सदस्य बालकृष्णन के रूप में हुई है।
उसने बताया कि समझा जाता है कि यह घटना बुधवार तड़के करीब तीन बजे हुई ।
इस बीच स्थानीय लोगों ने जंगली जानवरों के हमलों से उनकी रक्षा करने के लिए प्रशासन द्वारा कथित रूप से कदम नहीं उठाये जाने को लेकर विरोध प्रदर्शन किया।
उन्होंने तब तक शव को अस्पताल नहीं ले जाने दिया जब तक प्रशासन ने उन्हें यह आश्वासन नहीं दे दिया कि ऐसे हमलों को रोकने के लिए पर्याप्त कदम उठाये जायेंगे तथा जिस व्यक्ति की मौत हुई है, उसके परिवार को सहायता प्रदान की जाएगी।
लोगों ने बालकृष्णन के परिवार के लिए 10 लाख रुपये की अनुग्रह राशि, एक आश्रित को सरकारी नौकरी तथा अंतिम संस्कार में वित्तीय सहयोग की मांग की।
व्याथिरी तालुक के तहसीलदार ने बताया कि पहले कदम के तौर पर वन विभाग बुधवार को ही पीड़ित के परिजनों को पांच लाख रुपये सौंप देगा और जनजातीय विभाग अंतिम संस्कार के लिए सभी आवश्यक सहायता प्रदान करेगा।
उन्होंने संवाददाताओं को बताया कि शेष पांच लाख रुपये जल्द ही परिजनों को सौंप दिए जाएंगे।
इस आश्वासन के बाद प्रदर्शनकारियों ने शव को पोस्टमार्टम के लिए सुल्तान बाथरी के सरकारी अस्पताल ले जाने की अनुमति दे दी।
एक वन अधिकारी ने कहा कि वन क्षेत्र से सटे इलाकों में रहने वाले लोगों को प्रतिकूल स्थितियों में अपने घरों से बाहर नहीं निकलना चाहिए।
स्थानीय लोगों ने शिकायत की है कि जंगली हाथी अक्सर मुंदक्कई के रिहायशी इलाकों में घुस आते हैं और फसलों को नष्ट कर देते हैं। उन्होंने इस समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है।
इस जिले में केरल-तमिलनाडु सीमा पर नूलपुझा गांव के एक जंगल के बाहरी इलाके में जंगली हाथी के हमले में 45 वर्षीय एक व्यक्ति की मौत के एक दिन बाद यह घटना सामने आई है।
इस बीच, कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) के स्थानीय नेतृत्व ने बृहस्पतिवार को वायनाड जिले में हड़ताल का आह्वान किया है और राज्य सरकार पर जंगली जानवरों के हमलों से लोगों की सुरक्षा के लिए कदम उठाने में ‘विफल’ रहने का आरोप लगाया है।
यूडीएफ के जिला अध्यक्ष के के अहमद हाजी और संयोजक पी टी गोपाल कुरुप ने एक बयान में कहा कि इन हमलों के कारण लगातार हो रही जनहानि के बावजूद सरकार के निष्क्रिय रहने के विरोध में हड़ताल का आयोजन किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि आवश्यक सेवाएं तथा परीक्षा, शादियों एवं वार्षिक धार्मिक उत्सवों से जुड़ी यात्राओं को हड़ताल के दौरान छूट दी गयी है।
इस बीच केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता वी डी सतीशन ने कहा कि राज्य के ऊंचे इलाकों से चौंकाने वाली खबरों का आना जारी है।
उन्होंने कहा कि जंगल में पानी की कमी के कारण हाथी कथित तौर पर मानव बस्तियों में प्रवेश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि ऐसी स्थिति है तो जंगल में ही (हाथियों के वास्ते) भोजन-पानी का प्रबंध किया जाना चाहिए।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY