ताजा खबरें | बंगाल में 59 बसावट आर्सेनिक प्रभावित, मुहैया कराए गए सामुदायिक जल शुद्धिकरण संयंत्र : शेखावत
Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने सोमवार को राज्यसभा में कहा कि पश्चिम बंगाल में 59 बसावटों को आर्सेनिक संदूषण से प्रभावित बसावटों के रूप में चिह्नित किया गया है जहां अंतरिम उपाय के तहत सामुदायिक जल शुद्धिकरण संयंत्र (सीडब्ल्यूपीपी) उपलब्ध कराए गए हैं।
नयी दिल्ली, चार दिसंबर केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने सोमवार को राज्यसभा में कहा कि पश्चिम बंगाल में 59 बसावटों को आर्सेनिक संदूषण से प्रभावित बसावटों के रूप में चिह्नित किया गया है जहां अंतरिम उपाय के तहत सामुदायिक जल शुद्धिकरण संयंत्र (सीडब्ल्यूपीपी) उपलब्ध कराए गए हैं।
शेखावत ने कहा कि सरकार देशभर में आर्सेनिक संदूषण से प्रभावित बसावटों की समस्य को दूर करने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में जल जीवन मिशन- एकीकृत प्रबंधन सूचना प्रणाली (जेजेएम-आईएमआईएस) में 29 नवंबर 2023 तक 59 बसावटों को आर्सेनिक संदूषण से प्रभावित बसावटों के तौर पर चिह्नित किया गया है। उन्होंने कहा कि इन सभी बसावटों में अंतरिम उपाय के रूप में सीडब्ल्यूपीपी उपलब्ध कराए गए हैं।
उन्होंने कहा कि पंजाब में आर्सेनिक संदूषण से प्रभावित बसावटों की संख्या 319 है। उन्होंने कहा कि देश में पहले 16 प्रतिशत घरों तक पीने का स्वच्छ पानी पहुंचता था लेकिन 2019 के बाद नरेन्द्र मोदी सरकार के प्रयासों से अब 71 प्रतिशत घरों तक स्वच्छ पेयजल पहुंच रहा है।
शेखावत ने कहा कि भारत में पहले पीने के पानी की जांच के लिए कोई व्यवस्था या ‘प्रोटोकॉल’ नहीं था लेकिन अब इसके लिए व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि सुरक्षित जल की सुनिश्चित आपूर्ति के लिए, पेयजल गुणवत्ता परीक्षण प्रयोगशालाओं पर जोर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि ताजा सूचना के अनुसार, देश में विभिन्न स्तरों पर 2,111 पेयजल गुणवत्ता परीक्षण प्रयोगशालाएं हैं जिनमें से 1,324 प्रयोगशालाएं राष्ट्रीय परीक्षण और अंशांकन प्रयोगशाला प्रत्यायन बोर्ड (एनएबीएल) से मान्यता प्राप्त हैं। इसके अलावा करीब 23 लाख महिलाओं को जल परीक्षण के लिए विषेष तौर पर प्रशिक्षित किया गया है।
शेखावत ने कहा कि पानी राज्य का विषय है और इसलिए सभी ग्रामीण परिवारों को स्वच्छ और पर्याप्त मात्रा में नल जल उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी राज्य सरकारों की है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार प्रत्येक ग्रामीण परिवार को पीने योग्य नल जल की आपूर्ति के लिए राज्यों के साथ भागीदारी में 2019 से जल जीवन मिशन (जेजेएम) - हर घर जल का क्रियान्वयन कर रही है।
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