देश की खबरें | हिप्र में सहपाठियों के थप्पड़ जड़ने के लिए छात्रा को मजबूर करने वाली शिक्षिका के खिलाफ मामला दर्ज
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. हिमाचल प्रदेश के राजकीय बालिका विद्यालय की उस महिला शिक्षिका के खिलाफ मंगलवार को मामला दर्ज किया गया है, जिसने एक छात्रा को मजबूर किया कि वह अपनी उन सहपाठियों को थप्पड़ मारे जिन्होंने गलत उत्तर दिया। पुलिस ने यह जानकारी दी।
शिमला, 25 मार्च हिमाचल प्रदेश के राजकीय बालिका विद्यालय की उस महिला शिक्षिका के खिलाफ मंगलवार को मामला दर्ज किया गया है, जिसने एक छात्रा को मजबूर किया कि वह अपनी उन सहपाठियों को थप्पड़ मारे जिन्होंने गलत उत्तर दिया। पुलिस ने यह जानकारी दी।
पुलिस ने बताया कि 10 वर्षीय छात्र की शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 115 (2) (जानबूझ कर चोट पहुंचाना) और किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल और संरक्षण) अधिनियम, 2015 की धारा 75 (बच्चों के प्रति क्रूरता) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
शिकायतकर्ता के अनुसार, शिक्षिका ने छात्राओं को संस्कृत शब्दों के अर्थ याद करने के लिए दिए थे और उन्होंने सोमवार को कक्षा में छात्राओं से वही शब्द पूछे।
शिकायतकर्ता छात्रा कक्षा की ‘मॉनिटर’ भी थी और उसने सही उत्तर दिया, जबकि 10 से 12 अन्य छात्राएं सही उत्तर नहीं दे पाई, जिसके बाद शिक्षिका ने उससे कहा कि जो छात्राएं प्रश्न का उत्तर नहीं दे पाईं उन्हें वह थप्पड़ मारे।
छात्रा ने कहा कि उसने निर्देशों का पालन किया, लेकिन अपनी सहपाठियों को हल्के से थप्पड़ मारा। इसके बाद शिक्षिका ने शिकायतकर्ता को थप्पड़ मारा और उसे सहपाठियों को जोर से मारने के लिए कहा। शिक्षका ने छात्रा को डांटते हुए कहा, ‘‘तुम कक्षा की ‘मॉनिटर’ हो, तुम्हें थप्पड़ मारना भी नहीं आता’’।
शिकायतकर्ता ने बताया कि शिक्षिका के व्यवहार से वह डर गईं हैं। उसने बताया कि शिक्षिका अक्सर कहती हैं, ‘‘तुम अपने माता-पिता से जो चाहो कह सकती हो, कोई मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकता।’’
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